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आखिर किसकी राह का रोड़ा बना था राजा 

Thu, 06 Apr 2017 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 06 Apr 2017 12:35 AM IST
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After all, whose road was a barrier, Raja
घटनास्थल पर पहुंचे चेयरमैन पारस जैन की पिटाई करती पब्लिक। - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर के खतौली के भाजपा नेता राजा वाल्मीकि की हत्या की वजहों को पुलिस तलाशने में जुटी हुई है। पुलिस खतौली के चेयरमैन पारस जैन के अलावा दूसरे बिंदुओं को भी जांच का हिस्सा बनाए हुए हैं। मसलन, उसके कारोबार और राजनीतिक रंजिश को भी खंगाला जा रहा है। पारस जैन और मृतक के परिजनों के बीच कई सालों से विवाद चल रहा है। राजा के पिता बाबूलाल को पारस जैन के कारण ही जेल भी जाना पड़ा था।      
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खतौली के देवीदास मोहल्ला निवासी राजा वाल्मीकि की हत्या से हर कोई हैरान है। राजा की पहचान कुशल राजनीतिज्ञ के तौर पर होती थी। उनका अपना कारोबार है। कस्बे में मदर डेयरी का एजेंसी भी हैै। पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि आखिर राजा किसकी राह का रोड़ा बने हुए थे। राजा ने परिवार के अलावा किसी साथी से भी अपनी हत्या की आशंका जाहिर नहीं की थी। पुलिस राजा के मोबाइल की कॉल डिेटेल भी खंगाल रही है। पुलिस जांच में जुटी है कि वारदात से पहले किसी ने कॉल कर लोकेशन तो नहीं पूछी। पुलिस सर्विलांस की मदद भी ले रही है। वारदात से पहले और बाद में इलाके में कितने मोबाइल संचालित हुए, इसका भी डाटा निकलवाया जा रहा है। 
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पुलिस के मुताबिक पालिकाध्यक्ष पारस जैन और मृतक के परिवार से जुड़े सभी मामलों की खोजबीन की जा रही है। कांग्रेसी नेता इजहार अहमद की ओर से खतौली कोतवाली में दर्ज कराए गए फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के मुकदमे में पारस जैन के अलावा तत्कालीन ईओ एके राय को नामजद कराया गया था। पुलिस ने जांच की तो इन दोनों के अलावा पारस के पिता संजय जैन, चाचा पंकज जैन, परिचित चरणदास, राकेश जैन, पालिका के लिपिक श्रीकृष्ण और सफाई नायक बाबूलाल (मृतक राजा वाल्मीकि का पिता) के नाम प्रकाश में आए, क्योंकि इन प्रमाण पत्र पर इन्हीं के हस्ताक्षर और शपथपत्र संलग्न थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2015 को चेयरमैन के पिता संजय जैन, श्रीकृष्ण और बाबूलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि बाकी ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। 
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जमानत पर छूटकर आने के बाद बाबूलाल ने तमाम अधिकारियों और कोर्ट में इस बात को शपथ पत्र दिया था कि चेयरमैन के पिता ने उसे घर पर बुलाकर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी देकर फर्जी प्रमाण-पत्रों पर उसके साइन करवाए थे। बाबूलाल के मुखर होने पर पारस जैन ने राजा वाल्मीकि के भाई सफाई नायक राणा प्रताप को निलंबित कर दिया था, जिससे इनके बीच विवाद और गहरा गया था। पुलिस भी राजा वाल्मीकि हत्याकांड में इन बिंदुओं को शामिल कर जांच में जुटी है।      


सुप्रीम कोर्ट में तीन जुलाई को होनी है गवाही      
मुजफ्फरनगर। हाजी इजहार की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में पारस जैन आदि ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है, जिसके विरुद्ध हाजी इजहार अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इस याचिका में बाबूलाल गवाह हैं और तीन जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में उसकी गवाही होनी है। बाबूलाल ने पहले ही अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पारस जैन पक्ष से अपने और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकी मिल रही थी।      

 
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