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सुजडू के जंगल में तमंचा फैक्ट्री पकड़ी, हथियार तस्कर खलील और आकिल दबोचे

Thu, 07 Dec 2017 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Thu, 07 Dec 2017 11:55 PM IST
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Caught pistol factory
पकड़े गए बदमाशों के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
कोतवाली पुलिस ने सुजडू गांव के जंगल में छापा मारकर तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से हथियार तस्करों को पकड़ने के साथ तमंचे और उपकरण बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बाजार में सप्लाई के लिए तमंचा तैयार करना कबूला है। पकड़े गए दोनों तस्करों को जेल भेज दिया है।
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एसपी सिटी ओमबीर सिंह के मुताबिक जनपद में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार तैयार होने की सूचनाएं मिल रही थीं। जिस पर पुलिस को अलर्ट किया गया। बुधवार को कोतवाली पुलिस के एआई नेत्रपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र प्रसाद वशिष्ठ के नेतृत्व में गांव सुजडू के जंगल में छापा मारा। टीम ने जंगल में चल रही तमंचा बनाने की अवैध फैक्ट्री को पकड़ा है।
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मौके से आकिल पुत्र महफूज निवासी नासरान पट्टी जौला, बुढ़ाना और खलील पुत्र असगर रांगड निवासी काजियान छपार को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 5 तैयार तमंचे, एक अधबना और कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि यहां से अवैध रुप से तैयार तमंचों को बाजार में सप्लाई किया जाता है। बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया। पकड़ा गया खलील अवैध रूप से तमंचा बनाने और रखने के आरोप में पहले भी बुढ़ाना थाना से जेल जा चुका है।
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तस्करों से यह भी हुआ बरामद 
मुजफ्फरनगर। पुलिस ने दोनों हथियार तस्करों के कब्जे से हथौड़ा, घन, हैक्सा ब्लेड, पेंचकस, छैनी, दो वाक, ग्राइंडर मशीन, ड्रिल मशीन, चार नाल 315 बोर, 18 फायरिंग पिन, लोहे की राड समेत अनेक कई बारीक उपकरण बरामद किए गए हैं।

दो से पांच हजार में बिकता है मौत का सामान 
मुजफ्फरनगर। पकड़े गए तस्करों ने बताया कि मौत का यह सामान मेरठ, बुलंदशहर, बागपत के साथ हापुड़, शामली, बिजनौर, सहारनपुर में सप्लाई किया जाता है। बनाने के बाद तस्करी के लिए एक बिचौलिए की तलाश की जाती है। जो हथियारों की सप्लाई से जुड़ा होता है। उसके बाद इन्हें दो से पांच हजार रुपये में सप्लाई के लिए बाजार में उतार दिया जाता है।


गैंग की तलाश में लगी पुलिस 
मुजफ्फरनगर। यह गैंग ठिकाने बदलकर फैक्ट्री चलाते हैं, जहां तमंचों के साथ पिस्टल तक तैयार होती है। पुलिस को सुराग मिले हैं कि मीरापुर, रामराज-मवाना क्षेत्र में तमंचा बनाने की फैक्ट्री चल रही है। इनकी तलाश की जा रही है।
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