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दुकानों में चोरी करने वाला गैंग पकड़ा 

Wed, 13 Jul 2016 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 13 Jul 2016 12:54 AM IST
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A gang caught stealing in stores
अपराध - फोटो : अमर उजाला
नई मंडी कोतवाली पुलिस दुकानों में चोरी करने वाले एक गिरोह तक पहुंची है। एक बदमाश पुलिस ने पकड़ लिया, बाकी तीन भाग गए। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही है।
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पुलिस सोमवार देर रात पचेंड़ा पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका गया। उसमें से तीन युवक निकलकर भाग गए, जबकि एक को पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी दिलशाद उर्फ सफेदा पुत्र सुड्डा निवासी लद्दावाला है।
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पुलिस को उसके पास से एक गाड़ी, इंवर्टर और पांच बैटरे मिले हैं। आरोपी के पास से एक तमंचा 315 बोर और दो कारतूस भी मिले हैं। आरोपी ने बताया कि फरार आरोपी बबलू, खालिद, जावेद पुत्रगण शमशाद निवासी खालापार हैं। चारों मिलकर रात में दुकानों में चोरी करते हैं। 
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बताया कि चरथावल में 25 जून की रात एक दुकान फाड़कर उसके भीतर से 19 बैटरे और आधा दर्जन इंवर्टर चोरी किए थे। पुरकाजी के एक लकड़ी आढ़ती की दो भैंस और गांधी कालोनी से एक भैंस चोरी की थी। तीन जून को मवाना से एक रेडीमेड की दुकान से कपड़ों की चोरी की थी। बदमाश को पकड़ने वाली टीम में दरोगा मनोज कुमार, शैली राणा, भगवत सिंह, अशोक खारी आदि मौजूद रहे।

चोरी के कपड़ों की ईद पर लगाई सेल
बदलते जमाने में चोरों ने भी अपने काम का स्टाइल चेंज कर दिया है। रेकी करने के बाद चोरी और फिर माल को गाड़ी में लादकर घर में रखना और कई दिन की चुप्पी के बाद माल को बेचा जाता था। यहां तो चोरों ने चोरी के कपड़ों की बकायदा सेल लगाई।

नई मंडी कोतवाली द्वारा पकड़े गए चोर ने बताया कि एक सदस्य रेकी कर बताता है कि फलां कस्बे में इस दुकान पर चोरी करनी है। रात मेल अपनी ही गाड़ी से चोरी के लिए पूरा गैंग निकलता है। टारगेट की गई दुकान के बाहर गाड़ी को खड़ी कर दुकान को ढक दिया जाता है और इसी बीच चोरी कर ली जाती है। चोरी के माल को गाड़ी में लादकर घर आ जाते हैं।


माल को घर में रखकर कई दिनों तक चुप्पी साध लेते थे। उसके बाद  ग्राहक की तलाश की जाती है। पहला माल पूरी तरह से बिकने के बाद अगली चोरी की तैयारी की जाती थी। रेकी और चोरी के बीच यदि मौके से किसी कारण से भागना पड़ जाए तो बाद में रास्ते में किसी के पशु को चोरी कर लेते थे। मवाना से रेडीमेड के कपड़ों की दुकान  से माल की चोरी के बाद आरोपियों ने घर में ही कपड़ों की सेल लगा रखी थी। आधे दामों पर चोरी के कपड़ों को बेचा जा रहा था।
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