{"_id":"5f30412b8ebc3e3cf96f668a","slug":"bku-ongoing-indefinite-strike-in-kotwali-muzaffarnagar-news-mrt495481355","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू का कोतवाली में बेमियादी धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू का कोतवाली में बेमियादी धरना जारी
विज्ञापन
बुढ़ाना कोतवाली में धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबांधित करते भाकियू जिलाध्यक्ष।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
भाकियू का कोतवाली में बेमियादी धरना जारी
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर भाकियू ने कोतवाली में धरना दिया। अधिकारियों के साथ भुगतान संबंधित वार्ता विफल होने पर सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार भाकियू के जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने बेमियादी धरने की घोषणा की। धरनास्थल पर वक्ताओं ने कहां कि किसान एक-एक पैसे के लिए परेशान है। सरकार चीनी मिल मालिकों से भुगतान करवाने में विफल रही है।
भाकियू कार्यकर्ता को कोतवाली बुलवाने तथा गन्ने के बकाया भुगतान की समस्या को लेकर रविवार को भाकियू के जिले के सभी पदाधिकारी व सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता ट्रैक्टर ट्राली, बाइक व कार द्वारा कोतवाली पहुंचे। सभी कार्यकर्ता कोतवाली में धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि जनपद का किसान गन्ने की फसल के ऊपर निर्भर है। चीनी मिल भैंसाना का भुगतान सबसे कम है। तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान ने कहा कि इस सरकार में किसान की हालत बद से बदतर हो गई है। किसान एक-एक पैसे को परेशान है। किसानों की वोट लेकर बनी सरकार इनके भुगतान की समस्या पर ध्यान नहीं दे रही हैै। ब्लॉक अध्यक्ष संजीव पंवार ने कहा कि किसान को गन्ने का भुगतान न होने से उनके बच्चों की फीस नही जा रही है। बिजली के बिल बकाया होते जा रहे है। 14 दिन में गन्ने का भुगतान करने का वादा करने वाली सरकार भुगतान करवाने में नाकाम रही है। बकाया भुगतान की समस्या को लेकर भाकियू पदाधिकारियों के बुलावे पर चीनी मिल भैंसाना के जीएम कैन किसान के बीच पहुंचे। बकाया भुगतान के बारे में उन्होंने बताया कि उनकी चीनी मिल चीनी बेचकर 80 प्रतिशत भुगतान किसानों को भेज रही है। सरकार द्वारा कोटा निर्धारित किए जाने के कारण भुगतान की गति कुछ धीमी हुई है। उन्होंने कहां कि चीनी बेचकर किसानों का भुगतान दिया जा रहा है। जीएम कैन के साथ हुई वार्ता से भाकियू पदाधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। जिले के सभी पदाधिकारियों की सहमति से लिए गए निर्णय के अनुसार जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कोतवाली में बेमियादी धरने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रात के समय ग्यारह-ग्यारह कार्यकर्ता कोतवाली में धरने में रहेंगे। मंगलवार को बकाया भुगतान के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर सतेंद्र चौहान, कपिल सोम, दीपक चौधरी, रोशन शर्मा सहित जनपद के सभी तहसील व ब्लॉक अध्यक्ष मौजूद रहे।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की
बुढ़ाना। बिजली की लाइन के विवाद को लेकर बिजली ठेकेदार के कर्मचारी व दभेड़ी गांव के भाकियू कार्यकर्ता आशु की आपस में कहासुनी हो गई थी। ठेकेदार के कर्मचारी गौरव ने पदाधिकारियों से हाथ जोड़कर माफी मांग ली थी। शनिवार को कोतवाली में भाकियू का धरना समझौते के बाद समाप्त हो गया था। ठेकेदार के कर्मचारी की तहरीर पर पुलिस ने देर रात फिर आशु को कोतवाली बुलवाया। घटना की सूचना मिलते ही पदाधिकारी भी कोतवाली पहुंच गए। बिजली ठेकेदार व भाकियू पदाधिकारियों के दबाव के चलते पुलिस ने दोनों पक्षों की बात रखते हुए भाकियू कार्यकर्ता का चालान किया। उसे बाहर से बाहर जमानत दिलवाई। जमानत के बाद कार्यकर्ता को पदाधिकारियों को सौंप दिया। पुलिस ने अपनी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर ली तथा भाकियू पदाधिकारियों की अपने साथ ले जाने की मांग भी पूरी कर दी।
विज्ञापन
पुलिस के किचन में बनाया खाना
बुढ़ाना। गन्ने के बकाया भुगतान की समस्या को लेकर भाकियू ने कोतवाली में अपना डेरा डाल दिया है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठने वालों के लिए भोजन की व्यवस्था स्वयं की। खराब मौसम के कारण कोतवाली के किचन में भी अपना कब्जा जमाया। कार्यकर्ताओं के लिए किचन में स्वयं खाना बनाया।
अव्यवस्था का शिकार हुई कोतवाली
