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किसानों की इस हालत के लिए सरकारें जिम्मेदार : राकेश    

Tue, 10 Jan 2017 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 10 Jan 2017 12:30 AM IST
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BKU national spokesman Rakesh Tikait
किसान के घर पहुंचे राकेश टिकैत। - फोटो : अमर उजाला
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कर्ज की टेंशन में किसान जयवीर सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया। अगर सरकारों की ओर से किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम नहीं दिए गए तो, देश में इस तरह की घटनाएं और बढ़ेंगी। इसके लिए देश की सरकारें जिम्मेदार हैं।    
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गांव मथेड़ी में भाकियू नेता राकेश टिकैत सोमवार को मृतक किसान जयवीर सिंह के पीड़ित परिजनों से मिले। उन्होंने घटना पर दुख प्रकट किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। इसलिए किसान पर कर्ज हो जाता है, जिससे उसका परिवार मानसिक तनाव में जीता है।
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जयवीर सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ है। किसान गन्ने की फसल को मिल में डाल देता है और उसको समय पर पैसा नहीं मिलता। जब तक किसान के खाते में सीधी सब्सिडी नहीं पहुंचेगी, तब तक गांवों के किसानों की हालत नहीं सुधरेगी। आज जो महंगाई बढ़ी है, इससे किसान कर्ज में डूब गया है। कर्ज की मार से किसान उबर नहीं पा रहा है। इसलिए बड़ा और छोटा किसान रोजगार की तलाश में गांव से पलायन कर शहर की तरफ भाग रहा है। व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। 
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कुछ किसान गांवों से अपनी जमीनों को बेचकर पलायन करने को मजबूर हैं। देश में जब तक नेशनल एग्रीकल्चर पॉलिसी नहीं बनेगी, ऐसे ही हालात बने रहेंगे। उन्होंने मृतक किसान के परिजनों को अधिकारियों से बातचीत कर आर्थिक मदद दिलाए जाने का भरोसा दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, सुनील प्रधान भैंसी, मनोज, निक्की, रविंद्र, जितेंद्र, ललित त्यागी, सुधीर, गुड्डू आदि मौजूद रहे।      
    
मौसी से बात करती रही मां, बेटे ने उजाड़ ली दुनिया
रतनपुरी/खतौली। गांव मथेड़ी के मृतक किसान जयवीर सिंह का अपनी मां और बेटे की हत्या करने का प्लान नहीं था। खूनखराबे से पहले बेटे को घर से बाहर भेज दिया और मौसी को फोन लगाकर मोबाइल अपनी मां को थमा दिया। मां बात करते हुए घर से बाहर चली गई। इसके बाद किसान ने आत्मघाती कदम उठाया। इस बात को मृतक के परिजनों ने राकेश टिकैत को बताया। भाकियू नेता ने किसान के बेटे कृष्णा से घटना के बारे में पूछा तो, उसने कहा वह घेर में खेल रहा था।


गांव मथेड़ी पहुंचे भाकियू नेता ने मृतक किसान के परिजनों से घटना के बारे में पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि खूनखराबा करने के पीछे जयवीर क्या मकसद रहा होगा, यह तो वे नहीं बता सकते। वे इतना जानते हैं कि जयवीर अपनी मां प्रकाशी और बेटे कृष्णा की हत्या करना नहीं चाहता था। जयवीर ने अपनी मौसी को खुद अपने मोबाइल से फोन लगाकर मां को दिया था। जिससे मां बात करते हुए घर से बाहर चली जाए। बेटे कृष्णा को उसने पहले की घर से बाहर भेज दिया था।
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