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चेयरमैन समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:13 AM IST
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)।
पुरकाजी अस्पताल में भाकियू के बैनर तले धरना देना नगर पंचायत चेयरमैन को भारी पड़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चेयरमैन समेत आठ लोगों के खिलाफ पुरकाजी थाने में केस दर्ज कराया है। मुकदमे में चेयरमैन और उनके साथियों को सरकारी कार्य में बाधा डालने, चिकित्सकों और कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप लगाया गया है।
पुरकाजी स्वास्थ्य केंद्र पर भाकियू के साथ मिलकर नगर पंचायत चेयरमैन ने दिव्यांगों के प्रमाण पत्र आदि नहीं बनने की समस्या को लेकर धरना दिया था। व्यवस्था बिगड़ने पर मौके पर पहुंचे एसीएमओ डॉ बीके ओझा, स्वास्थ्य कर्मियों को घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। बुधवार को तहसीलदार सदर रंजीत कुमार ने समस्या का समाधान आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। शुक्रवार को मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। पुरकाजी चिकित्साधिकारी डॉ अरुण कुमार के नेतृत्व में डॉ मुकेश कुमार, डॉ मोहित सैनी, डॉ अमित सैनी, डॉ सुनील शर्मा, डॉ हिमांशु कुमार, योगेश कुमार, आदेश गिरि, सुदीप त्यागी, अमति त्यागी, भारतबीर और कर्मचारी पुरकाजी थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर संजीव कुमार शर्मा को तहरीर देकर नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूखी, ग्राम गोधना निवासी अफसर अली, ग्राम भूराहेड़ी निवासी मोहम्मद कामिल, ग्राम सुवाहेड़ी निवासी मोहम्मद मोहसिन के अलावा पुरकाजी निवासी सत्तू गौड़, साजिद, डॉ चांद, रियासत खलीफा के विरुद्ध बंधक बनाने और अभद्र व्यवहार करने आदि आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि
उधर, चेयरमैन का कहना है कि जनता की आवाज को दबाने के लिए झूठे मुकदमे लिखवाए जा रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने चेतावनी दी है कि उनके कार्यकर्ता मुकदमों से नहीं डरते। डॉक्टरों को रिश्वतखोरी बंद करनी होगी। 13 मार्च के बाद आंदोलन किया जाएगा।
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दूसरी तरफ, सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि कुछ लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र पर कार्य में बाधा डालकर चिकित्सकों को परेशान किया था। इस मामले में चिकित्साधिकारी की ओर से चिकित्सक सुरक्षा अधिनियम के तहत पुलिस को सूचना दी गई है।
डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप
पुरकाजी। कस्बे के मोहल्ला झोझगान निवासी दिव्यांग मोहम्मद नौशाद ने थाने पर तहरीर देकर बताया कि वह छह मार्च पुरकाजी अस्पताल पर दवाई लेने गया था। जहां पर एक चिकित्सक ने उपचार के नाम पर 200 रुपये और आपरेशन करने के नाम पर 5000 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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पुरकाजी अस्पताल में भाकियू के बैनर तले धरना देना नगर पंचायत चेयरमैन को भारी पड़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चेयरमैन समेत आठ लोगों के खिलाफ पुरकाजी थाने में केस दर्ज कराया है। मुकदमे में चेयरमैन और उनके साथियों को सरकारी कार्य में बाधा डालने, चिकित्सकों और कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप लगाया गया है।
पुरकाजी स्वास्थ्य केंद्र पर भाकियू के साथ मिलकर नगर पंचायत चेयरमैन ने दिव्यांगों के प्रमाण पत्र आदि नहीं बनने की समस्या को लेकर धरना दिया था। व्यवस्था बिगड़ने पर मौके पर पहुंचे एसीएमओ डॉ बीके ओझा, स्वास्थ्य कर्मियों को घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया। बुधवार को तहसीलदार सदर रंजीत कुमार ने समस्या का समाधान आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। शुक्रवार को मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। पुरकाजी चिकित्साधिकारी डॉ अरुण कुमार के नेतृत्व में डॉ मुकेश कुमार, डॉ मोहित सैनी, डॉ अमित सैनी, डॉ सुनील शर्मा, डॉ हिमांशु कुमार, योगेश कुमार, आदेश गिरि, सुदीप त्यागी, अमति त्यागी, भारतबीर और कर्मचारी पुरकाजी थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर संजीव कुमार शर्मा को तहरीर देकर नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूखी, ग्राम गोधना निवासी अफसर अली, ग्राम भूराहेड़ी निवासी मोहम्मद कामिल, ग्राम सुवाहेड़ी निवासी मोहम्मद मोहसिन के अलावा पुरकाजी निवासी सत्तू गौड़, साजिद, डॉ चांद, रियासत खलीफा के विरुद्ध बंधक बनाने और अभद्र व्यवहार करने आदि आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि
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उधर, चेयरमैन का कहना है कि जनता की आवाज को दबाने के लिए झूठे मुकदमे लिखवाए जा रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने चेतावनी दी है कि उनके कार्यकर्ता मुकदमों से नहीं डरते। डॉक्टरों को रिश्वतखोरी बंद करनी होगी। 13 मार्च के बाद आंदोलन किया जाएगा।
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दूसरी तरफ, सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि कुछ लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र पर कार्य में बाधा डालकर चिकित्सकों को परेशान किया था। इस मामले में चिकित्साधिकारी की ओर से चिकित्सक सुरक्षा अधिनियम के तहत पुलिस को सूचना दी गई है।
डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप
पुरकाजी। कस्बे के मोहल्ला झोझगान निवासी दिव्यांग मोहम्मद नौशाद ने थाने पर तहरीर देकर बताया कि वह छह मार्च पुरकाजी अस्पताल पर दवाई लेने गया था। जहां पर एक चिकित्सक ने उपचार के नाम पर 200 रुपये और आपरेशन करने के नाम पर 5000 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।