फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Be careful, pollution will fight over Diwali

सावधान रहें, दिवाली पर प्रदूषण से होगी जंग

Sat, 26 Oct 2019 08:06 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Oct 2019 08:06 PM IST
विज्ञापन
Be careful, pollution will fight over Diwali
सावधान रहें, दिवाली पर प्रदूषण से होगी जंग
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। दिवाली का त्योहार खुशियों के साथ प्रदूषण भी लेकर आता है। इस दिन जमकर आतिशबाजी की जाती है तो हवा में जहरीला धुआं घुल जाता है। पहले से ही जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति खराब चल रही है। दिवाली पर हवा की गुणवत्ता और ज्यादा खराब होने की पूरी संभावना है।
एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर जनपद फिलहाल आसपास के जनपदों में सबसे प्रदूषित शहर रहा है। उद्योगों से निकलने वाला धुआं जनपद के वायु मंडल में जहर घोल रहा है। सर्दियां शुरू होते ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है और एयर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति खराब होने लगती है। दिवाली के दिन लोग जमकर आतिशबाजी छुड़ाते हैं। आतिशबाजी के धुएं से वायु मंडल प्रदूषित होता है। हानिकारक गैसें हवा में घुल जाती हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इस बार भी यही स्थिति तय है। शनिवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 275 रहा। यह काफी कमजोर स्थिति है। दिवाली के दिन इंडेक्स बढ़कर 300 के पार जाने की पूरी उम्मीद है। यह प्रदूषण की खतरनाक स्थिति मानी जाती है। ऐसे में हवा जहरीली हो जाती है। गंभीर प्रदूषण से श्वांस, अस्थमा रोगियों, वृद्धों एवं बच्चों को भारी परेशानी होती है।
विज्ञापन

हानिकारक होता है वायु प्रदूषण का बढ़ाना
वायु प्रदूषण वृद्धों, बच्चों एवं बीमारों को तेजी से प्रभावित करता है। वरिष्ठ फिजिशियन डा. लोकेश गुप्ता बताते हैं कि वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने से दमा और एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। पटाखों में मौजूद छोटे कण सांस के साथ शरीर में जाते हैं जो बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। इनका असर फेफड़ों पर पड़ता है। श्वांस के मरीजों को प्रदूषित हवा से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाएं और बच्चों के लिए भी वायु प्रदूषण काफी खतरनाक साबित हो सकता है। पटाखों के धुएं में अनेक हानिकारक पार्टिकल्स होते हैं। प्रदूषण आंख, नाक और गले की समस्याएं का भी कारण बन सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का मानक
एक्यूआई मानक
0-50 अच्छा
50-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
300-400 बहुत खराब
400 से ज्यादा गंभीर
----------------------
-इन्होंने कहा...
-वायु प्रदूषण के स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नजर रखी जाती है। शहर में लगे सिस्टम से ऑनलाइन डाटा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को प्राप्त होता है। प्रदूषण कम हो इसके लिए कम आवाज एवं कम धुएं वाले पटाखों का प्रयोग करें।
- डीसी पांडेय, सहायक वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed