काला धन बाहर निकालें, कोई पूछताछ नहीं होगी   

अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 29 Jun 2016 12:09 AM IST
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मुजफ्फरनगर में कारोबारियों की मीटिंग लेतीं आयकर आयुक्त।
मुजफ्फरनगर में कारोबारियों की मीटिंग लेतीं आयकर आयुक्त। - फोटो : अमर उजाला

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आयकर आयुक्त रीना सिन्हा पुरी ने कहा कि काला धन बाहर निकालकर 45 प्रतिशत कर जमा करने वाले लोगों से कोई पूछताछ नहीं होगी। 30 सितंबर 2016 के बाद भी कोई अघोषित आय छिपाता है तो विभाग सीधे कार्रवाई करेगा। 
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आयकर विभाग के सभाकक्ष में डॉक्टर एसोसिएशन, उत्पादक संघ, ज्वैलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को आयुक्त रीना सिन्हा ने एक जून 2016 से शुरू की गई योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अघोषित आय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की सोच स्पष्ट कर चुके हैं। इस योजना में पूर्व वर्षों की अघोषित आय, संपत्तियां वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर घोषित की जा सकती हैं।
घोषणाकर्ता को अघोषित आय का 45 प्रतिशत कर का भुगतान करना है। घोषणा 30 सितंबर तक ऑनलाइन या प्रधान आयकर आयुक्त को प्रिंट फार्म में दाखिल करनी होगी। कर अधिभार और पेनल्टी के रूप में 45 प्रतिशत का भुगतान 30 नवंबर तक करना होगा। आयकर आयुक्त ने कहा कि इस योजना में की गई आय की घोषणा पूर्णतया गुप्त रखी जाएगी।
पुरी ने कहा कि उनके कार्यालय का कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी करदाता का उत्पीड़न करे तो सीधे उन्हें बताएं। जिन लोगों ने अब तक अपनी आय को छिपाकर रखा है, अपनी आय की घोषणा करने का उनके पास अच्छा समय है। देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, अब चीजों को ज्यादा दिन छिपाया नहीं जा सकता। हम लोगों को चाहिए कि हम अपना सारा कारोबार नंबर एक में ले आएं।

सरकार हमें खुद सुधरने का मौका दे रही है। सरकार की मंशा किसी को अपमानित करने और परेशान करने की नहीं है। हम लोगों ने यदि गलतियां की हैं तो उन्हें खुद ही सुधारा जा सकता है। विभाग सभी लोगों के लेन-देन का ब्यौरा अपने पास रखता है। भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से चेतावनी भी दे दी है कि यदि 30 सितंबर के बाद भी कोई अपनी आय छिपाता है तो उसके खिलाफ सीधी कार्रवाई होगी। कोई कितना भी छुपाने का प्रयास कर ले, सच सामने आ जाएगा। संचालन आयकर अधिकारी संजय जैन ने किया। बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। 

शंकाओं से घिरे रहे उद्यमी
अघोषित संपत्ति घोषित करने को लेकर व्यापारी शंकाओं से घिरे हैं। हालांकि आयकर आयुक्त बड़ी ही स्पष्ट शैली में सरकार की कार्यप्रणाली और सोच से उन्हें अवगत करा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को कोई शंका हो तो सवाल कर सकते हैं। सवाल तो किसी ने नहीं पूछा, लेकिन यह स्पष्ट भी नहीं किया कि वह संपत्ति की घोषणा करेंगे या नहीं। 30 सितंबर तक क्या सफलता मिलेगी, यह तो समय ही बताएगा। हां, इतना जरूर है कि अघोषित आय वाले सोचने को मजबूर हो गए हैं।
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