BKU टूट गया : Rakesh Tikait बोले- सरकार ने चली फूट डालो की चाल, राजनीतिक दबाव में बना दूसरा संगठन
भारतीय किसान यूनियन के दो फाड़ हो गए हैं। जिसके पीछे राकेश टिकैत ने सरकार की साजिश करार दी है। टिकैत ने कहा कि सरकार ने फूट डालों की चाल चली है। जो लोग संगठन छोड़कर गए हैं, उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
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भारतीय किसान यूनियन(बीकेयू) में फूट पड़ गई है। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का गठन हो गया है। जिसका राजेश चौहान को अध्यक्ष बनाया गया है। इस मामले पर भाकियू(भारतीय किसान यूनियन) प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कई लोगों को छोटे-छोटे गांवों से निकालकर बीकेयू में 30 साल में बड़े-बड़े पदों पर बैठाया। संयुक्त मोर्चे में भी 550 किसान संगठन हैं। करनाल में बीकेयू की 18 मई को कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। हमारे ऊपर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। उन लोगों ने दबाव में अपना दूसरा संगठन बनाया है। हमने उन्हें सुबह भी मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।
सरकार ने चली फूट डालो की चाल : टिकैत
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने फूट डालों की चाल चली है। जो लोग संगठन छोड़कर गए हैं, उन्हें निष्कासित कर दिया गया है। भाकियू आम किसानों का संगठन है। पूरी ताकत से किसानों के हितों की लड़ाई जारी रहेगी।
भ्रामक प्रचार पर राजेश चौहान समेत सात पदाधिकारी बर्खास्त
भाकियू ने बागी पदाधिकारियों को गलत नीति और भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाते हुए बर्खास्त कर दिया है। राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने निष्कासन पत्र जारी किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान, राष्ट्रीय महासचिव अनिल तालान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरिनाम वर्मा, यूपी एनसीआर के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी, मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष दिगंबर सिंह, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक और प्रदेश उपाध्यक्ष राजबीर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।