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समस्याओं से जूझ रहा वेदखेड़ी
Muzaffar nagar
Updated Fri, 20 Jun 2014 05:31 AM IST
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झिंझाना। सरकार गांवों के विकास के बढ़ चढ़कर दावे कर रही है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। गांव में समस्याएं ही समस्याएं हैं। बिजली-पानी, नाली खडंजो के अलावा संपर्क मार्गों की हालत भी खस्ता है। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को जनपद के वेदखेड़ी गांव में ग्रामीणों की समस्या जानने का प्रयास किया -
गांव के किसान समाज सेवी विकास सैनी का कहना है कि गांव में समस्याएं ही समस्याएं हैं। गांव में आने के चार मुख्य मार्ग हैं जो मंसूरा, बरनाऊ, गंजी पावटी, और जमालपुर को गांव से जोड़ते हैं। सभी मार्गों की हालत खस्ता है। वाहनों में रोज पंचर होते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
किसान विपिन सैनी कहते हैं कि घराें से निकालने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए नाला तक नहीं बना है। गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। जयभगवान राणा का कहना था कि गांव में बीमारी की हालत में झिंझाना या शामली जाना पड़ता है। गांव में बने प्राथमिक स्वास्थय केंद्र में कोई एएनएम या डॉक्टर नहीं आता है। इसमें लोग उपले पाथते और अपनी बकरियों को बांधते हैं।
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चौधरी ब्रह्म सिंह का कहना था कि गांव में न तो वृद्धावस्था पेंशन बनी और न ही गरीबों के आवास बने हैं। ग्राम प्रधान ने अपात्राें को बीपीएल कार्ड जारी कर दिए हैं, जबकि पात्र निर्धन इससे वंचित हैं।
समय सिंह सैनी कहते हैं कि गांव में 18 सरकारी हैंड पंप लगे हैं, जिनमें मात्र तीन ही चालू हैं। इनके अलावा ग्रामीण रूपक सैनी, चंद्रपालपाल, अतरसिंह सैनी, मोनू चौहान, भागमल आदि ने ग्राम प्रधान पर गांव में विकास नहीं कराने का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान कर्मबीर सिंह वाल्मीकि कहते हैं कि गांव में कई विकास कार्य कराए हैं। नाली खडंजे भी बन रहे हैं।
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गांव के किसान समाज सेवी विकास सैनी का कहना है कि गांव में समस्याएं ही समस्याएं हैं। गांव में आने के चार मुख्य मार्ग हैं जो मंसूरा, बरनाऊ, गंजी पावटी, और जमालपुर को गांव से जोड़ते हैं। सभी मार्गों की हालत खस्ता है। वाहनों में रोज पंचर होते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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किसान विपिन सैनी कहते हैं कि घराें से निकालने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए नाला तक नहीं बना है। गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। जयभगवान राणा का कहना था कि गांव में बीमारी की हालत में झिंझाना या शामली जाना पड़ता है। गांव में बने प्राथमिक स्वास्थय केंद्र में कोई एएनएम या डॉक्टर नहीं आता है। इसमें लोग उपले पाथते और अपनी बकरियों को बांधते हैं।
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चौधरी ब्रह्म सिंह का कहना था कि गांव में न तो वृद्धावस्था पेंशन बनी और न ही गरीबों के आवास बने हैं। ग्राम प्रधान ने अपात्राें को बीपीएल कार्ड जारी कर दिए हैं, जबकि पात्र निर्धन इससे वंचित हैं।
समय सिंह सैनी कहते हैं कि गांव में 18 सरकारी हैंड पंप लगे हैं, जिनमें मात्र तीन ही चालू हैं। इनके अलावा ग्रामीण रूपक सैनी, चंद्रपालपाल, अतरसिंह सैनी, मोनू चौहान, भागमल आदि ने ग्राम प्रधान पर गांव में विकास नहीं कराने का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान कर्मबीर सिंह वाल्मीकि कहते हैं कि गांव में कई विकास कार्य कराए हैं। नाली खडंजे भी बन रहे हैं।