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भाकियू ने तहसील अधिकारियों को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:14 AM IST
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अधिकारियों से बहस करते भाकियू नेता।
- फोटो : अमर उजाला
खतौली में काली नदी के दूषित जल के कारण गांवों में बीमारी का प्रकोप बढ़ने तथा फसलों के नुकसान होने को लेकर भाकियू ने तहसील में धरना व प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील दिवस में अधिकारियों का घेराव कर नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम प्रशासन को सौंपा तथा 15 दिन में समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
भाकियू ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम के नेतृत्व में कार्यकर्ता मंगलवार को तहसील पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने तहसील दिवस में बैठे अन्य विभागों के अधिकारियों को बाहर निकाल दिया और धरना देकर बैठ गए। कपिल सोम का कहना था कि काली नदी तथा नागिन नदी का पानी दूषित हो चुका है। जिस कारण आसपास के ग्रामों में भूगर्भ जल खराब होने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है।
ग्रामीण संक्रामक रोग से ग्रसित है। पानी के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। इस मामले को लेकर भाकियू कई बार प्रदर्शन कर चुकी है, मगर समस्या से निजात नहीं मिल पाई। शुगर मिल का गंदा पानी बंद कराने तथा गंगनहर का पानी नदी में छोड़े जाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने 15 दिन में समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बाद में एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। एडीएम ने शीघ्र समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान यशवीर सिंह, विनोद, रघुराज, रोशन, चरण सिंह, धर्मेंद्र पहलवान, रामपाल सिंह, कुलदीप राणा आदि शामिल थे।
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भाकियू ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम के नेतृत्व में कार्यकर्ता मंगलवार को तहसील पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने तहसील दिवस में बैठे अन्य विभागों के अधिकारियों को बाहर निकाल दिया और धरना देकर बैठ गए। कपिल सोम का कहना था कि काली नदी तथा नागिन नदी का पानी दूषित हो चुका है। जिस कारण आसपास के ग्रामों में भूगर्भ जल खराब होने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है।
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ग्रामीण संक्रामक रोग से ग्रसित है। पानी के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। इस मामले को लेकर भाकियू कई बार प्रदर्शन कर चुकी है, मगर समस्या से निजात नहीं मिल पाई। शुगर मिल का गंदा पानी बंद कराने तथा गंगनहर का पानी नदी में छोड़े जाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने 15 दिन में समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बाद में एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। एडीएम ने शीघ्र समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान यशवीर सिंह, विनोद, रघुराज, रोशन, चरण सिंह, धर्मेंद्र पहलवान, रामपाल सिंह, कुलदीप राणा आदि शामिल थे।
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