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रोशनी के पर्व पर दीवारों पर सजाए उम्मीदों के रंग
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सदर बाजार में पेन्ट की दुकान पर कलर के शेड बनाता युवक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। दीपावली से पहले घरों को सजाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए घरों की पुताई और रंग-रोगन काम चल रहा है। महंगाई के बावजूद उम्मीदों के रंग दीवारों पर सजाए जा रहे हैं। पेंट की दुकानों पर खरीदार पहुंच रहे हैं।
शहर से लेकर देहात तक इन दिनों घरों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पेंट कारोबारी मनोज कुमार जैन बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले तुलना करें तो रंगों के मूल्य में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लेबर चार्ज भी बढ़ गया है। काम कम है, लेकिन लोग गुणवत्ता को पसंद कर रहे हैं। जिन घरों की दीवारों में नमी की शिकायत रहती है, वहां वॉल पेपर कराया जा रहा है। यह नया फैशन है, जिसकी तरफ लोग खूब आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा प्लॉस्टिक पैनल का प्रयोग भी बढ़ा है।
प्रकृति चित्रण का रुझान भी बढ़ा
वॉल पेंटिंग में लोग प्रकृति चित्रण भी खूब करा रहे हैं। कमरों में वास्तु के हिसाब से भी फूल और पत्तियां बनवाने का चलन बढ़ा है।
बारिश से प्रभावित हुआ बाजार
बेमौसम की बारिश ने चौतरफा नुकसान किया है। जिन लोगों ने दीपावली से पहले अपने घरों की सफाई कर रंगाई और पुताई की तैयारी कर रखी थी बारिश ने पानी फेर दिया। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने घरों में सफाई तो की, लेकिन बारिश कई दिन तक होने के कारण पुताई और रंगाई का कार्य नहीं हो पाया। बहुत कम लोग ऐसे है जिन्होंने इस बार रंगाई पुताई कराई है। सदर बाजार में पेंट की दुकान चलाने वाले हरेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार बाजार में 25 प्रतिशत की बिक्री भी रंग आदि की नहीं हो पाई। बारिश का समय बहुत गलत था, कई दिन तक लगातार बारिश होने से दीवारें सील गई, जिन पर पेंट आदि नहीं हो सकता था। इस बार यह व्यापार काफी कम रह गया।
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शहर से लेकर देहात तक इन दिनों घरों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पेंट कारोबारी मनोज कुमार जैन बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले तुलना करें तो रंगों के मूल्य में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लेबर चार्ज भी बढ़ गया है। काम कम है, लेकिन लोग गुणवत्ता को पसंद कर रहे हैं। जिन घरों की दीवारों में नमी की शिकायत रहती है, वहां वॉल पेपर कराया जा रहा है। यह नया फैशन है, जिसकी तरफ लोग खूब आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा प्लॉस्टिक पैनल का प्रयोग भी बढ़ा है।
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प्रकृति चित्रण का रुझान भी बढ़ा
वॉल पेंटिंग में लोग प्रकृति चित्रण भी खूब करा रहे हैं। कमरों में वास्तु के हिसाब से भी फूल और पत्तियां बनवाने का चलन बढ़ा है।
बारिश से प्रभावित हुआ बाजार
बेमौसम की बारिश ने चौतरफा नुकसान किया है। जिन लोगों ने दीपावली से पहले अपने घरों की सफाई कर रंगाई और पुताई की तैयारी कर रखी थी बारिश ने पानी फेर दिया। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने घरों में सफाई तो की, लेकिन बारिश कई दिन तक होने के कारण पुताई और रंगाई का कार्य नहीं हो पाया। बहुत कम लोग ऐसे है जिन्होंने इस बार रंगाई पुताई कराई है। सदर बाजार में पेंट की दुकान चलाने वाले हरेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार बाजार में 25 प्रतिशत की बिक्री भी रंग आदि की नहीं हो पाई। बारिश का समय बहुत गलत था, कई दिन तक लगातार बारिश होने से दीवारें सील गई, जिन पर पेंट आदि नहीं हो सकता था। इस बार यह व्यापार काफी कम रह गया।
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