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Muzaffarnagar News: कंपनी और पालिका आमने-सामने, हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी
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मुजफ्फरनगर। दो माह का वेतन भुगतान नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो पाया। गाड़ियां कंपनी की पार्किंग में खड़ी रहीं। कर्मचारियों ने कंपनी कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। कंपनी का कहना है कि पालिका से भुगतान नहीं हुआ। उधर, ईओ डॉ. प्रज्ञान सिंह का कहना है कि कर्मचारियों को वेतन देने की व्यवस्था कंपनी को खुद करनी है, अनुबंध में यह कहीं नही लिखा गया कि पालिका से भुगतान प्राप्त कर कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा।
मंगलवार सुबह एमआईटूसी के प्राइमरी सेक्शन में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कार्य करने वाले वाहन चालक, सुपरवाइजर, सफाई कर्मचारी भोपा रोड स्थित कंपनी के दफ्तर पहुंचे। दो माह का वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हड़ताल की घोषणा की। कर्मचारियों ने कूड़ा वाहनों का चक्का जाम कर दिया और वेतन दिए जाने तक काम नहीं करने की चेतावनी भी दी। कंपनी के परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह से कर्मचारियों ने रोष जाहिर किया। उन्होंंने बताया कि पालिका से बिल का भुगतान नहीं किए जाने के कारण ही कर्मचारियों का वेतन लंबित हो रहा है। अक्तूबर माह का वेतन प्राइमरी सेक्शन के करीब 300 कर्मियों को नहीं मिल पाया। नवंबर माह भी समाप्त होने वाला है। पालिका ने 25 नवंबर तक भुगतान का भरोसा दिलाया था, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया है।
कंपनी की ओर से पालिका को दिया चेक बाउंस
कूड़ा कलेक्शन कंपनी एमआइटूसी पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। यूजर चार्ज जमा नहीं करने पर पालिका ने कंपनी का भुगतान रोक दिया था। आरोप है कि इस पर कंपनी की ओर से पालिका को यूजर चार्ज का 20 लाख रुपये जमा करने के लिए एक चेक दिया। पालिका ने यह चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया। पर्याप्त धनराशि खाते में नहीं होने के कारण चैक बाउंस हुआ। एमआईटूसी चैक देकर भुगतान पाने का प्रयास कर रही थी।
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कंपनी के क्रियाकलापों को लेकर जांच
पालिका ईओ डाॅ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनी अनुबंध की शर्तों का पालन कर रही है कि नहीं। जांच के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश गाेलियान और जेई जलकल जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई है। जो कर्मियों को वेतन भुगतान, उनका ईपीएफ और अन्य मामलों को लेकर जांच करेगी। कमेटी यह भी जांच करेगी कि कलेक्शन के एवज में अधिक यूजर चार्ज तो नहीं वसूला जा रहा। उन्होंने बताया कि 20 लाख रुपये के यूजर चार्ज भुगतान संबंधी चेक बाउंस होने, कंपनी के खिलाफ मिली शिकायतों पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के कारण ही अक्तूबर माह का भुगतान कंपनी को नहीं किया गया।
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पालिका ने कंपनी से किया है अनुबंध
नगर पालिका ने शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए निजी क्षेत्र की कंपनी एमआइटूसी से अनुबंध किया हुआ है। कंपनी कूड़ा कलेक्शन के एवज में घरों से यूजर्स चार्ज वसूलती है। जिसे नगर पालिका में जमा कराना होता है। जबकी अनुबंध के अनुसार पालिका की ओर से प्रति माह 92 लाख रुपये का भुगतान कंपनी को करना है।
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मंगलवार सुबह एमआईटूसी के प्राइमरी सेक्शन में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कार्य करने वाले वाहन चालक, सुपरवाइजर, सफाई कर्मचारी भोपा रोड स्थित कंपनी के दफ्तर पहुंचे। दो माह का वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हड़ताल की घोषणा की। कर्मचारियों ने कूड़ा वाहनों का चक्का जाम कर दिया और वेतन दिए जाने तक काम नहीं करने की चेतावनी भी दी। कंपनी के परियोजना प्रबंधक पुष्पराज सिंह से कर्मचारियों ने रोष जाहिर किया। उन्होंंने बताया कि पालिका से बिल का भुगतान नहीं किए जाने के कारण ही कर्मचारियों का वेतन लंबित हो रहा है। अक्तूबर माह का वेतन प्राइमरी सेक्शन के करीब 300 कर्मियों को नहीं मिल पाया। नवंबर माह भी समाप्त होने वाला है। पालिका ने 25 नवंबर तक भुगतान का भरोसा दिलाया था, लेकिन भुगतान नहीं हो पाया है।
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कंपनी की ओर से पालिका को दिया चेक बाउंस
कूड़ा कलेक्शन कंपनी एमआइटूसी पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। यूजर चार्ज जमा नहीं करने पर पालिका ने कंपनी का भुगतान रोक दिया था। आरोप है कि इस पर कंपनी की ओर से पालिका को यूजर चार्ज का 20 लाख रुपये जमा करने के लिए एक चेक दिया। पालिका ने यह चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया। पर्याप्त धनराशि खाते में नहीं होने के कारण चैक बाउंस हुआ। एमआईटूसी चैक देकर भुगतान पाने का प्रयास कर रही थी।
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कंपनी के क्रियाकलापों को लेकर जांच
पालिका ईओ डाॅ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनी अनुबंध की शर्तों का पालन कर रही है कि नहीं। जांच के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक योगेश गाेलियान और जेई जलकल जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई है। जो कर्मियों को वेतन भुगतान, उनका ईपीएफ और अन्य मामलों को लेकर जांच करेगी। कमेटी यह भी जांच करेगी कि कलेक्शन के एवज में अधिक यूजर चार्ज तो नहीं वसूला जा रहा। उन्होंने बताया कि 20 लाख रुपये के यूजर चार्ज भुगतान संबंधी चेक बाउंस होने, कंपनी के खिलाफ मिली शिकायतों पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के कारण ही अक्तूबर माह का भुगतान कंपनी को नहीं किया गया।
पालिका ने कंपनी से किया है अनुबंध
नगर पालिका ने शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए निजी क्षेत्र की कंपनी एमआइटूसी से अनुबंध किया हुआ है। कंपनी कूड़ा कलेक्शन के एवज में घरों से यूजर्स चार्ज वसूलती है। जिसे नगर पालिका में जमा कराना होता है। जबकी अनुबंध के अनुसार पालिका की ओर से प्रति माह 92 लाख रुपये का भुगतान कंपनी को करना है।