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सीसीटीवी फुटेज में लुटेरे नहीं छात्र थे

Sat, 08 Jun 2019 12:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2019 12:04 AM IST
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सीसीटीवी फुटेज में लुटेरे नहीं छात्र थे
मुजफ्फरनगर। जनपद पुलिस ने नोटरी अधिवक्ता व उनके पति को बंधक बनाकर की गई लूट में जल्दबाजी दिखाते हुए लुटेरों के बजाए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए बाइक सवार तीन छात्रों के ही फोटो लुटेरे बताकर जारी कर दिए। फोटो वायरल होने से छात्रों के परिजनों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद वे तीनों छात्रों को लेकर अफसरों के समक्ष जा पहुंचे, जिसके बाद इस गंभीर चूक का खुलासा हुआ। पुलिस अब तीनों छात्रों को क्लीनचिट देते हुए गलती पर पर्दा डालने में लगी हुई है।
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विगत तीन जून की सुबह करीब 11.15 बजे नई मंडी थाने के ठीक पीछे रहने वाली नोटरी अधिवक्ता उर्मिला सिंह व उनके पति सेवानिवृत्त डॉक्टर प्रेमदत्त शर्मा को बंधक बनाकर तीन लुटेरों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल करते हुए एसपी सिटी सतपाल आंतिल के नेतृत्व में टीमें गठित कर लुटेरों की धरपकड़ के निर्देश दिए थे। तीन जून को ही शाम होते-होते थाना पुलिस की तरफ से सीसीटीवी फुटेज के फोटो मीडिया में जारी करने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी वायरल किए गए थे, जिसमें बाइक सवार तीन युवक कैद थे। सूत्रों के अनुसार, उक्त फोटो में लुटेरे होने के बजाए पुरकाजी क्षेत्र के गांव निवासी तीन छात्र थे, जो किसी काम से शहर में आए थे और ऐन उसी वक्त वहां से गुजरे, जहां से लुटेरे निकले। पुलिस ने तीनों युवकों को वेरिफाई करने के बजाये जल्दबाजी में उन्हीं तीनों छात्रों के फोटो लुटेरे बताकर वायरल कर दिए। फोटो वायरल होने व समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद तीनों छात्रों के परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में परिजन तीनों को लेकर अफसरों के समक्ष जा पहुंचे और उन्हें निर्दोष बताया। पुलिस ने जांच की तो वास्तव में तीनों युवक बेकसूर निकले, जिस पर उन्हें क्लीनचिट देते हुए पुलिस अब इस गंभीर चूक पर पर्दा डालने में लगी हुई है।
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पीड़ित दंपती से क्यों नहीं कराया गया वेरीफाई ?
मुजफ्फरनगर। नोटरी अधिवक्ता व उनके डॉक्टर पति से हुई लूटपाट के बाद पुलिस लुटेरों को दबोचने के लिए इतनी जल्दबाजी में थी कि सीसीटीवी में कैद हुए उक्त तीनों छात्रों के फोटो पीड़ित दंपती से वेरीफाई कराने की भी जरूरत नहीं समझी गई। बिना वेरीफाई कराए हुए ही तीनों बेकसूर छात्रों के सीसीटीवी फुटेज के फोटो वायरल कर दिए गए। गनीमत रही कि उक्त तीनों छात्र किसी की नजर में नहीं आए, अन्यथा पुलिस की इस गंभीर चूक का खामियाजा बेकसूर युवकों को एनकाउंटर के रूप में भी भुगतना पड़ सकता था।
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इन्होंने कहा .........
एसपी सिटी सतपाल आंतिल का कहना है कि घटना वाले दिन सीसीटीवी फुटेज में करीब दस संदिग्ध बाइक सवार कैद हुुए थे। लूट का शिकार हुए दंपती से पूछताछ के बाद लुटेरों की कद-काठी के अनुमान से उक्त फोटो जारी किए गए थे, जो बेकसूर युवकों के पाए गए हैं। उनसे पूछताछ कर क्लीनचिट दे दी गई है। लुटेरों की तलाश में अन्य फुटेज की भी जांच की जा रही है।


जिला बार संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। नोटरी अधिवक्ता व उनके डॉक्टर पति को बंधक बनाकर की गई लूट की वारदात में छह दिन बाद भी किसी तरह की सफलता नहीं मिलते देख अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। जिला बार संघ की शुक्रवार को फैंथम हॉल में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने आगामी दस जून को न्यायालयों में जमानत को छोड़कर अन्य कोई भी काम नहीं करने और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देने की घोषणा की। जिला बार संघ अध्यक्ष सैय्यद नसीर हैदर काजमी ने बताया कि दस जून को ही शाम तीन बजे संघर्ष समिति की बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। इसके साथ ही भारतीय बार कौंसिल ऑफ इंडिया को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखित पत्र प्रेषित किया जाएगा।
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