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Muzaffarnagar News: 32 बीघा जमीन पर खेती कर रहा परिवार
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भोपा/मोरना। जानसठ मार्ग स्थित गुरु रविदास मंदिर के पीछे रहने वाले किसान राम प्रसाद के हिस्से में 32 बीघा जमीन है। घर में पत्नी चंद्रकली, बेटा अमित (33), बेटी कोमल (32), बेटा सुमित (13) और कक्षा 11 में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी है। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। कोमल ने कक्षा आठ तक पढ़ाई की है। परिवार पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था।
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एक मोबाइल, दो बहनें और पिता की पाबंदियां
भोपा/मोरना। दोनों बहनें एक ही मोबाइल का प्रयोग करती थीं। मन पसंद कपड़े पहनने की ख्वाहिश रही लेकिन पिता की डांट के सामने उनके सपने पूरे नहीं हुए। पिता दोनों को टोका टाकी करते थे। यही वजह है कि नफरत बढ़ती गई और मामला हत्या तक पहुंच गया।
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नींद की गोलियां पहुंचाने वाले की जांच शुरू
हत्या करने से पहले दोनों बहनों ने पूरे परिवार को नींद की गोली मिली हुई खीर खिलाई थी। यह गोलियां एक रिश्तेदार युवक ने लाकर दी थी। पुलिस ने युवक की भूमिका व गोली लाकर देने का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
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इस तरह हुई सुबूत मिटाने की कोशिश
मोरना। दोनों बहनों ने सुबूत मिटाने का प्रयास किया। हत्या करने के बाद खून से सने अपने कपड़े भी बदल लिए थे। मौके पर पड़े खून को कपड़ों व दुपट्टों से साफ किया। एक आरोपी के जूते भी खून से सन गए थे। यह देखकर दोनों बहनों ने कपड़ों को एक पोटली में बांध कर भूस के कमरे में छिपा दिया। चाकुओं को भी दूसरे कमरे में छिपा दिया था। पुलिस ने दोनों के खून से सने कपड़े, तीन दुपट्टे बरामद किए हैं।
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बेटी होना गुनाह है क्या कोई पछतावा नहीं
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कोमल ने कई बार कहा कि पिता बेटा और बेटी में फर्क करते थे। उसकी शादी नहीं हुई थी। पिता तंज कसते हुए उसे अपमानित करते थे। उनके सामने पिता की हत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसने यह भी सवाल किया कि क्या बेटी होना गुनाह है। एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि पुलिस ने दो घंटे में ही हत्या की घटना का खुलासा किया है। दोनों आरोपी बहनों का चालान कर दिया गया। अभी इस मामले की जांच जारी है।
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एक मोबाइल, दो बहनें और पिता की पाबंदियां
भोपा/मोरना। दोनों बहनें एक ही मोबाइल का प्रयोग करती थीं। मन पसंद कपड़े पहनने की ख्वाहिश रही लेकिन पिता की डांट के सामने उनके सपने पूरे नहीं हुए। पिता दोनों को टोका टाकी करते थे। यही वजह है कि नफरत बढ़ती गई और मामला हत्या तक पहुंच गया।
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नींद की गोलियां पहुंचाने वाले की जांच शुरू
हत्या करने से पहले दोनों बहनों ने पूरे परिवार को नींद की गोली मिली हुई खीर खिलाई थी। यह गोलियां एक रिश्तेदार युवक ने लाकर दी थी। पुलिस ने युवक की भूमिका व गोली लाकर देने का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
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इस तरह हुई सुबूत मिटाने की कोशिश
मोरना। दोनों बहनों ने सुबूत मिटाने का प्रयास किया। हत्या करने के बाद खून से सने अपने कपड़े भी बदल लिए थे। मौके पर पड़े खून को कपड़ों व दुपट्टों से साफ किया। एक आरोपी के जूते भी खून से सन गए थे। यह देखकर दोनों बहनों ने कपड़ों को एक पोटली में बांध कर भूस के कमरे में छिपा दिया। चाकुओं को भी दूसरे कमरे में छिपा दिया था। पुलिस ने दोनों के खून से सने कपड़े, तीन दुपट्टे बरामद किए हैं।
बेटी होना गुनाह है क्या कोई पछतावा नहीं
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कोमल ने कई बार कहा कि पिता बेटा और बेटी में फर्क करते थे। उसकी शादी नहीं हुई थी। पिता तंज कसते हुए उसे अपमानित करते थे। उनके सामने पिता की हत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसने यह भी सवाल किया कि क्या बेटी होना गुनाह है। एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि पुलिस ने दो घंटे में ही हत्या की घटना का खुलासा किया है। दोनों आरोपी बहनों का चालान कर दिया गया। अभी इस मामले की जांच जारी है।