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घर पर ही देखभाल से कोरोना को दें मात : सीएमओ
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घर पर ही देखभाल से कोरोना को दें मात : सीएमओ
मुजफ्फरनगर। कोरोना के मामले बढ़ जरूर रहें हैं, लेकिन पहली दो लहर जैसी गंभीर स्थिति संक्रमितों में इस बार नहीं देखी जा रही है। बहुत से लोगों में तो कोई खास लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, फिर भी उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। ऐसी स्थिति में घर पर ही रहकर कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए और स्वास्थ्य महानिदेशालय से जारी दवाओं का सेवन करते हुए कोरोना को आसानी से मात दी जा सकती है।
सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि सरकार द्वारा कोरोना की जांच, उपचार और रेफर के लिए बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड व कंट्रोल सेंटर से संक्रमितों की निगरानी की जा रही है और जरूरी परामर्श भी दिए जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इस बार कोविड को मात देने के लिए समिति द्वारा निर्धारित दवाओं की सूची जारी करने के साथ ही कोरोना से निपटने के लिए की गईं तैयारियों और बरती जाने वाली सावधानियों का भी जिक्र किया है। किसी होम आइसोलेटेड मरीज के लक्षण युक्त हो जाने या उसे चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होने पर इलाज व परामर्श की सुविधा मिल रही है।
चिकित्सीय सलाह की सुविधा पूरे समय के लिए उपलब्ध है। ई-संजीवनी एप के माध्यम से घर पर ही अनुभवी चिकित्सकों द्वारा मुफ्त कंसल्टेंसी की सुविधा दी जा रही है। सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त कोविड जांच और लक्षण युक्त व्यक्तियों के लिए उपचार की सुविधा मौजूद है। विशेष परिस्थितियों में हेल्पलाइन नंबर- 1800-180-5145 और 104 नंबर की भी मदद ली जा सकती है।
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इन परिस्थितियों में संपर्क करें
लगातार कई दिनों तक 101 डिग्री से अधिक बुखार आने, सांस फूलना और सांस लेने में परेशानी होना, पल्स ऑक्सीमीटर से नापने पर ऑक्सीजन का स्तर 94 फीसद से कम आना, भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने पर, छोटे बच्चों में कोविड के लक्षण बुखार, खांसी, जुकाम, लगातार रोना, दूध खुराक लेना बंद कर देना, दस्त लगना, पसली चलना, निढाल पड़ जाना की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना के मामले बढ़ जरूर रहें हैं, लेकिन पहली दो लहर जैसी गंभीर स्थिति संक्रमितों में इस बार नहीं देखी जा रही है। बहुत से लोगों में तो कोई खास लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, फिर भी उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। ऐसी स्थिति में घर पर ही रहकर कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए और स्वास्थ्य महानिदेशालय से जारी दवाओं का सेवन करते हुए कोरोना को आसानी से मात दी जा सकती है।
सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि सरकार द्वारा कोरोना की जांच, उपचार और रेफर के लिए बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड व कंट्रोल सेंटर से संक्रमितों की निगरानी की जा रही है और जरूरी परामर्श भी दिए जा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इस बार कोविड को मात देने के लिए समिति द्वारा निर्धारित दवाओं की सूची जारी करने के साथ ही कोरोना से निपटने के लिए की गईं तैयारियों और बरती जाने वाली सावधानियों का भी जिक्र किया है। किसी होम आइसोलेटेड मरीज के लक्षण युक्त हो जाने या उसे चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होने पर इलाज व परामर्श की सुविधा मिल रही है।
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चिकित्सीय सलाह की सुविधा पूरे समय के लिए उपलब्ध है। ई-संजीवनी एप के माध्यम से घर पर ही अनुभवी चिकित्सकों द्वारा मुफ्त कंसल्टेंसी की सुविधा दी जा रही है। सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त कोविड जांच और लक्षण युक्त व्यक्तियों के लिए उपचार की सुविधा मौजूद है। विशेष परिस्थितियों में हेल्पलाइन नंबर- 1800-180-5145 और 104 नंबर की भी मदद ली जा सकती है।
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लगातार कई दिनों तक 101 डिग्री से अधिक बुखार आने, सांस फूलना और सांस लेने में परेशानी होना, पल्स ऑक्सीमीटर से नापने पर ऑक्सीजन का स्तर 94 फीसद से कम आना, भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने पर, छोटे बच्चों में कोविड के लक्षण बुखार, खांसी, जुकाम, लगातार रोना, दूध खुराक लेना बंद कर देना, दस्त लगना, पसली चलना, निढाल पड़ जाना की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।