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ईडब्लूएस बनवाने के लिए चक्कर काट रहे आवेदक

Sun, 13 Dec 2020 12:29 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2020 12:29 AM IST
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Applicants getting upset for EWS
ईडब्लूएस बनवाने के लिए चक्कर काट रहे आवेदक
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मुजफ्फरनगर, खतौली। ईडब्लूएस की सुविधा के लिए ऑफलाइन जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदक तहसील के चक्कर काटने को विवश हैं। अधिकारियों के समय पर नहीं मिलने के कारण आवेदकों को यह प्रमाण-पत्र बनवाने में 15 से 20 दिन का समय लग रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य जाति के लोगों के लिए शासन ने ईडब्लूएस सुविधा शुरू की है, जिसके तहत इसके दायरे में आने वाले लोगों को विभिन्न योजनाओं में दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए आवेदकों को जाति प्रमाण-पत्र बनवाना होता है। इसके लिए तय नियम-शर्तों के अनुसार आवेदक के पास शहरी क्षेत्र में सौ वर्ग गज और देहात क्षेत्र में 200 वर्गगज से कम का मकान होना चाहिए। आवेदक की प्रतिवर्ष की आय आठ लाख रुपये से कम और कृषि भूमि पांच एकड़ से कम होनी चाहिए। इस प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदकों को तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कभी लेखपाल और कभी कानूनगो के नहीं मिलने के कारण प्रमाण-पत्र बनने में 15 से 20 दिन का समय लग रहा है, जिससे आवेदक परेशान हैं।
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तहसील में अब तक बने 1,893 प्रमाण-पत्र
खतौली। ईडब्लूएस प्रमाण-पत्र का लाभ दिया जाना वर्ष 2019 से शुरू हुआ था। खतौली तहसील में सबसे पहला प्रमाण-पत्र 30 मई 2019 को जारी किया गया था। सरकारी रिकॉर्ड की मानें तो 11 दिसंबर तक 1,893 आवेदनकर्ता यह प्रमाण-पत्र बनवा चुके हैं।
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इन्होंने कहा .....
तहसीलदार पुष्करनाथ चौधरी का कहना है कि प्रमाण-पत्र देरी से जारी होने के संबंध में किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। यदि कोई शिकायत दर्ज कराता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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