{"_id":"59f239dc4f1c1b97678b788e","slug":"life-imprisonment-for-four-kidnappers","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार अपहरणकर्ताओं को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चार अपहरणकर्ताओं को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एफटीसी थर्ड ने प्लाट कब्जाने के लिए किए गए युवक के अपहरण के जुर्म में चार लोगों को आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। खतौली कोतवाली पर हरसौली के रामकिशन ने 25 मई 2009 को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके चचेरे भाई मंगता उर्फ देवीदत्त का प्लाट खतौली के जमना विहार में है।
मंगता का फुफेरा भाई गणेशपुरी खतौली निवासी ओमपाल उर्फ बोबी पुत्र महेंद्र सिंह इस प्लॉट को लेना चाहता था, मगर पैसा नहीं देना चाहता था, जिसको देने के लिए परिवारजनों व मंगता उर्फ देवीदत्त ने मना कर दिया था। इस कारण ओमपाल उर्फ बॉबी अपने ममेरे भाई मंगता को रास्ते से हटाना चाहता था। इसी षड्यंत्र के तहत 15 मई को ओमपाल उर्फ बोबी अपने साथियों मुरारी सुनार, संजय उर्फ संजू और विनोद सैनी निवासीगण खतौली मंगता उर्फ देवीदत्त को बिजली का कार्य हेतू बुलाकर ले गए थे, मगर वह लौटकर नहीं आया, तभी से मंगता गायब है।
वादी ने आशंका जताई थी कि उसके भाई का अपहरण कर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की, जिसमें अभियुक्तों ने अपहरण करना स्वीकार करते हुए हत्या करना बताया था, मगर पुलिस अपहृत की लाश बरामद नहीं कर सकी थी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे मनोज कुमार मिश्रा की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में हुई। जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में पांच गवाह और सबूत पेश किए।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त ओमपाल उर्फ बोबी, मुरारी सुनार, संजय उर्फ संजू और विनोद सैनी को अपहरण करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार का जुर्माने की सजा सुनाई है।
ममेरे भाई का प्लाट कब्जाने को की थी हत्या
मुजफ्फरनगर। हरसौली निवासी मंगता, उम्रकैद की सजा पाने वाले ओमपाल उर्फ बॉबी का सगा मामा का लड़का था। वह हरसौली में अपनी मकान बेचकर खतौली में आया था और जमना विहार में एक प्लाट लेकर मकान बनाया था। इसी प्लाट को बॉबी हथियाना चाहता था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मंगता का अपहरण कर उसकी गला दबाकर हत्या की और बाद में शव को मोहननगर ले जाकर हिंडन नदी में फेंक दिया था।
आज तक नहीं मिला मंगता का शव
मुजफ्फरनगर। मंगता के अपहरण का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने बॉबी और उसके तीनों साथियों को गिरफ्तार करके कड़ी पूछताछ की थी। तब बॉबी आदि ने बताया था कि मंगता प्लाट देना नहीं चाहता था, इसलिए उसकी हत्या कर शव हिंडन नदी में फेंक दिया था। मंगता घर का इकलौता चिराग था, उसके मरने पर प्लॉट पर वह कब्जा कर लेता, इसलिए उसे मारा था। पुलिस ने उक्त सभी को साथ लेकर मोहननगर जाकर हिंडन नदी में शव की तलाश की, मगर कोई सफलता नहीं मिल सकी।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर भी आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर दो बार फिर से हिंडन नदी को खंगाला, मगर उसकी लाश नहीं मिल सकी। आज तक मंगता की लाश का कुछ पता नहीं चल सका। जिस कारण पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण के मामले में ही चार्जशीट दी थी। कोर्ट ने अपहरण के मामले में ही चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
मंगता का फुफेरा भाई गणेशपुरी खतौली निवासी ओमपाल उर्फ बोबी पुत्र महेंद्र सिंह इस प्लॉट को लेना चाहता था, मगर पैसा नहीं देना चाहता था, जिसको देने के लिए परिवारजनों व मंगता उर्फ देवीदत्त ने मना कर दिया था। इस कारण ओमपाल उर्फ बॉबी अपने ममेरे भाई मंगता को रास्ते से हटाना चाहता था। इसी षड्यंत्र के तहत 15 मई को ओमपाल उर्फ बोबी अपने साथियों मुरारी सुनार, संजय उर्फ संजू और विनोद सैनी निवासीगण खतौली मंगता उर्फ देवीदत्त को बिजली का कार्य हेतू बुलाकर ले गए थे, मगर वह लौटकर नहीं आया, तभी से मंगता गायब है।
विज्ञापन
वादी ने आशंका जताई थी कि उसके भाई का अपहरण कर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की, जिसमें अभियुक्तों ने अपहरण करना स्वीकार करते हुए हत्या करना बताया था, मगर पुलिस अपहृत की लाश बरामद नहीं कर सकी थी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे मनोज कुमार मिश्रा की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में हुई। जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में पांच गवाह और सबूत पेश किए।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त ओमपाल उर्फ बोबी, मुरारी सुनार, संजय उर्फ संजू और विनोद सैनी को अपहरण करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार का जुर्माने की सजा सुनाई है।
ममेरे भाई का प्लाट कब्जाने को की थी हत्या
मुजफ्फरनगर। हरसौली निवासी मंगता, उम्रकैद की सजा पाने वाले ओमपाल उर्फ बॉबी का सगा मामा का लड़का था। वह हरसौली में अपनी मकान बेचकर खतौली में आया था और जमना विहार में एक प्लाट लेकर मकान बनाया था। इसी प्लाट को बॉबी हथियाना चाहता था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मंगता का अपहरण कर उसकी गला दबाकर हत्या की और बाद में शव को मोहननगर ले जाकर हिंडन नदी में फेंक दिया था।
आज तक नहीं मिला मंगता का शव
मुजफ्फरनगर। मंगता के अपहरण का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने बॉबी और उसके तीनों साथियों को गिरफ्तार करके कड़ी पूछताछ की थी। तब बॉबी आदि ने बताया था कि मंगता प्लाट देना नहीं चाहता था, इसलिए उसकी हत्या कर शव हिंडन नदी में फेंक दिया था। मंगता घर का इकलौता चिराग था, उसके मरने पर प्लॉट पर वह कब्जा कर लेता, इसलिए उसे मारा था। पुलिस ने उक्त सभी को साथ लेकर मोहननगर जाकर हिंडन नदी में शव की तलाश की, मगर कोई सफलता नहीं मिल सकी।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर भी आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर दो बार फिर से हिंडन नदी को खंगाला, मगर उसकी लाश नहीं मिल सकी। आज तक मंगता की लाश का कुछ पता नहीं चल सका। जिस कारण पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण के मामले में ही चार्जशीट दी थी। कोर्ट ने अपहरण के मामले में ही चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।