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बीटेक, बीएससी भी सिपाही बनने की लाइन में, अभ्यर्थियों में एमएससी और एमबीए भी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:08 AM IST
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मुजफ्फरनगर में सिपाही भर्ती परीक्षा देने पहुंची युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी नौकरी का आकर्षण ये है कि सिपाही बनने के लिए बीटेक, एमबीए, एमएससी और बड़ी कंपनियों में काम कर रहे लोग भी लगे हैं। आईटीआई और पालीटेक्निक की पढ़ाई कर चुके भी सिपाही बनना चाहते हैं। प्रदेश मेें इस समय पुलिस और पीएसी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा चल रही है।
सोमवार को मुजफ्फरनगर में हुई लिखित परीक्षा में बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, बागपत आदि के युवा शामिल हुए। सरकारी नौकरी का चार्म इतना बढ़ा है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले भी सिपाही बनना चाहते हैं। बीएससी और एमएसएसी पास करने वाले भी लाइन में हैं।
आईटीआई, पालीटेक्निक, एमबीए करे युवक-युवतियां सिपाही के लिए परीक्षा दे रहे हैं। शहर के डीएवी, जैन कन्या पाठशाला महाविद्यालय, एसडी कॉलेज, छोटूराम, राजकीय आदि में परीक्षा केंद्र बनाए गए। इन विद्यालयों में परीक्षा देने आए कुछ छात्रों से बात हुई तो उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी इस समय सबसे अच्छी है।
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बुलंदशहर के अभिनव बीटेक कर नोएडा की एक कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। इनका कहना है कि उन्हें मात्र 12 हजार रुपये मिलते हैं। सिपाही की नौकरी लग गई तो कम से कम गारंटी तो है। यहां कल की गारंटी नहीं है। बागपत के तिलकराम ने बताया कि उसने आईटीआई और ग्रेजुएट किया है।
सरकारी नौकरी की तलाश में सिपाही के लिए परीक्षा दी है। गाजियाबाद के गौरव पालीटेक्निक कर चुके हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में ऐसी नौकरी की तलाश है जहां हटने-लगने का झंझट खत्म हो जाए। मुरादाबाद के अनिल सिंह बीएससी करने के बाद एक कंपनी में मैनेजर हैं। उनका कहना है कि प्राइवेट नौकरी का अब आकर्षण खत्म हो रहा है। सरकारी मिल जाए तो सिपाही कोई बुरी नहीं है। गजरौला के रहने वाले विशाल कहते हैं कि उसने बीएससी किया है। सिपाही में भर्ती होकर दरोगा बनने का मौका मिल सकता है।
गोद में बच्ची लेकर परीक्षा देने पहुंची
मुजफ्फरनगर। सिपाही की परीक्षा में कई ऐसी महिला भी शामिल हुई, जिनके बच्चे गोद में थे। परीक्षा के दौरान बच्चों को पति ने संभाला। सिपाही बनने के पत्नी के उत्साह से पति भी खुश नजर आए। मुरादाबाद से आई कविता की बेटी एक साल की है, उसने परीक्षा में भाग लेकर यह बताने की कोशिश की कि वह किसी से कम नहीं है।
रास्ते पर वाहन किए बंद
मुजफ्फरनगर। शहर में पुलिस भर्ती परीक्षा में भाग लेने आये युवक-युवतियों को लेकर चौतरफा जाम की स्थिति रही। डीएवी कॉलेज में अधिक भीड़ के कारण जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों के परीक्षा खत्म होने के समय आर्य समाज रोड से गुजरने वाले वाहनों पर रोक लगा दी। इसके चलते कुछ ही देर परीक्षार्थियों की भीड़ छट गई।
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सोमवार को मुजफ्फरनगर में हुई लिखित परीक्षा में बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, बागपत आदि के युवा शामिल हुए। सरकारी नौकरी का चार्म इतना बढ़ा है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले भी सिपाही बनना चाहते हैं। बीएससी और एमएसएसी पास करने वाले भी लाइन में हैं।
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आईटीआई, पालीटेक्निक, एमबीए करे युवक-युवतियां सिपाही के लिए परीक्षा दे रहे हैं। शहर के डीएवी, जैन कन्या पाठशाला महाविद्यालय, एसडी कॉलेज, छोटूराम, राजकीय आदि में परीक्षा केंद्र बनाए गए। इन विद्यालयों में परीक्षा देने आए कुछ छात्रों से बात हुई तो उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी इस समय सबसे अच्छी है।
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बुलंदशहर के अभिनव बीटेक कर नोएडा की एक कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। इनका कहना है कि उन्हें मात्र 12 हजार रुपये मिलते हैं। सिपाही की नौकरी लग गई तो कम से कम गारंटी तो है। यहां कल की गारंटी नहीं है। बागपत के तिलकराम ने बताया कि उसने आईटीआई और ग्रेजुएट किया है।
सरकारी नौकरी की तलाश में सिपाही के लिए परीक्षा दी है। गाजियाबाद के गौरव पालीटेक्निक कर चुके हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में ऐसी नौकरी की तलाश है जहां हटने-लगने का झंझट खत्म हो जाए। मुरादाबाद के अनिल सिंह बीएससी करने के बाद एक कंपनी में मैनेजर हैं। उनका कहना है कि प्राइवेट नौकरी का अब आकर्षण खत्म हो रहा है। सरकारी मिल जाए तो सिपाही कोई बुरी नहीं है। गजरौला के रहने वाले विशाल कहते हैं कि उसने बीएससी किया है। सिपाही में भर्ती होकर दरोगा बनने का मौका मिल सकता है।
गोद में बच्ची लेकर परीक्षा देने पहुंची
मुजफ्फरनगर। सिपाही की परीक्षा में कई ऐसी महिला भी शामिल हुई, जिनके बच्चे गोद में थे। परीक्षा के दौरान बच्चों को पति ने संभाला। सिपाही बनने के पत्नी के उत्साह से पति भी खुश नजर आए। मुरादाबाद से आई कविता की बेटी एक साल की है, उसने परीक्षा में भाग लेकर यह बताने की कोशिश की कि वह किसी से कम नहीं है।
रास्ते पर वाहन किए बंद
मुजफ्फरनगर। शहर में पुलिस भर्ती परीक्षा में भाग लेने आये युवक-युवतियों को लेकर चौतरफा जाम की स्थिति रही। डीएवी कॉलेज में अधिक भीड़ के कारण जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों के परीक्षा खत्म होने के समय आर्य समाज रोड से गुजरने वाले वाहनों पर रोक लगा दी। इसके चलते कुछ ही देर परीक्षार्थियों की भीड़ छट गई।