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एड्स पीड़ित बंदी के शव को छूने से इंकार, स्वीपर के रवैये से मोर्चरी पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:37 AM IST
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मोर्चरी पर मौजूद मृतक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग के स्वीपर ने एड्स पीड़ित बंदी के शव को छूने से इंकार कर दिया। इसके विरोध में मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया। यह मामला डीएम और शहर विधायक तक पहुंच गया। दोनों ने इस संबंध में कई बार सीएमओ को फोन कर पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। घंटों की जद्दोजहद के बाद शामली से आए स्वीपर ने शव का विच्छेदन किया। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
शहर के निकटवर्ती एक गांव का रहना वाला युवक हत्या के मामले में 29 अक्तूबर 2014 से जिला कारागार में बंद था। कुछ माह पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उपचार के दौरान जांच कराई तो वह एचआईवी से पीड़ित पाया गया। इसके बाद उसका दिल्ली, मेरठ और जिला चिकित्सालय में लगातार उपचार चल रहा था। कई दिनों से उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी, जिसके चलते जिला अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था।
इस संबंध में परिजनों को बता दिया गया था, उपचार के दौरान परिजन भी साथ थे। शुक्रवार दुपहर एड्स पीड़ित बंदी की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर जेल अधिकारियों ने इस संबंध में नईमंडी पुलिस को जानकारी दी। पोस्टमार्टम के लिए शव को शुक्रवार दुपहर ही मोर्चरी पर भेज दिया था, मगर शुक्रवार को पुलिस ने पंचनामा नहीं भरा। शनिवार को पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई पूरी की। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर जब पोस्टमार्टम करने वाली टीम को बंदी की एड्स से मौत की जानकारी हुई तो स्वीपर ने शव का विच्छेदन करने से इंकार कर दिया।
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इस पर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने वहां हंगामा कर दिया। शव का पोस्टमार्टम नहीं करने की जानकारी ग्रामीणों ने शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल को दी। विधायक ने सीएमओ से बात की। मामला डीएम डीके सिंह की जानकारी में आया तो उन्होंने भी सीएमओ को पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए, लेकिन बात नहीं बनी। घंटों की जद्दोजहद के उपरांत दुपहर बाद शामली से स्वीपर को बुलाया गया, तब बंदी के शव का पोस्टमार्टम हो सका। दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
26 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
मुजफ्फरनगर। एड्स पीड़ित बंदी के शव का पोस्टमार्टम 26 घंटे बाद हुआ। मोर्चरी पर मौजूद गांव के पूर्व प्रधान अमन सिंह, ब्रह्म सिंह, गुलाब सिंह एडवोकेट, दीपक कुमार, सुमित कुमार, आनंद, धारा, सोनू आदि ने बताया कि शुक्रवार दुपहर एक बजे शव मोर्चरी पर आ गया था, मगर पुलिस ने पंचनामा नहीं भरा। यदि समय से पंचनामा भरती तो शुक्रवार को ही पोस्टमार्टम हो जाता। पुलिस ने शनिवार सुबह पंचनामा भरकर कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद स्वीपर ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया।
दो डॉक्टरों के पैनल ने किया पीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम के निर्देश पर दो डॉक्टरों के पैनल ने एड्स पीड़ित बंदी के शव का पोस्टमार्टम किया। डॉ प्रवीण त्यागी और डॉ अरविंद गर्ग ने शव का पोस्टमार्टम किया।
स्वीपर के कारण देर हुई
सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि शनिवार सुबह पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई की। शामली का स्वीपर अवकाश पर जाने के कारण यहां के स्वीपर को शामली में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। वहां दो पोस्टमार्टम कराने के बाद वह यहां पहुंचा, जिस कारण पोस्टमार्टम करने में देरी हुई है। कर्मचारियों ने एड्स पीड़ित के शव का विच्छेदन करने से इंकार नहीं किया था।
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शहर के निकटवर्ती एक गांव का रहना वाला युवक हत्या के मामले में 29 अक्तूबर 2014 से जिला कारागार में बंद था। कुछ माह पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उपचार के दौरान जांच कराई तो वह एचआईवी से पीड़ित पाया गया। इसके बाद उसका दिल्ली, मेरठ और जिला चिकित्सालय में लगातार उपचार चल रहा था। कई दिनों से उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी, जिसके चलते जिला अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था।
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इस संबंध में परिजनों को बता दिया गया था, उपचार के दौरान परिजन भी साथ थे। शुक्रवार दुपहर एड्स पीड़ित बंदी की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर जेल अधिकारियों ने इस संबंध में नईमंडी पुलिस को जानकारी दी। पोस्टमार्टम के लिए शव को शुक्रवार दुपहर ही मोर्चरी पर भेज दिया था, मगर शुक्रवार को पुलिस ने पंचनामा नहीं भरा। शनिवार को पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई पूरी की। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर जब पोस्टमार्टम करने वाली टीम को बंदी की एड्स से मौत की जानकारी हुई तो स्वीपर ने शव का विच्छेदन करने से इंकार कर दिया।
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इस पर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने वहां हंगामा कर दिया। शव का पोस्टमार्टम नहीं करने की जानकारी ग्रामीणों ने शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल को दी। विधायक ने सीएमओ से बात की। मामला डीएम डीके सिंह की जानकारी में आया तो उन्होंने भी सीएमओ को पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए, लेकिन बात नहीं बनी। घंटों की जद्दोजहद के उपरांत दुपहर बाद शामली से स्वीपर को बुलाया गया, तब बंदी के शव का पोस्टमार्टम हो सका। दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
26 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
मुजफ्फरनगर। एड्स पीड़ित बंदी के शव का पोस्टमार्टम 26 घंटे बाद हुआ। मोर्चरी पर मौजूद गांव के पूर्व प्रधान अमन सिंह, ब्रह्म सिंह, गुलाब सिंह एडवोकेट, दीपक कुमार, सुमित कुमार, आनंद, धारा, सोनू आदि ने बताया कि शुक्रवार दुपहर एक बजे शव मोर्चरी पर आ गया था, मगर पुलिस ने पंचनामा नहीं भरा। यदि समय से पंचनामा भरती तो शुक्रवार को ही पोस्टमार्टम हो जाता। पुलिस ने शनिवार सुबह पंचनामा भरकर कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद स्वीपर ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया।
दो डॉक्टरों के पैनल ने किया पीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम के निर्देश पर दो डॉक्टरों के पैनल ने एड्स पीड़ित बंदी के शव का पोस्टमार्टम किया। डॉ प्रवीण त्यागी और डॉ अरविंद गर्ग ने शव का पोस्टमार्टम किया।
स्वीपर के कारण देर हुई
सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि शनिवार सुबह पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई की। शामली का स्वीपर अवकाश पर जाने के कारण यहां के स्वीपर को शामली में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। वहां दो पोस्टमार्टम कराने के बाद वह यहां पहुंचा, जिस कारण पोस्टमार्टम करने में देरी हुई है। कर्मचारियों ने एड्स पीड़ित के शव का विच्छेदन करने से इंकार नहीं किया था।