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महिमा आत्महत्या प्रकरण: पिता देवप्रकाश के खुलासे ने किया शर्मसार
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 05 Mar 2017 11:34 PM IST
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परिवार के साथ आपबीती सुनाता महिमा का पिता।
- फोटो : अमर उजाला
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महिमा आत्महत्या मामले में दंबगों का शर्मनाक चेहरा भी सामने आया है। मृतका के पिता देवप्रकाश ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे। लखनऊ में बंधक बनाए जाने के दौरान मुख्य आरोपी युधिष्ठिर की मौजूदगी में तथाकथित क्राइम ब्रांच टीम ने अश्लील वीडियो दिखाकर देवप्रकाश को उसी तरह पत्नी और बेटी की इज्जत तार-तार करने की धमकी दी थी। खौफजदा पिता गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा।
कानून से बेखौफ दबंगों ने ब्लू रिवोलेशन कंपनी के सुपरवाइजर देव प्रकाश पुत्र रामस्वरुप विश्वकर्मा से मछली बिक्री के भुगतान के लूटे गए साढे चार लाख रूपयों की वसूली के लिए सारी हदें पार कर दी थी। इस मामले में दबंगों और आरोपियों का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। आरोपियों की पकड़ से मुक्त हुए महिमा के पिता देव प्रकाश ने कैमरे के सामने जो सनसनी खेज खुलासा किया है, उसे सुनकर इंसानियत शर्मसार हो गई है।
सियासी संरक्षण में आरोपियों ने लखनऊ क्राइम ब्रांच की मदद से बंधक बनाए गए पिता देव प्रकाश, बेटा अक्षय और दोस्त अरुण गुर्जर की पिटाई कराई, यातनाएं दी और मानसिक उत्पीडऩ करने के लिए बेहयाई की हदे लांघ दी। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजबीर विश्वकर्मा के समक्ष महिमा के पिता देव प्रकाश ने बताया कि आरोपी युधिष्ठिर पहलवान आदि के साथ तथाकथित क्राइम ब्रांच के लोगों ने उसे अश्लील वीडियो दिखाकर प्रताडित किया।
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बकौल देवप्रकाश, वीडियो दिखाने के बाद आरोपियों ने कहा कि तेरी पत्नी और बेटी से ऐसा ही कृत्य किया जाएगा। पत्नी और बेटी के बारे में शर्मनाक बातें बोली गईं। देव प्रकाश ने कहा कि पैसे तो नहीं थे, और मन ने ठान लिया कि इससे बेहतर है कि मैं तो मर जाऊं। आरोपी युधिष्ठिर की गाड़ी में रखे थैले में चाकू रखा था। मुझे जैसे ही मौका मिला, मैने अपने गले में चाकू मार लिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने लखनऊ के सिविल हास्पिटल में भेज दिया।
डॉक्टरों ने कहा कि इनके गले में गहरा घाव है, जिस पर युधिष्ठिर पहलवान बोला कि बस टांके लगा दो। क्राइम ब्रांच की यातनाओं का दर्द बयान करते हुए उसने बताया कि 12 फरवरी को एसएसपी लखनऊ आवास कैंप से हमें पहले गाड़ी में पीटा गया, फिर एक थाने की ऊपरी मंजिल में अलग-अलग कमरों में बेरहमी से पीटा गया। बेटे अक्षय को डंडों से ज्यादा मारा गया। लाचारी और बेबसी में छोड़ देने की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी को दया नहीं आई।
किसके इशारे पर सक्रिय हुई लखनऊ क्राइम ब्रांच
मुजफ्फरनगर। लखनऊ की क्राइम ब्रांच ने किसके इशारे पर आरोपी युधिष्ठिर का साथ दिया। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को वादी संजू देवी ने मामले की जांच के लिए जो प्रार्थनापत्र भेजा है, उसमें क्राइम ब्रांच की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। आयोग सदस्य राजबीर विश्वकर्मा ने बताया कि नौ मार्च को इंदिरा भवन लखनऊ में आयोग कार्यालय पर अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा की अध्यक्षता में महिमा सुसाइड केस को लेकर बैठक की जाएगी।
सवाल यह भी है कि मुख्य आरोपी युधिष्ठिर की मौजूदगी में कैसे पिता देवप्रकाश और पुत्र अक्षय की पिटाई की गई। यदि उन पर लूट का शक था तो उन्हे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना चाहिए था। बताते चले कि सात फरवरी को लखनऊ की दुबग्गा मंडी के सूरज सिंह आढती से मछली बिक्री का भुगतान लेकर झांसी के लिए चले कंपनी के सुपरवाइजर देव प्रकाश से साढे चार लाख रूपये जहरखुरानी गिरोह ने लूट लिए थे।
दबंगों पर छाई थी टशन की खुमारी
मुजफ्फरनगर। दबंगों पर टशन की खुमारी इस कदर छाई थी कि महिमा विश्वकर्मा के दाह संस्कार के दौरान ही आरोपी देव प्रकाश को जबरदस्ती साथ ले गए। उसका कहना है कि मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा के पास उसे रखा गया था। बेटी के मौत के बाद उसकी अस्थियों के फूल चुनने के लिए वह युधिष्ठिर के पैरों पर गिरकर गिड़गिडाय़ा, लेकिन उसे छोड़ा नहीं गया।
