फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   जुम्मा भी बन गया दंगाइयों का शिकार

जुम्मा भी बन गया दंगाइयों का शिकार

Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
Muzaffar nagar
Muzaffar nagar Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। पिछले साल हुई हिंसा के दौरान लापता हुए एक और ग्रामीण की हत्या की जा चुकी है। गांव हड़ौली निवासी जुम्मा के घर की राख से मिली हड्डियों की जांच में इंसानी होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के बाद एसआईटी ने लापता जुम्मा को मृत मान लिया है। इस संबंध में जल्द ही शासन-प्रशासन को रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी।
विज्ञापन

फुगाना थाना क्षेत्र के गांव हड़ौली निवासी जुम्मा (45) सात सितंबर 2013 को जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान लापता हो गया था। उसके घर को भी दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया था। दंगे के बाद जुम्मा के भाई ने इस संबंध में फुगाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान एसआईटी ने जुम्मा के जले हुए घर के अंदर से मिली राख से कुछ हड्डियां बरामद की थीं, जिन्हें जांच के लिए विधि-विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया था। करीब एक पखवाड़े पूर्व एसआईटी को मिली जांच रिपोर्ट में जुम्मा के घर से मिली जली हुई हड्डियों के इंसानी होने की पुष्टि हो गई है। हालांकि जली हुई हड्डियों की डीएनए जांच संभव नहीं है और हिंसा के बाद से गंाव हड़ौली से जुम्मा ही लापता चल रहा है। इसके चलते जली हड्डियों को एसआईटी ने जुम्मा की ही हड्डियां मान ली है। माना जा रहा है कि सात सितंबर की रात में ही दंगाइयों ने जुम्मा की हत्या कर उसकी लाश को घर के सामान के साथ ही आग के हवाले कर दिया होगा। एसआईटी के एडिशनल एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि जुम्मा के घर से मिली जली हुई हड्डियाें की जांच रिपोर्ट में इंसानी होने की पुष्टि हो गई है। चूंकि केवल वहां से जुम्मा ही लापता था, इसके चलते राख से बरामद की गई हड्डियों को जुम्मा की ही मानते हुए उसे मृत मान लिया गया है। जल्द ही शासन-प्रशासन को इस बाबत रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी।
विज्ञापन


लिसाढ़ से लापता 11 लोगों को भी माना गया है मृत
मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना क्षेत्र के गांव लिसाढ़ से दंगे के बाद से लापता चल रहे 11 लोगों को भी एसआईटी द्वारा पहले ही मृत माना जा चुका है। उनके संबंध में अब तक किसी तरह की सूचना नहीं मिलने के साथ ही उनकी लाशों का भी कोई सुराग नहीं लग सका है। हालांकि जांच के दौरान एसआईटी को तमाम ऐसे साक्ष्य हाथ लगे थे, जिनसे उनकी हत्या की पुष्टि होती है। इसके चलते एसआईटी इन सभी लोगों को भी मृत मानते हुए ही उनकी गुमशुदगी की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जुम्मा के परिजनों को नौकरी और मुआवजा
मुजफ्फरनगर। एसआईटी की जांच में हड़ौली के लापता जुम्मा को मृत मान लिए जाने के साथ ही उसके आश्रित परिजनों को अन्य मृतकों की ही भांति सरकारी नौकरी और मुआवजे का लाभ मिल सकेगा। एडीएम प्रशासन डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जुम्मा की मौत की पुष्टि होने संबंधी एसआईटी की जांच रिपोर्ट अभी उन्हें नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलते ही जुम्मा को मृत घोषित कर उसके परिजनों को सरकारी नौकरी और 13 लाख का निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed