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Muzaffarnagar News: द्वारिका सिटी के नागरिकों ने घेरा एमडीए कार्यालय

Fri, 27 Jun 2025 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jun 2025 02:21 AM IST
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Citizens of Dwarka City surrounded the MDA office
फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड स्थित द्वारिका सिटी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश को सही प्रकार से परिभाषित नहीं करने का आरोप लगाते हुए नागरिकों ने एमडीए कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने कहा कि आदेश कॉलोनी के बीच आ रहे एक भूखंड को लेकर है, लेकिन उसको सभी कॉलोनी वासियों पर लागू किया जा रहा है।
शासन की ओर से 2005 में शहरों में सुनियोजित आवासीय काॅलोनी विकसित करने के लिए इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना लागू की गई थी। शहर से सटे गांव शेरनगर और बीबीपुर में द्वारिका बालाजी कंसोर्टियम कंपनी की ओर से करीब 100 एकड़ भूमि में इंटीग्रेटेड टाउनशिप का खाका तैयार किया गया।
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जिस पर विकास प्राधिकरण की ओर से 20 मई 2009 को लाइसेंस प्रदान कर दिया गया था। इस समय जानसठ रोड पर बस रही द्वारिका सिटी में सैकड़ों लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। वहीं प्लॉट खरीदने के बाद दर्जनों लोग मकानों का निर्माण करा रहे हैं।
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इस बीच द्वारिकी सिटी के मामले में 27 मई को आए सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश के बाद वहां किसी भी निर्माण पर रोक लगा दी गई। इसके चलते कॉलोनी वासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को द्वारिका सिटी वेलफेयर सोसायटी से जुड़े लोगों ने एमडीए उपाध्यक्ष कविता मीणा से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। नागरिक सुरेश चंद अग्रवाल ने कहा कि जो भी आदेश है, वह कॉलोनी क्षेत्र में एक भूखंड से जुड़ा है। जिला प्रशासन ने कॉलोनी में प्लाट के सभी खरीदारों पर लागू कर रखा है।

इस कारण सभी को निर्माण और मरम्मत में दिक्कत आ रही है। मनोज कुमार, प्रकाश चौधरी, मनोज सिंघल, अंशुमन अग्रवाल, दिनेश जैन, अंकुर जैन आदि शामिल रहे।
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विधिक राय पर अमल के लिए उच्चाधिकारियों का आदेश मांगा
एमडीए उपाध्यक्ष कविता मीणा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विधिक राय ली गई है, जो विधिक राय प्राप्त हुई है, उस पर अमल के लिए उसे कमिश्नर और डीएम के पास भेजा गया है। दिशा निर्देश प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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