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यातायात माह में भी नहीं थमे हादसे, गई 27 जानें

Sat, 30 Nov 2019 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2019 11:54 PM IST
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Accident did not stop in traffic month, 27 lives
मुजफ्फरनगर। जनपद में यातायात नियमों से बेपरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। एक जनवरी से अब तक जिले में हर माह औसतन 30 से अधिक लोग हादसों में जान गंवा रहे हैं। यातायात माह में लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद यह आंकड़ा 27 रहा। हैरत यह कि अधिकांश मौत तेज रफ्तार, हेलमेट न पहनने और ट्रिपल राइडिंग के चलते हुईं, लेकिन इसके बावजूद लोग हैं कि यातायात नियमों का पालन करने को तैयार नहीं।
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जनपद में वाहन चालक खासकर बाइक सवार यातायात नियमों की परवाह करने को तैयार नहीं हैं, बावजूद इसके कि जिले में हर दिन एक व्यक्ति हादसों में जान गंवा रहा है। आंकड़ों की बात करें तो एक जनवरी 2019 से 30 नवंबर यातायात माह के अंत तक जिले में कुल 528 हादसे हुए। इनमें कुल 326 लोगों की मौत हुई, जबकि 372 घायल हुए। इसका सीधा सा मतलब है कि पिछले 11 माह के भीतर औसतन हर माह 30 से अधिक लोग सड़क हादसों में जान गंवाते रहे यानी हर दिन एक व्यक्ति हादसे में जिंदगी से हाथ धोता रहा। दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से सड़क हादसों का शिकार हुए लोगों में से लगभग दो तिहाई लोग दुपहिया सवार थे, जिनमें से अधिसंख्य 18 से 30 आयु वर्ग के युवा शामिल रहे।
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इससे भी हैरतअंगेज यह कि अधिकांश हादसों की बड़ी वजह तेज रफ्तार, दुपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट न लगाना और ट्रिपल राइडिंग करना रहा। बावजूद इसके लोग खासकर युवा वर्ग यातायात नियमों का पालन करने को तैयार नहीं है। यातायात माह नवंबर में यातायात विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाता रहा, लेकिन इस माह भी 27 लोगों ने हादसों में अपनी जान गंवाई और 24 घायल हुए। इनमें से भी 12 लोगों की जान यातायात माह के आखिरी सप्ताह में गई।
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11 माह में 3730 कटे चालान, छह लाख जुर्माना वसूला
मुजफ्फरनगर। यातायात विभाग द्वारा एक जनवरी से यातायात माह के अंत तक चलाए गए विभिन्न अभियानों के तहत कुल 3730 वाहनों के चालान काटे गए। इन वाहनों से करीब छह लाख का जुर्माना भी वसूल किया गया, लेकिन जेब पर भारी पड़ने के बावजूद लोग यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आए।

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हाईवे पर खड़े ट्रक बन रहे हादसों की वजह
मुजफ्फरनगर/खतौली। दिल्ली-दून हाईवे पर खतौली के भंगेला चेकपोस्ट से पुरकाजी बॉर्डर तक जगह-जगह बड़ी संख्या में ट्रक सड़क किनारे खड़े रहते हैं। हाईवे पर विभिन्न स्थानों पर मौजूद होटल व ढाबों पर इनकी संख्या सबसे अधिक रहती है। हाईवे पर खड़े ये ट्रक भी हादसों का कारण बनते हैं, जिनमें कई बार लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इन ट्रकों को हटवाने के लिए न तो यातायात विभाग आगे आता है, न संबंधित थाना पुलिस और न ही परिवहन विभाग। नतीजतन, आड़े-तिरछे व बेतरतीब तरीके से खड़े ये ट्रक लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं।
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