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बालियान, उमा में तीखी बहस
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 04 Sep 2016 12:13 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में विकास कार्यों में भेदभाव बरतने को लेकर केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान और पूर्व मंत्री उमा किरण के बीच तीखी बहस हुई। बोर्ड बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने बिजली, पेयजल, नाले, रास्ते के मुद्दे उठाए। सरकारी हैंडपंपों में सबमर्सिबल लगाने और रिबोर न होने पर सीडीओ और एडीएम ने जल निगम के अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। बोर्ड बैठक में एजेंडे के पांच प्रस्ताव समेत अन्य प्रस्ताव पूर्ण बहुमत से पारित हो गए।
चौधरी चरण सिंह सभागार में शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान और शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में सम्मिलित हुए। बैठक के दौरान विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं एवं प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
डॉ संजीव बालियान ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी को एकजुटता के साथ काम करना चाहिए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। बैठक में सदस्यों ने हैंडपंपों में ग्रामीणों द्वारा सबमर्सिबल लगाने, हैंडपंपों का रिबोर नहीं होने के बारे में जब जल निगम के अधिकारियों से पूछा गया तो जल अधिकारी जवाब नहीं दे सके, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों से अगली बैठक में सारे आंकड़ों के साथ मौजूद रहने के लिए कहा।
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सदस्यों ने उनके क्षेत्र में सड़क, नाले, पुलिया न बनने, जर्जर तारों के न बदले जाने आदि समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिस पर सीडीओ अंकित अग्रवाल और एडीएम मनोज कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से समस्याएं नोट कर निदान के निर्देश दिए। सदस्य दीप्ति ने कई बिंदुओं पर जिला पंचायत अध्यक्ष से जवाब मांगा। जिस पर मंत्री डॉ बालियान ने कहा कि ये सवाल आरटीआई के तहत मांगे जाने चाहिए।
बैठक में विकास के मुद्दों पर चर्चा हो, जिसका दीप्ति ने विरोध करते हुए कहा कि जवाब अध्यक्ष से चाहिए, तब अध्यक्ष आंचल तोमर ने कहा कि आपको लिखित में जवाब दिया जाएगा। सदस्य जब्बार ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में भेदभावपूर्ण तरीका अपनाया जा रहा है, विपक्ष के सदस्यों को काम नहीं दिए जा रहे हैं, जिस पर सभी विपक्षी सदस्य एकराय हो गए।
इसी दौरान पूर्व मंत्री उमा किरण ने भी दीप्ति और विपक्षी सदस्यों का समर्थन किया। उमा किरण ने कहा कि मंत्री महोदय यहां आकर अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं, जो उचित नहीं है। सूबे की सपा सरकार विकास कार्य करा रही है और आपसी तालमेल बनाकर जिला पंचायत की विकास निधि से सभी सदस्यों के क्षेत्र में विकास कार्य कराने चाहिए।
अधिकारियों पर दबाव बनाने की बात पर मंत्री डॉ संजीव बालियान की उमा किरण से तीखी बहस हो गई। मंत्री ने कहा कि उन्होंने आज तक किसी भी अधिकारी पर कोई दबाव नहीं बनाया। मैं यहां आमंत्रित सदस्य के रुप में आया हूं, जिले का विकास कराना प्राथमिकता है। जिस पर उमा किरण ने कहा कि वो भी यही चाहती हैं कि विकास मिल-जुलकर किया जाए। बहस बढ़ती देखकर सीडीओ ने हस्तक्षेप कर बैठक की कार्रवाई पूरी करने को कहा। इसके बाद अध्यक्ष आंचल तोमर ने सभी का आभार व्यक्त कर बैठक का समापन कर दिया।
बैठक में मुख्य रूप से अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा, जिला पंचायत सदस्य संदीप मलिक, रामनाथ, राजीव सैनी, राकेश वशिष्ठ, हरेंद्र शर्मा, रूबी सिंह, अंजलि मलिक, विक्रम सिंह सैनी, सदर ब्लॉक प्रमुख अमित राठी सहित सभी जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
गैरहाजिर को नोटिस जारी होगा
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी द्वितीय खंड समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। जिस पर सीडीओ ने कहा कि गैरहाजिर रहने वाले विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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चौधरी चरण सिंह सभागार में शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान और शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में सम्मिलित हुए। बैठक के दौरान विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं एवं प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
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डॉ संजीव बालियान ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी को एकजुटता के साथ काम करना चाहिए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। बैठक में सदस्यों ने हैंडपंपों में ग्रामीणों द्वारा सबमर्सिबल लगाने, हैंडपंपों का रिबोर नहीं होने के बारे में जब जल निगम के अधिकारियों से पूछा गया तो जल अधिकारी जवाब नहीं दे सके, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों से अगली बैठक में सारे आंकड़ों के साथ मौजूद रहने के लिए कहा।
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सदस्यों ने उनके क्षेत्र में सड़क, नाले, पुलिया न बनने, जर्जर तारों के न बदले जाने आदि समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिस पर सीडीओ अंकित अग्रवाल और एडीएम मनोज कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से समस्याएं नोट कर निदान के निर्देश दिए। सदस्य दीप्ति ने कई बिंदुओं पर जिला पंचायत अध्यक्ष से जवाब मांगा। जिस पर मंत्री डॉ बालियान ने कहा कि ये सवाल आरटीआई के तहत मांगे जाने चाहिए।
बैठक में विकास के मुद्दों पर चर्चा हो, जिसका दीप्ति ने विरोध करते हुए कहा कि जवाब अध्यक्ष से चाहिए, तब अध्यक्ष आंचल तोमर ने कहा कि आपको लिखित में जवाब दिया जाएगा। सदस्य जब्बार ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में भेदभावपूर्ण तरीका अपनाया जा रहा है, विपक्ष के सदस्यों को काम नहीं दिए जा रहे हैं, जिस पर सभी विपक्षी सदस्य एकराय हो गए।
इसी दौरान पूर्व मंत्री उमा किरण ने भी दीप्ति और विपक्षी सदस्यों का समर्थन किया। उमा किरण ने कहा कि मंत्री महोदय यहां आकर अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं, जो उचित नहीं है। सूबे की सपा सरकार विकास कार्य करा रही है और आपसी तालमेल बनाकर जिला पंचायत की विकास निधि से सभी सदस्यों के क्षेत्र में विकास कार्य कराने चाहिए।
अधिकारियों पर दबाव बनाने की बात पर मंत्री डॉ संजीव बालियान की उमा किरण से तीखी बहस हो गई। मंत्री ने कहा कि उन्होंने आज तक किसी भी अधिकारी पर कोई दबाव नहीं बनाया। मैं यहां आमंत्रित सदस्य के रुप में आया हूं, जिले का विकास कराना प्राथमिकता है। जिस पर उमा किरण ने कहा कि वो भी यही चाहती हैं कि विकास मिल-जुलकर किया जाए। बहस बढ़ती देखकर सीडीओ ने हस्तक्षेप कर बैठक की कार्रवाई पूरी करने को कहा। इसके बाद अध्यक्ष आंचल तोमर ने सभी का आभार व्यक्त कर बैठक का समापन कर दिया।
बैठक में मुख्य रूप से अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा, जिला पंचायत सदस्य संदीप मलिक, रामनाथ, राजीव सैनी, राकेश वशिष्ठ, हरेंद्र शर्मा, रूबी सिंह, अंजलि मलिक, विक्रम सिंह सैनी, सदर ब्लॉक प्रमुख अमित राठी सहित सभी जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
गैरहाजिर को नोटिस जारी होगा
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी द्वितीय खंड समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। जिस पर सीडीओ ने कहा कि गैरहाजिर रहने वाले विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।