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सीओ ने ग्रामीणों को पुलिस से बुरी तरह पिटवाया, जानें क्या था पूरा मामला
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 17 May 2017 12:04 AM IST
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एसएसपी से मिलने जाते ग्रामीणों को रोकते पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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सड़क पर लहूलुहान हालत में मिले संधावली के युवक की मौत को परिजनों ने हत्या करार दिया है। जिला अस्पताल से ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव लेकर कप्तान आवास पर अपनी फरियाद लेकर जा रहे संधावली के लोगों पर पुलिस कहर बनकर टूट पड़ी। कप्तान के बंगले पर पहुंचने के डर से सीओ सिटी ने पुलिस के साथ रास्ते में ही ट्रैक्टर-ट्रॉली रुकवाई और निहत्थे ग्रामीणों पर जमकर लाठियां बरसाईं। बुजुर्गों और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। सड़क पर लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
मंसूरपुर के संधावली निवासी सुनेश पाल की लाश लहूलुहान हाथ पर मंसूरपुर क्षेत्र में पड़ी मिली। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि युवक की रंजिशन हत्या की गई है और मामले को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई है। पुलिस आनन-फानन में शव को लेकर अस्पताल आ गई। पीछे-पीछे संधावली के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल तिराहे पर हंगामा करते हुए जाम लगाया।
इसी बीच सीओ सिटी तेजवीर सिंह और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डरा-धमकाकर जाम खुलवा दिया। इससे नाराज ग्रामीण शव को ट्रॉली में रखकर एसएसपी आवास की ओर जाने लगे। इस सीओ सिटी और शहर कोतवाल पीपी सिंह आगे पहुंचकर कोर्ट रोड पर ट्रैक्टर को जबरन रुकवा लिया। सीओ ने कहा कि कप्तान शहर में नहीं हैं और उन्हें बंगले की ओर जाने से रोक दिया। ग्रामीणों के नहीं मानने पर पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां बरसाईं।
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बुजुर्गों और बच्चों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। भीड़ देखते ही देखते तितर-बितर हो गई। पुलिसकर्मी खुद ट्रैक्टर चलाकर लाश को वहां से ले गए। इस बात पर ग्रामीण बिफर पड़े और सीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लाठीचार्ज में कई लोग जख्मी हो गए। लोगों ने बंद पड़ी मार्केट, मकान और अंधेरी गलियों में दुबक कर अपनी जान बचाई। बाद में एसपी देहात विनीत भटनागर और एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
कप्तान के बंगले पर तोड़फोड़ का था भय
मुजफ्फरनगर। देर रात शव को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई खींचतान को लेकर सीओ सिटी तेजवीर सिंह को डर था कि कहीं कप्तान के बंगले में घुसकर तोडफ़ोड़ न कर दें। इसलिए दोनों किसी भी कीमत पर भीड़ को कप्तान के बंगले तक नहीं देना चाह रहे थे।
इसी के चलते उन्होंने ग्रामीणों से झूठ बोला कि कप्तान आवास पर नहीं हैं, जबकि कप्तान वहीं थे। एक पखवाड़े पूर्व सहारनपुर में दूधली में अंबेडकर जयंती के दौरान हुए बवाल में पब्लिक ने वहां एसएसपी के आवास में घुसकर तोड़फ़ोड़ कर दी थी। इसी बात के डर से सीओ सिटी ने पुलिसकर्मियों से साथ मिलकर निर्दोष लोगों को पीटा।
संगीनों के साये में हुआ अंतिम संस्कार
मंसूपुर। संधावली के युवक की मौत को हत्या करार देने के मामले में रिश्तेदार की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मंगलवार दोपहर पुलिस फोर्स की मौजूदगी में गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद मामले की जांच में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना क्षेत्र में सोमवार को देर रात हाईवे पर संधावली के सुनेश पाल का लहूलुहान शव मिला था। बाद में शव को लेकर देर रात तक शहर में हंगामा हुआ। मामले में मृतक के रिश्तेदार मौलाहेड़ी निवासी शिवकुमार पुत्र बालेश्वर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके परिवार के लोगों से रास्ते के विवाद को लेकर दूसरे पक्ष से रंजिश चली आ रही है।
संधावली निवासी रिश्तेदार सुनेश गन्ने की बुआई कराने के लिए सोमवार रात उनके पास आ रहा था। काम निपटाने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे वह वापस संधावली जा रहा था। बाद में उसका शव संधावली- मौलाहेड़ी के बीच पड़ा हुआ मिला। आरोप लगाया कि रंजिश के चलते ही परिवार के ओमप्रकाश, अंकित, प्रवेश, जनेश्वर, जोगेंद्र व सुरेंद्र ने उनके रिश्तेदार सुनेशपाल की हत्या कर शव को बीच मार्ग पर डालकर उसे दुर्घटना मेें दिखाने का प्रयास किया।
