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मासूम बच्चे की बलि देने वाले तांत्रिक को उम्रकैद
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:07 AM IST
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अदालत ने तांत्रिक को उम्रकैद की सजा सुनाई
मुजफ्फरनगर। मुकंदपुर गांव में सात वर्ष के बच्चे की बलि देने वाले तांत्रिक को अदालत ने हत्या के जुर्म में उम्रकैद और जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की आधी राशि मृतक बच्चे के पिता को देने के भी आदेश दिए हैं।
थाना तितावी पर मुकंदपुर गांव निवासी रविंद्र कुमार ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका सात वर्षीय इकलौता पुत्र कुलवंश घटना के दिन 9 दिसंबर 2014 को सुबह 10 बजे से घर से गायब था। अगले दिन उसकी लाश गांव के ही तांत्रिक रामवीर पुत्र ओमपाल के घर के पीछे जंगल में ईख के खेत से बरामद की गई, जिसकी गर्दन कटी हुई थी। तांत्रिक रामवीर पर उसके इकलौते पुत्र की बलि देने का आरोप लगाते हुए इस मुकदमे में तांत्रिक रामवीर व उसके साथी मौनी को आरोपी बनाया गया था। इस बीच आरोपी मौनी की मौत हो गई। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडे की अदालत संख्या- 9 में हुई। एडीजीसी पवन कुमार सिंघल ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त रामवीर को बच्चे की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की आधी धनराशि मृतक बच्चे के पिता को देने का आदेश भी दिया है।
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मुजफ्फरनगर। मुकंदपुर गांव में सात वर्ष के बच्चे की बलि देने वाले तांत्रिक को अदालत ने हत्या के जुर्म में उम्रकैद और जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की आधी राशि मृतक बच्चे के पिता को देने के भी आदेश दिए हैं।
थाना तितावी पर मुकंदपुर गांव निवासी रविंद्र कुमार ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका सात वर्षीय इकलौता पुत्र कुलवंश घटना के दिन 9 दिसंबर 2014 को सुबह 10 बजे से घर से गायब था। अगले दिन उसकी लाश गांव के ही तांत्रिक रामवीर पुत्र ओमपाल के घर के पीछे जंगल में ईख के खेत से बरामद की गई, जिसकी गर्दन कटी हुई थी। तांत्रिक रामवीर पर उसके इकलौते पुत्र की बलि देने का आरोप लगाते हुए इस मुकदमे में तांत्रिक रामवीर व उसके साथी मौनी को आरोपी बनाया गया था। इस बीच आरोपी मौनी की मौत हो गई। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडे की अदालत संख्या- 9 में हुई। एडीजीसी पवन कुमार सिंघल ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त रामवीर को बच्चे की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की आधी धनराशि मृतक बच्चे के पिता को देने का आदेश भी दिया है।
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