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मथुरा की घटना पर भाजपाइयों में आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:14 AM IST
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कलक्ट्रेट में धरना देते भाजपा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा की घटना की सीबीआई जांच की मांग को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन किया। राज्यपाल के नाम डीएम को एक ज्ञापन दिया गया। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
आए दिन गुंडागर्दी, अपहरण लूट, सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश में चारों ओर अराजकता का माहौल है। भूमाफियाओं द्वारा प्रदेशभर में कब्जे किए जा रहे हैं। मथुरा के जवाहर बाग की घटना इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि माफिया किस तरह कब्जे कर रहे हैं।
न्यायालय के आदेेश से पहले प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया। भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि एसओ और एसपी सिटी तक को मार डाला। इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि कब्जा कराने में किसकी भूमिका थी।
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ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, विधायक कपिलदेव अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व चेयरमैन सुभाषचंद्र शर्मा, विकास सैनी, देशबंधु तोमर, विजय सैनी, सरिता गौड़, योगेश बालियान, जयदेव बालियान, तेजपाल सिंह,
हरीश अहलावत, नरेंद्र चौधरी, ब्रजेश दीक्षित, धर्मसिंह कपासिया, ताहर सिंह पाल, रोहताश पाल, अतुल सैनी, मदन छाबड़ा, श्रीमोहन तायल, जगदीश पांचाल, हरेंद्र पाल, राजीव शर्मा, मनोज पंवार आदि मौजूद रहे।
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आए दिन गुंडागर्दी, अपहरण लूट, सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश में चारों ओर अराजकता का माहौल है। भूमाफियाओं द्वारा प्रदेशभर में कब्जे किए जा रहे हैं। मथुरा के जवाहर बाग की घटना इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि माफिया किस तरह कब्जे कर रहे हैं।
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न्यायालय के आदेेश से पहले प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया। भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि एसओ और एसपी सिटी तक को मार डाला। इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि कब्जा कराने में किसकी भूमिका थी।
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ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, विधायक कपिलदेव अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व चेयरमैन सुभाषचंद्र शर्मा, विकास सैनी, देशबंधु तोमर, विजय सैनी, सरिता गौड़, योगेश बालियान, जयदेव बालियान, तेजपाल सिंह,
हरीश अहलावत, नरेंद्र चौधरी, ब्रजेश दीक्षित, धर्मसिंह कपासिया, ताहर सिंह पाल, रोहताश पाल, अतुल सैनी, मदन छाबड़ा, श्रीमोहन तायल, जगदीश पांचाल, हरेंद्र पाल, राजीव शर्मा, मनोज पंवार आदि मौजूद रहे।