रात के बवाल को देखते हुए बैकफुट पर आई पुलिस ने तहरीर के अनुसार नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मंगलवार दोपहर शव गांव में पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। घर के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। इंस्पेक्टर विपिन कुमार का कहना कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। पीएम रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मंसूरपुर के संधावली निवासी सुनेश पाल की लाश लहूलुहान हाथ पर मंसूरपुर क्षेत्र में पड़ी मिली। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि युवक की रंजिशन हत्या की गई है और मामले को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई है। पुलिस आनन-फानन में शव को लेकर अस्पताल आ गई। पीछे-पीछे संधावली के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल तिराहे पर हंगामा करते हुए जाम लगाया।
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इसी बीच सीओ सिटी तेजवीर सिंह और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डरा-धमकाकर जाम खुलवा दिया। इससे नाराज ग्रामीण शव को ट्रॉली में रखकर एसएसपी आवास की ओर जाने लगे। इस सीओ सिटी और शहर कोतवाल पीपी सिंह आगे पहुंचकर कोर्ट रोड पर ट्रैक्टर को जबरन रुकवा लिया। सीओ ने कहा कि कप्तान शहर में नहीं हैं और उन्हें बंगले की ओर जाने से रोक दिया। ग्रामीणों के नहीं मानने पर पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां बरसाईं।
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बुजुर्गों और बच्चों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। भीड़ देखते ही देखते तितर-बितर हो गई। पुलिसकर्मी खुद ट्रैक्टर चलाकर लाश को वहां से ले गए। इस बात पर ग्रामीण बिफर पड़े और सीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लाठीचार्ज में कई लोग जख्मी हो गए। लोगों ने बंद पड़ी मार्केट, मकान और अंधेरी गलियों में दुबक कर अपनी जान बचाई। बाद में एसपी देहात विनीत भटनागर और एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
कप्तान के बंगले पर तोड़फोड़ का था भय
मुजफ्फरनगर। देर रात शव को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई खींचतान को लेकर सीओ सिटी तेजवीर सिंह को डर था कि कहीं कप्तान के बंगले में घुसकर तोडफ़ोड़ न कर दें। इसलिए दोनों किसी भी कीमत पर भीड़ को कप्तान के बंगले तक नहीं देना चाह रहे थे।
इसी के चलते उन्होंने ग्रामीणों से झूठ बोला कि कप्तान आवास पर नहीं हैं, जबकि कप्तान वहीं थे। एक पखवाड़े पूर्व सहारनपुर में दूधली में अंबेडकर जयंती के दौरान हुए बवाल में पब्लिक ने वहां एसएसपी के आवास में घुसकर तोड़फ़ोड़ कर दी थी। इसी बात के डर से सीओ सिटी ने पुलिसकर्मियों से साथ मिलकर निर्दोष लोगों को पीटा।
संगीनों के साये में हुआ अंतिम संस्कार
मंसूपुर। संधावली के युवक की मौत को हत्या करार देने के मामले में रिश्तेदार की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मंगलवार दोपहर पुलिस फोर्स की मौजूदगी में गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद मामले की जांच में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना क्षेत्र में सोमवार को देर रात हाईवे पर संधावली के सुनेश पाल का लहूलुहान शव मिला था। बाद में शव को लेकर देर रात तक शहर में हंगामा हुआ। मामले में मृतक के रिश्तेदार मौलाहेड़ी निवासी शिवकुमार पुत्र बालेश्वर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके परिवार के लोगों से रास्ते के विवाद को लेकर दूसरे पक्ष से रंजिश चली आ रही है।
संधावली निवासी रिश्तेदार सुनेश गन्ने की बुआई कराने के लिए सोमवार रात उनके पास आ रहा था। काम निपटाने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे वह वापस संधावली जा रहा था। बाद में उसका शव संधावली- मौलाहेड़ी के बीच पड़ा हुआ मिला। आरोप लगाया कि रंजिश के चलते ही परिवार के ओमप्रकाश, अंकित, प्रवेश, जनेश्वर, जोगेंद्र व सुरेंद्र ने उनके रिश्तेदार सुनेशपाल की हत्या कर शव को बीच मार्ग पर डालकर उसे दुर्घटना मेें दिखाने का प्रयास किया।
रात के बवाल को देखते हुए बैकफुट पर आई पुलिस ने तहरीर के अनुसार नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मंगलवार दोपहर शव गांव में पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। घर के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। इंस्पेक्टर विपिन कुमार का कहना कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। पीएम रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।