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सचिन हत्याकांड: गवाही से रोकने के लिए की गई हत्या

Sat, 21 Jun 2014 05:34 AM IST
Muzaffar nagar
Muzaffar nagar Updated Sat, 21 Jun 2014 05:34 AM IST
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मुजफ्फरनगर। खतौली में तीन दिन पूर्व पेंट्स कारोबारी सचिन अग्रवाल की दिनदहाड़े हत्या उसे गवाही देने से रोकने के लिए की गई थी। वर्ष 2010 में प्रॉपर्टी के विवाद में सचिन के चाचा पवन अग्रवाल पर हुए कातिलाना हमले और रंगदारी के मामले में सचिन की गवाही पर आरोपियों की सजा का दारोमदार टिका था। आरोपी पक्ष सचिन पर गवाही नहीं देने और समझौता करने का दबाव बनाए था। पुलिस ने शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है।


खतौली में बुधवार दोपहर कारोबारी सचिन अग्रवाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। विरोध में लोगाें ने चार घंटे तक हंगामा कर जाम लगाया था। शुक्रवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते एसपी सिटी श्रवण कुमार ने भैंसी निवासी जवाहर, उसके बेटे परविंदर और इस्लामनगर निवासी एनुल कुरैशी को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। एनुल के पास से एक पिस्टल मय मैगजीन और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। एसपी सिटी ने बताया कि सचिन के चाचा पवन अग्रवाल का जमीन को लेकर भैंसी निवासी जवाहर से विवाद चल रहा था। इसी के चलते वर्ष 2010 में पवन अग्रवाल पर कातिलाना हमला किया गया था। मामले में जवाहर, परविंदर और खालापार निवासी आसिफ जायदा समेत अन्य आरोपी जेल गए थे। सभी पर पवन अग्रवाल से रंगदारी मांगने का भी मामला दर्ज किया गया था। दोनों मुकदमों की सुनवाई कोर्ट में अंतिम दौर में है, जिनमें सचिन अग्रवाल की गवाही होनी थी। आरोपी पक्ष सचिन पर गवाही नहीं देने और समझौते का दबाव बनाए हुए था। कुछ दिन पूर्व आसिफ जायदा का पिता पवन अग्रवाल से भी मिला था। एसपी सिटी ने बताया कि समझौते से इंकार करने पर नैनी जेल में बंद आसिफ जायदा ने सचिन की हत्या की योजना तैयार की। 18 जून को सात लोग तीन बाइकों पर सचिन की दुकान पर पहुंचे और गोलियां मारकर हत्या कर दी। भागते समय बाइक डिवाइडर से टकराने से एनुल कुरैशी घायल हो गया था। एसपी सिटी ने बताया कि राहुल, मनीष और विपिन सभी निवासीगण भैंसी, इमरान निवासी खालापार और खतौली निवासी आलम फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। इस दौरान खतौली सीओ डीके मित्तल भी मौजूद रहे।
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