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Muzaffarnagar News: मौसी ने जितेंद्र के मुंह से खींची मौत...मां ने लगा ली गले
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मुजफ्फरनगर। शांतिनगर में बुजुर्ग मां सुशील शर्मा को नशे की हालत में बाइक पर बैठाकर ले जाने की जिद करने के दौरान जितेंद्र शर्मा घर के बाहर गिर गया। मौसी उर्मिला शर्मा उठाने लगी तो भतीजे के मुंह से झाग निकलते हुए दिखाई दिए। मुंह में उंगली डालकर घुमाई तो सल्फास की आधी गोली निकली। बेटे के जहर खाने से व्याकुल हुई बुजुर्ग मां ने घर के बाहर पड़ी गोली उठाकर निगल ली।
बहन का हाल जानने और शादी में शामिल होने आई मेरठ की ब्रह्मपुरी निवासी उर्मिला शर्मा ने बताया कि जितेंद्र सुबह दो सौ रुपये लेकर गया और शराब पी ली। भतीजे नितिन के घर से रुपये लाकर भी शराब का सेवन किया।
दोपहर में ढाई बजे वह फिर से शराब के लिए रुपये मांगने लगा। बार-बार रुपये मांगने पर मां ने उसे मना कर दिया था। इसके बाद वह नाराज होकर घर से निकला और जहरीले पदार्थ का सेवन कर घर लौटा था।
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इनसेट
14 साल से शांतिनगर में रह रहा परिवार
बुजुर्ग सुशीला देवी के बेटे जितेंद्र, उमेश, सतेंद्र, पुष्पेंद्र और मुकेश का परिवार 2012 से शांति नगर में रह रहा है। वहीं उनका एक बेटा दिनेश अपने मूल गांव गागौर में रहकर खेती करता है। सतेंद्र ट्रैक्टर और पुष्पेंद्र बैंक की कैश वैन को चलाता है। रक्षाबंधन पर वह गागौर से बेटे जितेंद्र के पास आकर रह रही थीं। कई साल पहले उसके बेटे मुकेश की मौत हो चुकी है। जितेंद्र अविवाहित था और अन्य भाइयों के परिवार भी अलग-अलग रहते हैं। सोमवार को मुकेश के बेटे नितिन की बरात करनाल गई थी, जिसमें परिवार के अधिकतर सदस्य चले गए थे।
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इनसेट
नशे की लत के कारण बरात में जाने से रोका
शांतिनगर की गली नंबर एक के सबसे आखिर में पीड़ित परिवार का मकान है। जितेंद्र कभी अलमासपुर में और कभी दूसरे ठिकानों पर रहता था। सोमवार को परिवार के लोग बरात में गए लेकिन शराब की लत के कारण जितेंद्र को नहीं भेजा गया था। इसके अलावा काम के कारण उसके भाई उमेश और पुष्पेंद्र भी नहीं गए थे।
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इनसेट
पहले मां और फिर बेटे की निकली जान
जिला अस्पताल में दोपहर में दोनों को सवा तीन बजे भर्ती कराया गया था। काफी देर तक उपचार चलता रहा। उपचार के दौरान पहले मां और फिर बेटे की मौत हुई। परिवार के सदस्य अस्पताल में देर शाम पहुंचे और इसके बाद पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। भाई उमेश और सतेंद्र ने बताया कि वह सभी जितेंद्र को शराब न पीने के लिए काफी समझाते थे। वह मानता नहीं था। उसकी शादी भी नहीं हुई थी।
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बहन का हाल जानने और शादी में शामिल होने आई मेरठ की ब्रह्मपुरी निवासी उर्मिला शर्मा ने बताया कि जितेंद्र सुबह दो सौ रुपये लेकर गया और शराब पी ली। भतीजे नितिन के घर से रुपये लाकर भी शराब का सेवन किया।
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दोपहर में ढाई बजे वह फिर से शराब के लिए रुपये मांगने लगा। बार-बार रुपये मांगने पर मां ने उसे मना कर दिया था। इसके बाद वह नाराज होकर घर से निकला और जहरीले पदार्थ का सेवन कर घर लौटा था।
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14 साल से शांतिनगर में रह रहा परिवार
बुजुर्ग सुशीला देवी के बेटे जितेंद्र, उमेश, सतेंद्र, पुष्पेंद्र और मुकेश का परिवार 2012 से शांति नगर में रह रहा है। वहीं उनका एक बेटा दिनेश अपने मूल गांव गागौर में रहकर खेती करता है। सतेंद्र ट्रैक्टर और पुष्पेंद्र बैंक की कैश वैन को चलाता है। रक्षाबंधन पर वह गागौर से बेटे जितेंद्र के पास आकर रह रही थीं। कई साल पहले उसके बेटे मुकेश की मौत हो चुकी है। जितेंद्र अविवाहित था और अन्य भाइयों के परिवार भी अलग-अलग रहते हैं। सोमवार को मुकेश के बेटे नितिन की बरात करनाल गई थी, जिसमें परिवार के अधिकतर सदस्य चले गए थे।
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नशे की लत के कारण बरात में जाने से रोका
शांतिनगर की गली नंबर एक के सबसे आखिर में पीड़ित परिवार का मकान है। जितेंद्र कभी अलमासपुर में और कभी दूसरे ठिकानों पर रहता था। सोमवार को परिवार के लोग बरात में गए लेकिन शराब की लत के कारण जितेंद्र को नहीं भेजा गया था। इसके अलावा काम के कारण उसके भाई उमेश और पुष्पेंद्र भी नहीं गए थे।
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पहले मां और फिर बेटे की निकली जान
जिला अस्पताल में दोपहर में दोनों को सवा तीन बजे भर्ती कराया गया था। काफी देर तक उपचार चलता रहा। उपचार के दौरान पहले मां और फिर बेटे की मौत हुई। परिवार के सदस्य अस्पताल में देर शाम पहुंचे और इसके बाद पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। भाई उमेश और सतेंद्र ने बताया कि वह सभी जितेंद्र को शराब न पीने के लिए काफी समझाते थे। वह मानता नहीं था। उसकी शादी भी नहीं हुई थी।