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बसपा सांसद ने मिल विस्तारीकरण का मुददा लोकसभा में उठाया
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बिजनौर लोकसभा के बसपा सांसद मलूक नागर का फोटो।
- फोटो : KHATAULI
बसपा सांसद ने मिल विस्तारीकरण का मुद्दा लोकसभा में उठाया
मोरना (मुजफ्फरनगर)। बिजनौर लोकसभा से बसपा सांसद मलूक नागर ने मोरना मिल का विस्तारीकरण कराए जाने और किसानों के बकाया गन्ने के भुगतान का मुद्दा लोकसभा मेें उठाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर किसानों का शोषण करने और उनके साथ छलावा करने का आरोप लगाया है।
सांसद के निजी सचिव सीएल मौर्य ने बताया कि दस फरवरी को सदन के अधिवेशन में सांसद को किसानों की समस्या रखने के लिए सदन में खड़े होकर बोलना था, लेकिन सदन अध्यक्ष ने समय के अभाव में किसी भी सांसद को बोलने का मौका नहीं दिया। जिसके चलते नियम के तहत दि गंगा किसान चीनी मिल मोरना के विस्तारीकरण और मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा लिखित में स्वीकार कर लिया गया है, जो अब उत्तर प्रदेश सरकार से इसके लिए जबाव तलब होना निश्चित हो गया है। सांसद मलूक नागर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मिल मालिकों की तरफदारी कर रही है। सरकारी शुगर मिलों के मेंटीनेस एवं उचित रखरखाव नहीं हो पा रहा है। कई बार सरकार के सामने मिलों में गन्ना पेराई क्षमता बढ़ाने की बात रखी जा चुकी है, लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही। इसके अलावा बिजनौर-दारागंज, हस्तिनापुर-दौराला मेरठ तक 2004 से स्वीकृत रेल लाइन की मंजूरी को अभी तक क्रियान्वयन नहीं किए जाने के बारे में सदन में सवाल उठा चुके हैं।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। बिजनौर लोकसभा से बसपा सांसद मलूक नागर ने मोरना मिल का विस्तारीकरण कराए जाने और किसानों के बकाया गन्ने के भुगतान का मुद्दा लोकसभा मेें उठाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर किसानों का शोषण करने और उनके साथ छलावा करने का आरोप लगाया है।
सांसद के निजी सचिव सीएल मौर्य ने बताया कि दस फरवरी को सदन के अधिवेशन में सांसद को किसानों की समस्या रखने के लिए सदन में खड़े होकर बोलना था, लेकिन सदन अध्यक्ष ने समय के अभाव में किसी भी सांसद को बोलने का मौका नहीं दिया। जिसके चलते नियम के तहत दि गंगा किसान चीनी मिल मोरना के विस्तारीकरण और मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा लिखित में स्वीकार कर लिया गया है, जो अब उत्तर प्रदेश सरकार से इसके लिए जबाव तलब होना निश्चित हो गया है। सांसद मलूक नागर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मिल मालिकों की तरफदारी कर रही है। सरकारी शुगर मिलों के मेंटीनेस एवं उचित रखरखाव नहीं हो पा रहा है। कई बार सरकार के सामने मिलों में गन्ना पेराई क्षमता बढ़ाने की बात रखी जा चुकी है, लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही। इसके अलावा बिजनौर-दारागंज, हस्तिनापुर-दौराला मेरठ तक 2004 से स्वीकृत रेल लाइन की मंजूरी को अभी तक क्रियान्वयन नहीं किए जाने के बारे में सदन में सवाल उठा चुके हैं।
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