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Muzaffarnagar News: चाहत के आधार कार्ड पर लिखे पते की तस्दीक नहीं
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मुजफ्फरनगर। न्याजूपुरा निवासी चाहत का पुलिस को आधार कार्ड मिला है। उस पर लिखे पते को लेकर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की है लेकिन अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।
मोहल्ला न्याजूपुरा निवासी अरबाज ने उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी चाहत के साथ सात माह पहले शादी की थी। वह उसे अपने परिजनों से अलग किराये के कमरे में लेकर रहता था। उसने दूध की डेयरी खोली थी। दोनों ने प्रेम प्रसंग में शादी की थी।
अरबाज ने अपने साथी शाहरुख पुत्र रफीक निवासी जोगियो वाली गली न्याजूपुरा, मूल निवासी चूनसा गांव थाना बाबरी जिला शामली की मदद से अपनी पत्नी चाहत की गर्दन व हाथ के पंजे काटकर हत्या कर शव को बोरे में भर कर काली नदी में फेंक दिया था। 26 जून की रात दोनों आरोपी युवक बोरे को काली नदी के पानी में बहाने के लिए गए थे तब अरबाज को पकड़ लिया गया था जबकि शाहरुख फरार हो गया था। बाद में शाहरुख को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।
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कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस को यह पुख्ता तौर पर जानकारी नहीं मिल पाई कि चाहत वास्तव में कोटद्वार की रहने वाली थी और वह यहां तक कैसे पहुंची थी। हालांकि पति अरबाज ने चाहत को कोटद्वार का निवासी बताया था। पुलिस को जांच पड़ताल में चाहत का आधार कार्ड मिला है, जिस पर उसके पिता का नाम इब्राहिम लिखा है। जो पता लिखा है वह कई दिन की जांच पड़ताल में अभी तक तस्दीक नहीं हो पाया है। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत का कहना है कि आधार कार्ड के बारे में जानकारी की जा रही है।
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मोहल्ला न्याजूपुरा निवासी अरबाज ने उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी चाहत के साथ सात माह पहले शादी की थी। वह उसे अपने परिजनों से अलग किराये के कमरे में लेकर रहता था। उसने दूध की डेयरी खोली थी। दोनों ने प्रेम प्रसंग में शादी की थी।
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अरबाज ने अपने साथी शाहरुख पुत्र रफीक निवासी जोगियो वाली गली न्याजूपुरा, मूल निवासी चूनसा गांव थाना बाबरी जिला शामली की मदद से अपनी पत्नी चाहत की गर्दन व हाथ के पंजे काटकर हत्या कर शव को बोरे में भर कर काली नदी में फेंक दिया था। 26 जून की रात दोनों आरोपी युवक बोरे को काली नदी के पानी में बहाने के लिए गए थे तब अरबाज को पकड़ लिया गया था जबकि शाहरुख फरार हो गया था। बाद में शाहरुख को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।
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कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस को यह पुख्ता तौर पर जानकारी नहीं मिल पाई कि चाहत वास्तव में कोटद्वार की रहने वाली थी और वह यहां तक कैसे पहुंची थी। हालांकि पति अरबाज ने चाहत को कोटद्वार का निवासी बताया था। पुलिस को जांच पड़ताल में चाहत का आधार कार्ड मिला है, जिस पर उसके पिता का नाम इब्राहिम लिखा है। जो पता लिखा है वह कई दिन की जांच पड़ताल में अभी तक तस्दीक नहीं हो पाया है। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत का कहना है कि आधार कार्ड के बारे में जानकारी की जा रही है।