कई बार आरोपी अपने साथ लखनऊ और इलाहाबाद लेकर गए। पुलिस और कोर्ट में क्या बयान देने है, इसके लिए भी उसे पहले रिहर्सल कराई गई थी। फिलहाल मुख्य आरोपी युधिष्ठिर जिला कारागार में बंद है। अन्य आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। सोमवार को पुलिस मृतका की मां संजू देवी के कोर्ट में 164 के बयान करा सकती है।
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कानून से बेखौफ दबंगों ने ब्लू रिवोलेशन कंपनी के सुपरवाइजर देव प्रकाश पुत्र रामस्वरुप विश्वकर्मा से मछली बिक्री के भुगतान के लूटे गए साढे चार लाख रूपयों की वसूली के लिए सारी हदें पार कर दी थी। इस मामले में दबंगों और आरोपियों का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। आरोपियों की पकड़ से मुक्त हुए महिमा के पिता देव प्रकाश ने कैमरे के सामने जो सनसनी खेज खुलासा किया है, उसे सुनकर इंसानियत शर्मसार हो गई है।
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सियासी संरक्षण में आरोपियों ने लखनऊ क्राइम ब्रांच की मदद से बंधक बनाए गए पिता देव प्रकाश, बेटा अक्षय और दोस्त अरुण गुर्जर की पिटाई कराई, यातनाएं दी और मानसिक उत्पीडऩ करने के लिए बेहयाई की हदे लांघ दी। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजबीर विश्वकर्मा के समक्ष महिमा के पिता देव प्रकाश ने बताया कि आरोपी युधिष्ठिर पहलवान आदि के साथ तथाकथित क्राइम ब्रांच के लोगों ने उसे अश्लील वीडियो दिखाकर प्रताडित किया।
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बकौल देवप्रकाश, वीडियो दिखाने के बाद आरोपियों ने कहा कि तेरी पत्नी और बेटी से ऐसा ही कृत्य किया जाएगा। पत्नी और बेटी के बारे में शर्मनाक बातें बोली गईं। देव प्रकाश ने कहा कि पैसे तो नहीं थे, और मन ने ठान लिया कि इससे बेहतर है कि मैं तो मर जाऊं। आरोपी युधिष्ठिर की गाड़ी में रखे थैले में चाकू रखा था। मुझे जैसे ही मौका मिला, मैने अपने गले में चाकू मार लिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने लखनऊ के सिविल हास्पिटल में भेज दिया।
डॉक्टरों ने कहा कि इनके गले में गहरा घाव है, जिस पर युधिष्ठिर पहलवान बोला कि बस टांके लगा दो। क्राइम ब्रांच की यातनाओं का दर्द बयान करते हुए उसने बताया कि 12 फरवरी को एसएसपी लखनऊ आवास कैंप से हमें पहले गाड़ी में पीटा गया, फिर एक थाने की ऊपरी मंजिल में अलग-अलग कमरों में बेरहमी से पीटा गया। बेटे अक्षय को डंडों से ज्यादा मारा गया। लाचारी और बेबसी में छोड़ देने की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी को दया नहीं आई।
किसके इशारे पर सक्रिय हुई लखनऊ क्राइम ब्रांच
मुजफ्फरनगर। लखनऊ की क्राइम ब्रांच ने किसके इशारे पर आरोपी युधिष्ठिर का साथ दिया। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को वादी संजू देवी ने मामले की जांच के लिए जो प्रार्थनापत्र भेजा है, उसमें क्राइम ब्रांच की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। आयोग सदस्य राजबीर विश्वकर्मा ने बताया कि नौ मार्च को इंदिरा भवन लखनऊ में आयोग कार्यालय पर अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा की अध्यक्षता में महिमा सुसाइड केस को लेकर बैठक की जाएगी।
सवाल यह भी है कि मुख्य आरोपी युधिष्ठिर की मौजूदगी में कैसे पिता देवप्रकाश और पुत्र अक्षय की पिटाई की गई। यदि उन पर लूट का शक था तो उन्हे मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना चाहिए था। बताते चले कि सात फरवरी को लखनऊ की दुबग्गा मंडी के सूरज सिंह आढती से मछली बिक्री का भुगतान लेकर झांसी के लिए चले कंपनी के सुपरवाइजर देव प्रकाश से साढे चार लाख रूपये जहरखुरानी गिरोह ने लूट लिए थे।
दबंगों पर छाई थी टशन की खुमारी
मुजफ्फरनगर। दबंगों पर टशन की खुमारी इस कदर छाई थी कि महिमा विश्वकर्मा के दाह संस्कार के दौरान ही आरोपी देव प्रकाश को जबरदस्ती साथ ले गए। उसका कहना है कि मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा के पास उसे रखा गया था। बेटी के मौत के बाद उसकी अस्थियों के फूल चुनने के लिए वह युधिष्ठिर के पैरों पर गिरकर गिड़गिडाय़ा, लेकिन उसे छोड़ा नहीं गया।
कई बार आरोपी अपने साथ लखनऊ और इलाहाबाद लेकर गए। पुलिस और कोर्ट में क्या बयान देने है, इसके लिए भी उसे पहले रिहर्सल कराई गई थी। फिलहाल मुख्य आरोपी युधिष्ठिर जिला कारागार में बंद है। अन्य आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। सोमवार को पुलिस मृतका की मां संजू देवी के कोर्ट में 164 के बयान करा सकती है।