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कृषि कुंभ में उमड़े छह राज्यों के किसान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:52 AM IST
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कृषि मेले का उद्घाटन करते अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में कृषि कुंभ 2016 का रंगारंग शुभारंभ हुआ। केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान, भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत, किसान नेता वीएम सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटा। भारतीय कृषि अनुसंधान के उप महानिदेशक डॉ जीत सिंह संधू ने कहा कि किसानों को नवीनतम जानकारी वैज्ञानिकों द्वारा दी जाएगी। मेले का उद्देश्य किसानों का सर्वांगीण विकास है।
केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि मेले में छह राज्यों के किसान भाग ले रहे हैं। इस मेले में किसानों को अपनी परंपरागत खेती के साथ बागवानी, सब्जी, पशुपालन की नवीनतम जानकारी मिलेगी। मेले में पशु प्रदर्शनी अहम है। महाराष्ट्र के सांसद राजू शेट्टी, विधायक वृजवासन और कपिलदेव अग्रवाल, हरियाणा के अग्रणी किसान घासीराम नैन ने भी विचार रखे।
भारतीय कृषि अनुसंधान के उपमहानिदेशक डॉ. जीत सिंह संधू ने कहा कि मेले में प्रदर्शित नवीनतम तकनीक का किसान अधिक से अधिक लाभ उठाएंगे। खेती में बदलाव लाकर किस तरह अपनी आमदनी बढ़ाएं यहां किसानों को बताया जा रहा है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के निदेशक डॉ. आजाद सिंह पंवार ने कहा कि किसानों की आर्थिक संपन्नता और आजीविका सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की ई-खेती मोबाइल मैसेजिंग योजना लांच की। किसानों को समय-समय पर मैसेज से नवीनतम जानकारी दी जाएगी।
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किसान मेले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के 57 स्टालों सहित कुल 102 स्टाल लगाए गए हैं। पशुपालन और डेरी प्रौद्योगिकी के 80 स्टाल लगाए गए। मेले में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, तेलंगाना आदि राज्यों के हजारों किसान भाग ले रहे हैं। कृषि पर शोध करने वालों को भी मौका दिया गया है। किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी में गन्ना वैज्ञानिक डॉ. एसडी पाठक, भुवनेश्वर से आए डॉ. एसके अंबष्ट ने किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर बसंती देवी डिग्री कॉलेज बुलंदशहर के छात्रों ने लोक नृत्य और लोक संगीत प्रस्तुत किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन मेले में हुआ।
केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि मेले में छह राज्यों के किसान भाग ले रहे हैं। इस मेले में किसानों को अपनी परंपरागत खेती के साथ बागवानी, सब्जी, पशुपालन की नवीनतम जानकारी मिलेगी। मेले में पशु प्रदर्शनी अहम है। महाराष्ट्र के सांसद राजू शेट्टी, विधायक वृजवासन और कपिलदेव अग्रवाल, हरियाणा के अग्रणी किसान घासीराम नैन ने भी विचार रखे।
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भारतीय कृषि अनुसंधान के उपमहानिदेशक डॉ. जीत सिंह संधू ने कहा कि मेले में प्रदर्शित नवीनतम तकनीक का किसान अधिक से अधिक लाभ उठाएंगे। खेती में बदलाव लाकर किस तरह अपनी आमदनी बढ़ाएं यहां किसानों को बताया जा रहा है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के निदेशक डॉ. आजाद सिंह पंवार ने कहा कि किसानों की आर्थिक संपन्नता और आजीविका सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की ई-खेती मोबाइल मैसेजिंग योजना लांच की। किसानों को समय-समय पर मैसेज से नवीनतम जानकारी दी जाएगी।
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किसान मेले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के 57 स्टालों सहित कुल 102 स्टाल लगाए गए हैं। पशुपालन और डेरी प्रौद्योगिकी के 80 स्टाल लगाए गए। मेले में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, तेलंगाना आदि राज्यों के हजारों किसान भाग ले रहे हैं। कृषि पर शोध करने वालों को भी मौका दिया गया है। किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी में गन्ना वैज्ञानिक डॉ. एसडी पाठक, भुवनेश्वर से आए डॉ. एसके अंबष्ट ने किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर बसंती देवी डिग्री कॉलेज बुलंदशहर के छात्रों ने लोक नृत्य और लोक संगीत प्रस्तुत किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन मेले में हुआ।