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एआरटीओ के व्हाट्सएप पर दो माह में मिलीं महज 12 शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 30 Mar 2017 12:16 AM IST
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आरसी, लाइसेंस के लिए विभाग के चक्कर लगाने से लोगों को मुक्ति दी गई थी। विभाग से व्हाट्सएप नंबर दिया गया, लेकिन जनपद में लापरवाही से इसे पलीता लग गया। अधिकारियों ने योजना का सही रूप से प्रचार-प्रसार नहीं किया। इसके चलते विभाग पर दिन निकलते ही कतार लग रही है। व्हाट्सएप नंबर पर माह में चार से पांच ही शिकायतें लोगों की आ रही हैं।
उप्र परिवहन आयुक्त ने जनवरी माह में विभागीय बोझ का कम करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 8005441038 लांच किया था। इसके माध्यम से आरसी और लाइसेंस के बारे में जानकारी ली जा सकती है। आवेदनकर्ता घर से ही अपने कागजातों के बारे में जानकारी ले सकता है। जनपद में भी इसे लागू किया गया।
अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण योजना धड़ाम नजर आ रही है। दिन निकलते ही विभाग में लाइसेंस और आरसी की जानकारी, बनवाने वालों की भीड़ जुटती है। विभागीय अधिकारियों ने नंबर का प्रचार-प्रसार सही रूप से नहीं किया है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि विभाग के व्हाट्सएप नंबर पर कमतर ही शिकायतें, सुझाव मिल रहे हैं। दो माह में करीब 10 से 12 शिकायतें नंबर पर आई हैं।
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फिर सज गए दलालों के बस्ते
एआरटीओ पर सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स ने डंडा चलाकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यहां से दलालों की कुर्सी-मेज जब्त की गई। कार्यालय के बाहर हालात जस के तस हैं। कार्रवाई के अगले रोज ही एआरटीओ पर दलालों के बस्ते सज गए।
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उप्र परिवहन आयुक्त ने जनवरी माह में विभागीय बोझ का कम करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 8005441038 लांच किया था। इसके माध्यम से आरसी और लाइसेंस के बारे में जानकारी ली जा सकती है। आवेदनकर्ता घर से ही अपने कागजातों के बारे में जानकारी ले सकता है। जनपद में भी इसे लागू किया गया।
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अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण योजना धड़ाम नजर आ रही है। दिन निकलते ही विभाग में लाइसेंस और आरसी की जानकारी, बनवाने वालों की भीड़ जुटती है। विभागीय अधिकारियों ने नंबर का प्रचार-प्रसार सही रूप से नहीं किया है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि विभाग के व्हाट्सएप नंबर पर कमतर ही शिकायतें, सुझाव मिल रहे हैं। दो माह में करीब 10 से 12 शिकायतें नंबर पर आई हैं।
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फिर सज गए दलालों के बस्ते
एआरटीओ पर सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स ने डंडा चलाकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यहां से दलालों की कुर्सी-मेज जब्त की गई। कार्यालय के बाहर हालात जस के तस हैं। कार्रवाई के अगले रोज ही एआरटीओ पर दलालों के बस्ते सज गए।