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बिल्डिंग हैंडओवर, लेकिन स्टॉफ का पता नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Feb 2017 12:04 AM IST
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मुजफ्फरनगर। करोड़ों रुपये की लागत से बने खतौली में ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग स्वास्थ्य महकमे के हैंडओवर हो गई है, लेकिन चिकित्सक समेत स्टॉफ का अता-पता नहीं है। फिलहाल ट्रामा सेंटर को रनिंग में लाने के लिए जिले के चिकित्सकों पर इसका भार रखा जाएगा। जिला अस्पताल से इमरजेंसी स्टॉफ तैनात कर काम चलाया जाएगा।
सड़क हादसे, गोलीकांड या अन्य किसी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार देने के बाद ट्रामा सेंटर रैफर किया जाता है। इसके लिए बेगराजपुर मेडिकल या जिला अस्पताल में घायलों को भर्ती कराना होता है, लेकिन कई बार स्थिति ऐसी विकट रहती है, जिसके चलते मरीज अस्पताल आने में दम तोड़ देता है या इलाज काबू से बाहर होता है। इसके लिए करोड़ों रुपये की लागत से खतौली सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर ट्रामा सेंटर बनाया है। ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग तो विभाग के हैंडओवर हो गई है, जबकि ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों की टीम तैनात करना बड़ी चुनौती बन गया है।
साथ ही ट्रामा सेंटर में अभी उपकरण भी नहीं आ सके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल ट्रामा सेंटर में मरीजों को कवर करने के लिए जिले के चिकित्सकों की तैनाती का मसौदा बनाया है। बकायदा, इसके लिए एडी हेल्ड सहारनपुर को भी रिपोर्ट भेजी गई है। यहां से आदेश आते ही चिकित्सकों की तैनाती होगी। हालांकि ट्रामा सेंटर में सर्जन, एनेथीसिया स्पेशलिस्ट के साथ कम से कम 15 स्टॉफ नर्स, वार्ड ब्यॉय के अलावा न्यूरो सर्जन की जरूरत है।
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चिकित्सक, ट्रामा सेंटर में लगने वाले इक्यूपमेंट्स अन्य संसाधानों की लिस्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। मार्च के बाद ट्रामा सेंटर में संसाधन मुकम्मल होंगे। सीएमओ डॉ एसके जैन ने बताया कि ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग हैंडओवर हो गई है। फिलहाल इसके संचालन के लिए जिले से कुछ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।
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सड़क हादसे, गोलीकांड या अन्य किसी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार देने के बाद ट्रामा सेंटर रैफर किया जाता है। इसके लिए बेगराजपुर मेडिकल या जिला अस्पताल में घायलों को भर्ती कराना होता है, लेकिन कई बार स्थिति ऐसी विकट रहती है, जिसके चलते मरीज अस्पताल आने में दम तोड़ देता है या इलाज काबू से बाहर होता है। इसके लिए करोड़ों रुपये की लागत से खतौली सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर ट्रामा सेंटर बनाया है। ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग तो विभाग के हैंडओवर हो गई है, जबकि ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों की टीम तैनात करना बड़ी चुनौती बन गया है।
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साथ ही ट्रामा सेंटर में अभी उपकरण भी नहीं आ सके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल ट्रामा सेंटर में मरीजों को कवर करने के लिए जिले के चिकित्सकों की तैनाती का मसौदा बनाया है। बकायदा, इसके लिए एडी हेल्ड सहारनपुर को भी रिपोर्ट भेजी गई है। यहां से आदेश आते ही चिकित्सकों की तैनाती होगी। हालांकि ट्रामा सेंटर में सर्जन, एनेथीसिया स्पेशलिस्ट के साथ कम से कम 15 स्टॉफ नर्स, वार्ड ब्यॉय के अलावा न्यूरो सर्जन की जरूरत है।
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चिकित्सक, ट्रामा सेंटर में लगने वाले इक्यूपमेंट्स अन्य संसाधानों की लिस्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। मार्च के बाद ट्रामा सेंटर में संसाधन मुकम्मल होंगे। सीएमओ डॉ एसके जैन ने बताया कि ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग हैंडओवर हो गई है। फिलहाल इसके संचालन के लिए जिले से कुछ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।