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भाकियू का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन

Mon, 14 Dec 2020 11:47 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 11:47 PM IST
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BKU protests in  Collectorate
किसान अंदोलन के समर्थन में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
भाकियू का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
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मुजफ्फरनगर। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि दमनकारी नीतियों के बल पर देशव्यापी आंदोलन को सरकार दबा नहीं सकती। केंद्र की भाजपा सरकार को एक न एक दिन किसानों के आगे झुकना पड़ेगा। किसानों के साथ नाइंसाफी किसी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। भाकियू ने पीएम के नाम एडीएम (वित्त) को ज्ञापन सौंपा। वहीं, आंदोलन करने आए भाकियू अंबावता के कार्यकर्ताओं को प्रशासन ने जीआईसी के मैदान में ही रोक दिया और उनसे वहीं पर ज्ञापन ले लिया गया। किसानों के प्रदर्शन के कारण कलक्ट्रेट छावनी में तब्दील रही।
सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता सोमवार को महावीर चौक पर कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर नीटू दुल्हैरा के नेतृत्व में एडीएम (वित्त) आलोक कुमार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देने के बाद कार्यकर्ता वापस अपने कार्यालय पर लौट आए। ज्ञापन में कृषि कानूनों का खुलकर विरोध किया गया। इन कानूनों को भाकियू ने कंपनी राज की शुरूआत बताया। कृषि कानून नियंत्रण मुक्त, विपणन, भंडारण, आयात निर्यात को लेकर किसी भी सूरत में किसान हित में नहीं है। भाकियू ने इस 13 सूत्रीय ज्ञापन में किसान हित से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उठाते हुए निस्तारण की मांग की। प्रदर्शनकारियों में नीटू दुल्हैरा, संजीव त्यागी, राजेंद्र सैनी, विकास कुमार, नीरज पहलवान, जोगिन्द्र प्रधान, संजीव पंवार, प्रवीन कुमार, बिट्टू प्रधान, शाहिद आलम, डॉ विकास मलिक, प्रवीण गोलियान आदि यूनियन पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
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उधर, भाकियू अम्बावता के जिलाध्यक्ष शाह आलम के नेतृत्व में किसानों ने भी कलक्ट्रेट कूच की तैयारी की, लेकिन एडीएम (प्रशासन) अमित सिंह ने उनको फोर्स के साथ जीआईसी मैदान पर ही रोक लिया। उनको समझाकर वहीं पर ज्ञापन ले लिया गया। संगठन ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, किसानों का कर्ज माफ कराने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने की मांग की। भाकियू किसान सेना के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष पंकज ग्रेड के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया। पीएम मोदी को भेजे गए ज्ञापन में कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए विरोध जताया गया। इसरार, नकुल अहलावत, साबिर त्यागी, आदेश, सरताज प्रधान, शफीक अंसारी, शाहवेज खान, अकलीम त्यागी, हरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डीएम कार्यालय पर धरना दिया। इन कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्यागी व रविंद्र कुमार के नेतृत्व में किसान आंदोलन के समर्थन में नारेबाजी की। राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह को सौंपा। संगठन ने तीनों कृषि कानूनों को वापस कराए जाने के साथ ही फसलों की खरीद के लिए एमएसपी गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग की है।
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