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Muzaffarnagar News: कृतिका की मौत के मामले में आरोप पत्र दाखिल, पुलिस ने 302 हटाई

Thu, 04 Jul 2024 05:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2024 05:10 AM IST
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Charge sheet filed in the case of Kritika's death, police removed 302
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा कृतिका की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना में 302 के बजाए गैर इरादतन हत्या की धारा 304 में आरोपी सहपाठी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
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औरेया के गांधी नगर अजीतमल निवासी राहुल चौहान की बेटी कृतिका (23) मंसूरपुर स्थित मुजफ्फरनगर मेडिकल काॅलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा थी। छात्रा का शव 26 अप्रैल को डेडिकेडिट फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक के पास पड़ा मिला था। छात्रा के पिता ने मृतका के सहपाठी शाहपुर कस्बा के मोहल्ला सैनियान निवासी कुनाल सैनी के खिलाफ हत्या और शव छिपाने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
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पुलिस ने यह बनाया आधार
पुलिस ने विवेचना में वादी के बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप चैट को भी आधार बनाया है। पुलिस ने माना है कि प्रथम दृष्टया 302 के बजाए धारा 304 का मामला बनता है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि छात्रा की मौत गर्दन की हड्डी टूटने के साथ ही शरीर पर चोट लगने की वजह से हुई थी।
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व्यवस्था पर उठाए गए थे सवाल
मेडिकल की छात्रा के परिवार ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। आरोप लगाया था कि उनकी बेटी काॅलेज से बाहर कैसे गई, इसमें कालेज प्रशासन, वार्डन व सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही रही है। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में भी छात्र-छात्राओं के बाहर जाने पर सख्ती बढ़ा दी गई थी।

पहले 302 में और अब 304 जमानत में खारिज
गिरफ्तारी के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से आरोपी का रिमांड 302 में रिमांड बना था। आरोपी ने 302 में जमानत अर्जी दाखिल की, जो सीजेएम ने 7 मई को खारिज कर दी थी। लेकिन विवेचना के बाद आरोप पत्र में 302 के स्थान पर 304 में आरोपी का रिमांड परिवर्तित किया गया। धारा बदलने के बाद निचली अदालत से दोबारा जमानत अर्जी दाखिल की गई, जो सुनवाई के बाद खारिज हो गई। नई परिस्थिति में आरोपी की तरफ से सेशन में धारा 304 में जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी।
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