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Muzaffarnagar News: बरसे बादल, मिली गर्मी से राहत, जलभराव बन गया मुसीबत
Tue, 27 Jun 2023 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 27 Jun 2023 12:54 AM IST
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नगर में हुई बारिश में गुजरते छात्र।
मुजफ्फरनगर। जिले में दूसरे दिन भी बारिश से लोगों को राहत मिली। गन्ने, धान और चारे की फसल को लाभ हुआ है। लेकिन शहर से लेकर गांवों तक जलभराव की समस्या बन गई है। सड़क पर पानी भरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। जिले में 11.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सोलानी नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
सोमवार को अधिकतर समय आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर में बारिश हुई, जिससे गर्मी से राहत मिल गई। अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। शहर के मुख्य चौराहों पर भी जलभराव की स्थिति रही। उधर, पुरकाजी खादर क्षेत्र में दो दिन हुई तेज बारिश से सोलानी नदी उफान पर आ गई है। जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी है।
तेज बारिश होने और उत्तराखंड की पहाड़ियों से आए पानी के कारण सोमवार दोपहर खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी बढ़ा है। शाम को नदी में पानी कम होना शुरू हो जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
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- बारिश से गन्ने की फसल को लाभ
जानसठ के गांव चित्तौड़ा के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर सुरेंद्र सिंह का कहना कि धान की रोपाई अब से एक सप्ताह बाद होगी। इसलिए बारिश से धान की रोपाई पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि यह बारिश गन्ने की फसल के लिए लाभकारी है। फिलहाल जितनी बारिश हुई है, उससे चारे की फसल को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
- अंडरपास में जलभराव बना समस्या
रतनपुरी। क्षेत्र में खतौली-बुढ़ाना मार्ग की हालत खस्ता है। इस मार्ग पर बुढ़ाना अंडरपास के नीचे बारिश में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा दयालपुरी से खतौली तक इस मार्ग में जगह जगह गड्ढे हो चुके हैं। रामपुर कांटा, सिकंदरपुर, बडसू तथा सठेड़ी के निकट स्थिति ज्यादा खराब है। कुछ दिन पहले इस मार्ग पर गड्ढे भरवाए गए थे। लेकिन अब फिर से इस मार्ग पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं।
- बारिश के बाद गड्ढों से बढ़ रही परेशानी
भोपा। क्षेत्र का तिस्सा मार्ग (लिंक मार्ग) क्षेत्र के मुख्य मार्गों में है जिसके अंतर्गत लगभग एक दर्जन गांव भोपा से चलकर मलपुरा, पटौली, किशनपुर, करहेड़ा, अलीपुरा, निवादा, खोखनी, तिस्सा, तेवड़ा आदि आते हैं। यह मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया है। बरसात होने पर राहगीरों व वाहन चालकों को और भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है
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सोमवार को अधिकतर समय आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर में बारिश हुई, जिससे गर्मी से राहत मिल गई। अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। शहर के मुख्य चौराहों पर भी जलभराव की स्थिति रही। उधर, पुरकाजी खादर क्षेत्र में दो दिन हुई तेज बारिश से सोलानी नदी उफान पर आ गई है। जिससे ग्रामीणों में दहशत बनी है।
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तेज बारिश होने और उत्तराखंड की पहाड़ियों से आए पानी के कारण सोमवार दोपहर खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी बढ़ा है। शाम को नदी में पानी कम होना शुरू हो जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
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- बारिश से गन्ने की फसल को लाभ
जानसठ के गांव चित्तौड़ा के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर सुरेंद्र सिंह का कहना कि धान की रोपाई अब से एक सप्ताह बाद होगी। इसलिए बारिश से धान की रोपाई पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि यह बारिश गन्ने की फसल के लिए लाभकारी है। फिलहाल जितनी बारिश हुई है, उससे चारे की फसल को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
- अंडरपास में जलभराव बना समस्या
रतनपुरी। क्षेत्र में खतौली-बुढ़ाना मार्ग की हालत खस्ता है। इस मार्ग पर बुढ़ाना अंडरपास के नीचे बारिश में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा दयालपुरी से खतौली तक इस मार्ग में जगह जगह गड्ढे हो चुके हैं। रामपुर कांटा, सिकंदरपुर, बडसू तथा सठेड़ी के निकट स्थिति ज्यादा खराब है। कुछ दिन पहले इस मार्ग पर गड्ढे भरवाए गए थे। लेकिन अब फिर से इस मार्ग पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं।
- बारिश के बाद गड्ढों से बढ़ रही परेशानी
भोपा। क्षेत्र का तिस्सा मार्ग (लिंक मार्ग) क्षेत्र के मुख्य मार्गों में है जिसके अंतर्गत लगभग एक दर्जन गांव भोपा से चलकर मलपुरा, पटौली, किशनपुर, करहेड़ा, अलीपुरा, निवादा, खोखनी, तिस्सा, तेवड़ा आदि आते हैं। यह मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गया है। बरसात होने पर राहगीरों व वाहन चालकों को और भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है

नगर में हुई बारिश में गुजरते छात्र।

नगर में हुई बारिश में गुजरते छात्र।