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स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं ग्रामीण
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:04 AM IST
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मोरना। स्वच्छता अभियान को लेकर प्रशासन कितने भी दावे कर लें, लेकिन वास्तविकता से सभी दावे कोसों दूर हैं। एक ओर प्रशासन जनपद को खुले में शौच मुक्त करने के आंकड़े प्रस्तुत कर रहा है। वहीं, मोरना ब्लाक क्षेत्र के कई गांवों में ग्रामीण खुले में शौच कर सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं।
विकास खंड मोरना के गांव शुक्रतारी, फिरोजपुर, बहुपुरा, इलाहाबास, बिहारगढ़, भुवापुर, मीरावाला, बरुकी, खोकनी, भेड़ाहेड़ी, वजीराबाद, ककराला, नंगला बुजुर्ग, बाकरनगर, मजलिसपुर तौफीर, खैरनगर, महाराजनगर, निरगाजनी, सिताबपुरी, नंहेड़ी, नंहेड़ा, नंगला बुजुर्ग आदि दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शौचालय बनाने के नाम पर बंदरबांट की गई है। जिसके चलते अपात्रों के शौचालय बन गए तथा पात्र व्यक्ति आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। गांव शुक्रतारी के ग्रामीण सुबह सवेरे गन्ने के खेतों में शौच के लिए जाते हैं। नगर पंचायत भोकरहेड़ी की मलिन बस्तियों की महिलाएं व पुरुष खुले में शौच के लिए जाते हैं। वहीं भोकरहेड़ी देहात के गांव हाजीपुर की आधे से अधिक आबादी खुले में शौच को मजबूर हैं। इस तरह से ग्रामीण प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं।
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विकास खंड मोरना के गांव शुक्रतारी, फिरोजपुर, बहुपुरा, इलाहाबास, बिहारगढ़, भुवापुर, मीरावाला, बरुकी, खोकनी, भेड़ाहेड़ी, वजीराबाद, ककराला, नंगला बुजुर्ग, बाकरनगर, मजलिसपुर तौफीर, खैरनगर, महाराजनगर, निरगाजनी, सिताबपुरी, नंहेड़ी, नंहेड़ा, नंगला बुजुर्ग आदि दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शौचालय बनाने के नाम पर बंदरबांट की गई है। जिसके चलते अपात्रों के शौचालय बन गए तथा पात्र व्यक्ति आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। गांव शुक्रतारी के ग्रामीण सुबह सवेरे गन्ने के खेतों में शौच के लिए जाते हैं। नगर पंचायत भोकरहेड़ी की मलिन बस्तियों की महिलाएं व पुरुष खुले में शौच के लिए जाते हैं। वहीं भोकरहेड़ी देहात के गांव हाजीपुर की आधे से अधिक आबादी खुले में शौच को मजबूर हैं। इस तरह से ग्रामीण प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं।
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