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मकान मालिक कराएं किराएदारों का सत्यापन, नहीं तो होगी कार्रवाई
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देवबंद (सहारनपुर)। जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद मदरसा छात्रों को कमरे किराए पर देने वालों पर खुफिया एजेंसी के अधिकारी सख्त हो गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने मकान मालिकों को आदेश दिया है कि किराए पर रहने वाले लोगों का सत्यापन करा लें। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ समेत दूसरे छोटे मदरसों में इस्लामी तालीम हासिल करने के लिए देश के कोने कोने से छात्र यहां आते हैं। जो शैक्षिक संस्थानों में जगह न होने की वजह से किराए पर कमरे लेकर रह रहे हैं।
बृहस्पतिवार रात मोहल्ला खानकाह स्थित ईदगाह रोड पर नाज मंजिल से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के पकड़े जाने के बाद खुफिया विभाग के अधिकारी सख्त हो गए हैं। अधिकारियों ने किराए पर कमरे देने वाले मकान मालिकों को शीघ्र किराए पर रहने वाले छात्रों का सत्यापन कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसका पालन न करने वालों को अल्टीमेटम भी दिया है कि यदि वह शीघ्र सभी छात्रों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराकर सत्यापन नहीं कराते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों ने मकान मालिकों को किराएदारी से संबंधित रजिस्टर बनाने का आदेश भी दिया है। अधिकारियों ने कहा कि वह कभी भी आकर इसकी जांच कर सकते हैं।
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छात्रों के चार मोबाइल भी साथ ले गई एटीएस
देवबंद। नाज मंजिल में रहने वाले छात्रों ने बताया कि एटीएस छापेमारी के दौरान उनके मोबाइल भी अपने साथ ले गई। छात्रों के मुताबिक टीम चार छात्रों के मोबाइल फोन लेकर गई है।
खानकाह में एक और मदरसे में भी पहुंची एटीएस की टीम
देवबंद। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को गिरफ्तार करने आई एटीएस की टीम मोहल्ला खानकाह में ही एक अन्य मदरसे में भी पहुंची। दरअसल, टीम मदरसे में पढ़ने वाले ओडिशा निवासी अख्तर नामक छात्र को भी अपने साथ ले गई। अख्तर पढ़ाई तो उक्त मदरसे में करता है, लेकिन नाज मंजिल में किराये पर कमरा लेकर अपने भाई के साथ रहता है। उसके भाई ने बिल्डिंग के अंदर ही कपड़े का काम किया हुआ है। हालांकि मदरसे के मोहतमिम का कहना है कि उनके मदरसे में कोई भी कश्मीरी छात्र तालीम हासिल नहीं करता। टीम जिस छात्र को ले गई वो ओडिशा का रहने वाला है। जिसे गलती से कश्मीरी छात्र समझकर पकड़ा गया।
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दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ समेत दूसरे छोटे मदरसों में इस्लामी तालीम हासिल करने के लिए देश के कोने कोने से छात्र यहां आते हैं। जो शैक्षिक संस्थानों में जगह न होने की वजह से किराए पर कमरे लेकर रह रहे हैं।
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बृहस्पतिवार रात मोहल्ला खानकाह स्थित ईदगाह रोड पर नाज मंजिल से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के पकड़े जाने के बाद खुफिया विभाग के अधिकारी सख्त हो गए हैं। अधिकारियों ने किराए पर कमरे देने वाले मकान मालिकों को शीघ्र किराए पर रहने वाले छात्रों का सत्यापन कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसका पालन न करने वालों को अल्टीमेटम भी दिया है कि यदि वह शीघ्र सभी छात्रों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराकर सत्यापन नहीं कराते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों ने मकान मालिकों को किराएदारी से संबंधित रजिस्टर बनाने का आदेश भी दिया है। अधिकारियों ने कहा कि वह कभी भी आकर इसकी जांच कर सकते हैं।
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छात्रों के चार मोबाइल भी साथ ले गई एटीएस
देवबंद। नाज मंजिल में रहने वाले छात्रों ने बताया कि एटीएस छापेमारी के दौरान उनके मोबाइल भी अपने साथ ले गई। छात्रों के मुताबिक टीम चार छात्रों के मोबाइल फोन लेकर गई है।
खानकाह में एक और मदरसे में भी पहुंची एटीएस की टीम
देवबंद। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को गिरफ्तार करने आई एटीएस की टीम मोहल्ला खानकाह में ही एक अन्य मदरसे में भी पहुंची। दरअसल, टीम मदरसे में पढ़ने वाले ओडिशा निवासी अख्तर नामक छात्र को भी अपने साथ ले गई। अख्तर पढ़ाई तो उक्त मदरसे में करता है, लेकिन नाज मंजिल में किराये पर कमरा लेकर अपने भाई के साथ रहता है। उसके भाई ने बिल्डिंग के अंदर ही कपड़े का काम किया हुआ है। हालांकि मदरसे के मोहतमिम का कहना है कि उनके मदरसे में कोई भी कश्मीरी छात्र तालीम हासिल नहीं करता। टीम जिस छात्र को ले गई वो ओडिशा का रहने वाला है। जिसे गलती से कश्मीरी छात्र समझकर पकड़ा गया।