बुढ़ाना। गन्ने के बकाया भुगतान की समस्या को लेकर कोतवाली में धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं के आवागमन तथा उनके वाहनों से कोतवाली अव्यवस्था का शिकार हुई। बाइक व कारों से कोतवाली परिसर भर गया। इसी दौरान बारिश होने के कारण कार्यकर्ता ने परिसर से उठकर कोतवाली कार्यालय के बरामदे में अपना कब्जा जमा लिया। बारिश के दौरान कार्यकर्ता बरामदे में बैठे रहे। पूरा दिन कार्यकर्ताओं के आवागमन के कारण कोतवाली अव्यवस्थाओं का शिकार रही।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर भाकियू ने कोतवाली में धरना दिया। अधिकारियों के साथ भुगतान संबंधित वार्ता विफल होने पर सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार भाकियू के जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने बेमियादी धरने की घोषणा की। धरनास्थल पर वक्ताओं ने कहां कि किसान एक-एक पैसे के लिए परेशान है। सरकार चीनी मिल मालिकों से भुगतान करवाने में विफल रही है।
भाकियू कार्यकर्ता को कोतवाली बुलवाने तथा गन्ने के बकाया भुगतान की समस्या को लेकर रविवार को भाकियू के जिले के सभी पदाधिकारी व सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता ट्रैक्टर ट्राली, बाइक व कार द्वारा कोतवाली पहुंचे। सभी कार्यकर्ता कोतवाली में धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि जनपद का किसान गन्ने की फसल के ऊपर निर्भर है। चीनी मिल भैंसाना का भुगतान सबसे कम है। तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान ने कहा कि इस सरकार में किसान की हालत बद से बदतर हो गई है। किसान एक-एक पैसे को परेशान है। किसानों की वोट लेकर बनी सरकार इनके भुगतान की समस्या पर ध्यान नहीं दे रही हैै। ब्लॉक अध्यक्ष संजीव पंवार ने कहा कि किसान को गन्ने का भुगतान न होने से उनके बच्चों की फीस नही जा रही है। बिजली के बिल बकाया होते जा रहे है। 14 दिन में गन्ने का भुगतान करने का वादा करने वाली सरकार भुगतान करवाने में नाकाम रही है। बकाया भुगतान की समस्या को लेकर भाकियू पदाधिकारियों के बुलावे पर चीनी मिल भैंसाना के जीएम कैन किसान के बीच पहुंचे। बकाया भुगतान के बारे में उन्होंने बताया कि उनकी चीनी मिल चीनी बेचकर 80 प्रतिशत भुगतान किसानों को भेज रही है। सरकार द्वारा कोटा निर्धारित किए जाने के कारण भुगतान की गति कुछ धीमी हुई है। उन्होंने कहां कि चीनी बेचकर किसानों का भुगतान दिया जा रहा है। जीएम कैन के साथ हुई वार्ता से भाकियू पदाधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। जिले के सभी पदाधिकारियों की सहमति से लिए गए निर्णय के अनुसार जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कोतवाली में बेमियादी धरने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रात के समय ग्यारह-ग्यारह कार्यकर्ता कोतवाली में धरने में रहेंगे। मंगलवार को बकाया भुगतान के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर सतेंद्र चौहान, कपिल सोम, दीपक चौधरी, रोशन शर्मा सहित जनपद के सभी तहसील व ब्लॉक अध्यक्ष मौजूद रहे।
विज्ञापन
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की
बुढ़ाना। बिजली की लाइन के विवाद को लेकर बिजली ठेकेदार के कर्मचारी व दभेड़ी गांव के भाकियू कार्यकर्ता आशु की आपस में कहासुनी हो गई थी। ठेकेदार के कर्मचारी गौरव ने पदाधिकारियों से हाथ जोड़कर माफी मांग ली थी। शनिवार को कोतवाली में भाकियू का धरना समझौते के बाद समाप्त हो गया था। ठेकेदार के कर्मचारी की तहरीर पर पुलिस ने देर रात फिर आशु को कोतवाली बुलवाया। घटना की सूचना मिलते ही पदाधिकारी भी कोतवाली पहुंच गए। बिजली ठेकेदार व भाकियू पदाधिकारियों के दबाव के चलते पुलिस ने दोनों पक्षों की बात रखते हुए भाकियू कार्यकर्ता का चालान किया। उसे बाहर से बाहर जमानत दिलवाई। जमानत के बाद कार्यकर्ता को पदाधिकारियों को सौंप दिया। पुलिस ने अपनी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर ली तथा भाकियू पदाधिकारियों की अपने साथ ले जाने की मांग भी पूरी कर दी।
विज्ञापन
पुलिस के किचन में बनाया खाना
बुढ़ाना। गन्ने के बकाया भुगतान की समस्या को लेकर भाकियू ने कोतवाली में अपना डेरा डाल दिया है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठने वालों के लिए भोजन की व्यवस्था स्वयं की। खराब मौसम के कारण कोतवाली के किचन में भी अपना कब्जा जमाया। कार्यकर्ताओं के लिए किचन में स्वयं खाना बनाया।
अव्यवस्था का शिकार हुई कोतवाली
बुढ़ाना। गन्ने के बकाया भुगतान की समस्या को लेकर कोतवाली में धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं के आवागमन तथा उनके वाहनों से कोतवाली अव्यवस्था का शिकार हुई। बाइक व कारों से कोतवाली परिसर भर गया। इसी दौरान बारिश होने के कारण कार्यकर्ता ने परिसर से उठकर कोतवाली कार्यालय के बरामदे में अपना कब्जा जमा लिया। बारिश के दौरान कार्यकर्ता बरामदे में बैठे रहे। पूरा दिन कार्यकर्ताओं के आवागमन के कारण कोतवाली अव्यवस्थाओं का शिकार रही।