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भोकरहेड़ी में भट्ठा मालिक की गोली मारकर हत्या, बदमाशों ने रात में वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:43 AM IST
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घटनास्थल पर जांच करने पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बदमाशों ने भोकरहेड़ी के पास ईंट भट्टा मालिक जितेंद्र (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को शव के पास शराब की बोतलें और अन्य सामान पड़ा मिला है। पुलिस को घटना के पीछे किसी नजदीकी का हाथ होने का संदेह है। मृतक के पुत्र ने अज्ञात में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जितेंद्र थाना भोपा क्षेत्र के गांव वजीराबाद का रहने वाला और मोरना-भोकरहेड़ी मार्ग पर स्थित शिव ब्रिक फील्ड ईंट भट्टे में पार्टनर था। रविवार शाम को वह घर से भट्ठे पर जाने को कहकर निकला था। सोमवार सुबह भट्ठे के पीछे वजीराबाद के जंगल में स्थित ट्यूबवेल के पास भट्ठे के मुनीम प्रेम ने जितेंद्र के शव को खून से लथपथ पड़ा देखा। मुनीम ने परिजनों इसकी जानकारी दी। जितेंद्र की दाई कनपटी और गर्दन के नीचे बाई ओर सटाकर गोली मारी गई, दूसरी गोली सीने से सटाकर मारी गई।
शव के पास ही उसकी नई बाइक पड़ी हुई मिली है। परिवारीजनों का कहना है कि वह अक्सर रात में भट्ठे पर ही रुक जाता था। हत्या की सूचना पर सीओ रिजवान अहमद ने भी मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ ने हत्याकांड की जांच पड़ताल कराने को डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को बुलवाकर जांच पड़ताल कराई। डॉग घटनास्थल से 500 मीटर की दूरी पर गांव के नजदीक जंगल में मोनू पुत्र विरेंद्र की ट्यूबवेल पर जाकर रुक गया।
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बताया जा रहा है कि इस भट्टे में तीन पार्टनर त्रिपाल, जगत और सुरेश थे, लगभग सात वर्ष पूर्व गांव वजीराबाद निवासी त्रिपाल की मौत हो गई थी। जितेंद्र उन्हीं का बेटा था। जितेंद्र के अलावा परिवार उसके तीन भाई देवेंद्र, सतेंद्र, और नीटू हैं। चारों भाई परिवार की 60 बीघा जमीन पर खेती करने के साथ संयुक्त रूप से कारोबार की देखभाल भी कर रहे थे। जितेंद्र अलग से ट्रांसपोर्ट के कार्य को भी संभाल रहा था। सीओ का कहना है कि अभी हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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जितेंद्र थाना भोपा क्षेत्र के गांव वजीराबाद का रहने वाला और मोरना-भोकरहेड़ी मार्ग पर स्थित शिव ब्रिक फील्ड ईंट भट्टे में पार्टनर था। रविवार शाम को वह घर से भट्ठे पर जाने को कहकर निकला था। सोमवार सुबह भट्ठे के पीछे वजीराबाद के जंगल में स्थित ट्यूबवेल के पास भट्ठे के मुनीम प्रेम ने जितेंद्र के शव को खून से लथपथ पड़ा देखा। मुनीम ने परिजनों इसकी जानकारी दी। जितेंद्र की दाई कनपटी और गर्दन के नीचे बाई ओर सटाकर गोली मारी गई, दूसरी गोली सीने से सटाकर मारी गई।
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शव के पास ही उसकी नई बाइक पड़ी हुई मिली है। परिवारीजनों का कहना है कि वह अक्सर रात में भट्ठे पर ही रुक जाता था। हत्या की सूचना पर सीओ रिजवान अहमद ने भी मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ ने हत्याकांड की जांच पड़ताल कराने को डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को बुलवाकर जांच पड़ताल कराई। डॉग घटनास्थल से 500 मीटर की दूरी पर गांव के नजदीक जंगल में मोनू पुत्र विरेंद्र की ट्यूबवेल पर जाकर रुक गया।
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बताया जा रहा है कि इस भट्टे में तीन पार्टनर त्रिपाल, जगत और सुरेश थे, लगभग सात वर्ष पूर्व गांव वजीराबाद निवासी त्रिपाल की मौत हो गई थी। जितेंद्र उन्हीं का बेटा था। जितेंद्र के अलावा परिवार उसके तीन भाई देवेंद्र, सतेंद्र, और नीटू हैं। चारों भाई परिवार की 60 बीघा जमीन पर खेती करने के साथ संयुक्त रूप से कारोबार की देखभाल भी कर रहे थे। जितेंद्र अलग से ट्रांसपोर्ट के कार्य को भी संभाल रहा था। सीओ का कहना है कि अभी हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।