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विक्की मर्डर में सीओ और इंस्पेक्टर समेत सात को क्लीनचिट 

Fri, 24 Feb 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 24 Feb 2017 12:32 AM IST
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Including CO and seven clean chit to Inspector
विक्की का हत्यारोपी सागर मलिक (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला

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दो साल पहले कोर्ट के कटघरे में कुख्यात विक्की त्यागी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दिए जाने के चर्चित मामले में सीबीसीआईडी ने सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीओ अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर सचिन मलिक समेत सात आरोपियों को क्लीनचिट दे दी गई है, जबकि कांग्रेसी नेता रंजनवीर सिंह और वीरेंद्र को आरोपी ठहराया गया है। विक्की का मुख्य हत्यारोपी सागर मलिक इन दिनों वाराणसी जेल में बंद है।       

16 फरवरी 2015 को मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में अधिवक्ता के भेष में आए सागर मलिक ने कटघरे में खड़े कुख्यात अपराधी विक्की त्यागी की दुस्साहसिक तरीके से गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। सागर मलिक शामली जिले के बहावड़ी गांव का मूल निवासी है। विक्की हत्याकांड के बाद त्यागी समाज ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना दिया था। चरथावल के पावटी कलां गांव निवासी विक्की की मां सुप्रभा त्यागी ने हत्या की साजिश में 11 लोगों को नामजद किया था।
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मामले में आरोपियों ने भी शासन स्तर पर सीबीसीआईडी जांच की मांग की थी। गृह विभाग ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी थी। सहारनपुर डीआईजी जेके शाही ने सीबीसीआईडी एसपी रहते हुए मामले की जांच प्रारंभ की थी। डेढ़ साल की जांच के बाद बृहस्पतिवार को सीबीसीआईडी ने कोर्ट में दो आरोपियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। कांग्रेसी नेता बधाईखुर्द निवासी रंजनवीर सिंह और वीरेंद्र को विक्की हत्याकांड में आरोपी बनाया है।
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सागर मलिक और ब्रजबीर सिंह पहले से मामले में आरोपी हैं, जो वाराणसी और मुजफ्फरनगर की जेल में बंद हैं। सीबीसीआईडी ने जांच में आरोपी बनाए गए सीओ अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर सचिन मलिक, विकास, ब्रजबीर, राजबीर, रामबीर और सोनिया सिंह को क्लीनचिट दी है। सीबीसीआईडी ने सागर के भाई सौरभ मलिक, विकास, शाहनजर, पिंटू बालियान और सईद मुल्ला को भी वारदात में दोषी पाया है। विक्की को मारने की योजना की परतें जांच में खुली तो कई लोगों के नाम बाद में सामने आए।

चरथावल ब्लाक प्रमुख पद को लेकर पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह से विक्की त्यागी की दुश्मनी ठन गई थी। विक्की अपराध की दुनिया से किनारा कर राजनीति में चमकना चाहता था। अदावत इतनी बढ़ी कि बधाई खुर्द निवासी पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर आ रहे थे। रोहाना क्षेत्र में सहारनपुर हाईवे पर ट्रक ने जीप में टक्कर मारकर चेयरमैन उदयवीर सहित परिवार के नौ सदस्यों को मौत की नींद सुला दिया था। इस हत्याकांड में विक्की और उसकी पत्नी मीनू त्यागी, सुशील शुक्ला आदि को नामजद किया गया था।       

मेरठ में तैनात हैं सीओ, इंस्पेक्टर
मुजफ्फरनगर। कोर्ट में विक्की की हत्या के बाद मौका ए वारदात पर पहुंचे सीओ अनुज चौधरी आरोपों के घेरे में आ गए थे। दरोगा सचिन मलिक और सिपाही विकास के विरुद्ध भी विक्की की मां ने साजिश में शामिल रहने का आरोप लगाया था। सीबीसीआईडी ने अपनी जांच में विक्की हत्याकांड में सभी पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट दी है। बताते चलें कि बढ़ेडी गांव निवासी अनुज चौधरी ओलंपियन पहलवान हैं, जो मानचेस्टर और दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में देश के लिए सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। वर्तमान में उनकी मेरठ पीएसी में तैनाती है। इसके अलावा दरोगा सचिन मलिक अब इंस्पेक्टर हो गए हैं, जो इन दिनों मेरठ के टीपीनगर थाने के इंचार्ज हैं।  

विस चुनाव लड़ना चाहते थे रंजनवीर      
मुजफ्फरनगर। विक्की मर्डर केस में आरोपी बनाए गए रंजनवीर सिंह अधिवक्ता हैं। छात्र राजनीति से जुड़े रंजनवीर चरथावल विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। सपा-कांग्रेस गठबंधन में यह सीट सपा के हिस्से में चली गई और उनका चुनाव लड़ने का सपना अधूरा रह गया। रंजनवीर पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह के भतीजे हैं।       

वकील के भेष में कोर्ट में दाखिल हुआ था सागर 
मुजफ्फरनगर। वकील के भेष में भरी अदालत में सागर मलिक फाइलों के बीच पिस्टल छुपाकर दाखिल हुआ था। इससे पहले कि कटघरे में खड़ा विक्की कुछ समझ पाता सागर ने पिस्टल से उसे छलनी कर दिया। पुलिस अभिरक्षा में विक्की सुनवाई के लिए कचहरी आया था। विक्की जैसे कुख्यात को मारने के बाद भी सागर के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। पुलिस फोर्स को देखते ही उसने आत्म समर्पण कर दिया था। हत्या के बाद से ही वह वाराणसी जेल में बंद है।


छोटी उम्र में ही अपराध की डगर पर निकले सागर मलिक ने शामली के बहावड़ी गांव में प्रधानी की रंजिश में  देवेंद्र की मुजफ्फरनगर कचहरी में ही हत्या कर दी थी। शहर की आर्यपुरी में स्थित बाल सुधार गृह से वह अपने भाई सौरभ के साथ फरार हो गया था। पुलिस उसे तलाश नहीं पाई थी। अचानक विक्की की हत्या के वक्त वह सामने आया था। घटना को अंजाम देने से पहले उसने नईमंडी कोतवाली इलाके में कमरा किराए पर लेकर फूलप्रुफ योजना बनाई थी। आबादी से दूर लिए गए मकान में वह पिस्टल से निशाना साधने का अभ्यास करता था।          
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