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सरकार ने मांगे नहीं माने तो फिर होगा आंदोलन
Muzaffar nagar
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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मुजफ्फरनगर। सरकार ने सहमति पत्र में शामिल मांगों को तय अवधि में नहीं माना तो हमें फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह बात भूमि सुधार एवं अधिकार एजेंडा लागू कराने की मांग को लेकर जन सत्याग्रह आंदोलन चलाने वाले गांधीवादी नेता पीवी राजगोपाल ने कही।
उन्होंने पीडब्लूूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारवार्ता कर कहा कि जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए शुरू कए गए जन सत्याग्रह आंदोलन में अब तक लाखों लोग जुड़ चुके हैं। नीति को लागू करने की मांग को लेकर गत दो अक्टूबर को करीब 50 हजार लोगों के साथ ग्वालियर से जन सत्याग्रह यात्रा शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि काफिला आगरा पहुंचा तो सरकार ने अपने प्रतिनिधि के रूप में तीन मंत्रियों को भेजा। आगरा में सहमति बनी कि सरकार भूमि सुधार नीति, कृषि भूमि एवं वास भूमि के वैधानिक अधिकार, वंचित भूमिहीनों के लिए भूमि की उपलब्धता, फास्ट ट्रैक भूमि न्यायाधिकरण, पंचायत अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार अधिनियम, वन अधिकार अधिनियम आदि मांगों को लेकर तय किया गया कि आगामी छह माह में उनका क्रियान्वयन किया जाएगा। यदि इस अवधि में इसका निराकरण नहीं हुआ तो आगरा में जिस स्थान से जन सत्याग्रह आंदोलन स्थगित किया गया था, उसी स्थान से फिर से शुरू किया जाएगा। इस दौरान सतीश जैन, देवेंद्र कुमार, विनोद कुमार, राजकुमार जैन, नरेंद्र कुमार जैन आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने पीडब्लूूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारवार्ता कर कहा कि जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए शुरू कए गए जन सत्याग्रह आंदोलन में अब तक लाखों लोग जुड़ चुके हैं। नीति को लागू करने की मांग को लेकर गत दो अक्टूबर को करीब 50 हजार लोगों के साथ ग्वालियर से जन सत्याग्रह यात्रा शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि काफिला आगरा पहुंचा तो सरकार ने अपने प्रतिनिधि के रूप में तीन मंत्रियों को भेजा। आगरा में सहमति बनी कि सरकार भूमि सुधार नीति, कृषि भूमि एवं वास भूमि के वैधानिक अधिकार, वंचित भूमिहीनों के लिए भूमि की उपलब्धता, फास्ट ट्रैक भूमि न्यायाधिकरण, पंचायत अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार अधिनियम, वन अधिकार अधिनियम आदि मांगों को लेकर तय किया गया कि आगामी छह माह में उनका क्रियान्वयन किया जाएगा। यदि इस अवधि में इसका निराकरण नहीं हुआ तो आगरा में जिस स्थान से जन सत्याग्रह आंदोलन स्थगित किया गया था, उसी स्थान से फिर से शुरू किया जाएगा। इस दौरान सतीश जैन, देवेंद्र कुमार, विनोद कुमार, राजकुमार जैन, नरेंद्र कुमार जैन आदि मौजूद रहे।
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