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कला प्रत्येक हृदय में रची बसी है: सीताराम
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मालवीय इंटर कालेज में कला प्रदर्शनी का अवलोकन करते राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सीता राम कश्?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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- राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष के किया प्रदर्शनी का उद्घाटन
- छात्र-छात्राओं ने चित्रों के माध्यम से कैनवास पर भावनाओं को उकेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कलांगन और राज्य ललित कला अकादमी के सहयोग से आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बुद्ध, विवेकानंद के चित्रों के माध्यम से जहां अध्यात्म का संदेश दिया, वहीं योग क्रियाओं के चित्र बनाकर योग करने के लिए प्रेरित किया। मूर्ति कला और क्राफ्ट कला के कार्य ने सभी को आकर्षित किया।
मालवीय इंटर कॉलेज में 20 दिन तक चली कला कार्यशाला के बाद कला प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन ललित कला अकादमी लखनऊ के अध्यक्ष सीता राम कश्यप एवं जेवी जैन पीजी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ राम शब्द सिंह, डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कश्यप ने कहा कि कला किसी की बपौती नहीं, आदिवासियों से लेकर संभ्रांत जनों के हृदय में कला रची बसी है। डॉ राम शब्द सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रचलित लोक कलाओं पर आधारित चित्रों को देखना सुखद है। जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार ने युवा कलाकारों के कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
डीएवी कॉलेज के पूर्व विभागध्यक्ष डॉ महावीर सिंह ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में कलांगन की इकाई स्थापित होनी चाहिए। पूर्व एमएलसी ऋषि पाल गौतम, महेंद्र आचार्य, डॉ कंचन प्रभा, डॉ निशा गुप्ता, प्रधानाचार्य विनीत चौहान, डॉ विनोद कुमार, डॉ रीता मोहन ने कला के विकास की आवश्यकता बताई। दुर्जन सिंह राणा ने मंच का संचालन किया। प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर सोहन सिंह बोध ने कैलीग्राफी का डेमोंस्ट्रेशन दिया। सोनिया, मानसी, मोहिनी, पुनीत, अनमोल, इंदु, देव, शिवानी, विपुल, प्रीति, सीमा, नेहा, तैयबा, सपना, धर्मेंद्र, पीयूष के काम को सराहा गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजबल सैनी ने बताया कि प्रदर्शनी 22 जून को प्रात: नौ बजे से तीन बजे तक खुली रहेगी। सभी कृतियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
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- छात्र-छात्राओं ने चित्रों के माध्यम से कैनवास पर भावनाओं को उकेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कलांगन और राज्य ललित कला अकादमी के सहयोग से आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बुद्ध, विवेकानंद के चित्रों के माध्यम से जहां अध्यात्म का संदेश दिया, वहीं योग क्रियाओं के चित्र बनाकर योग करने के लिए प्रेरित किया। मूर्ति कला और क्राफ्ट कला के कार्य ने सभी को आकर्षित किया।
मालवीय इंटर कॉलेज में 20 दिन तक चली कला कार्यशाला के बाद कला प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन ललित कला अकादमी लखनऊ के अध्यक्ष सीता राम कश्यप एवं जेवी जैन पीजी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ राम शब्द सिंह, डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कश्यप ने कहा कि कला किसी की बपौती नहीं, आदिवासियों से लेकर संभ्रांत जनों के हृदय में कला रची बसी है। डॉ राम शब्द सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रचलित लोक कलाओं पर आधारित चित्रों को देखना सुखद है। जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार ने युवा कलाकारों के कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
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डीएवी कॉलेज के पूर्व विभागध्यक्ष डॉ महावीर सिंह ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में कलांगन की इकाई स्थापित होनी चाहिए। पूर्व एमएलसी ऋषि पाल गौतम, महेंद्र आचार्य, डॉ कंचन प्रभा, डॉ निशा गुप्ता, प्रधानाचार्य विनीत चौहान, डॉ विनोद कुमार, डॉ रीता मोहन ने कला के विकास की आवश्यकता बताई। दुर्जन सिंह राणा ने मंच का संचालन किया। प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर सोहन सिंह बोध ने कैलीग्राफी का डेमोंस्ट्रेशन दिया। सोनिया, मानसी, मोहिनी, पुनीत, अनमोल, इंदु, देव, शिवानी, विपुल, प्रीति, सीमा, नेहा, तैयबा, सपना, धर्मेंद्र, पीयूष के काम को सराहा गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजबल सैनी ने बताया कि प्रदर्शनी 22 जून को प्रात: नौ बजे से तीन बजे तक खुली रहेगी। सभी कृतियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
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