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रेलवे लाइन की पटरी बिछाई, सात घंटे फाटक बंद
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:05 AM IST
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रेलवे लाइन की पटरी बिछाई, सात घंटे फाटक बंद
खतौली। रेल मंत्रालय के कर्मचारियों ने गांव भैंसी का रेलवे फाटक करीब 7 घंटे तक पूर्णत: बंद करके क्रेन से रेलवे के दोहरीकरण की पटरी को बिछाया। मिट्टी व पत्थरों को हटवाने के लिए जेसीबी मशीन को भी लगाया गया। हालांकि इस दौरान कोई भी ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। सात घंटे तक फाटक बंद होने से आसपास के ग्रामीणों को आने जाने तथा वाहन सवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बता दें कि गाजियाबाद से टपरी तक रेलवे लाइन की दोहरीकरण का काम युद्धस्तर पर संचालित है। गाजियाबाद से खतौली तक दोहरीकरण की रेलवे लाइन को बिछाया जा चुका है। खतौली स्टेशन तक इस दोहरीकरण लाइन पर ट्रेनें भी दौड़ रही है। शनिवार की सुबह करीब नौ बजे कर्मचारियों ने भैंसी का फाटक बंद कर दिया था। कर्मचारियों ने सुबह 9.30 बजे दोहरीकरण की रेलवे पटरी बिछाने का काम शुरू किया तो इस दौरान क्रेन खराब हो गई, जिस कारण कर्मचारियों को काम रोकना पड़ा। कर्मचारियों ने दूसरी क्रेन को मंगवाया। इस वजह से दोपहर बाहर बजे से दोबारा फाटक बंद करके पटरी बिछाने का काम शुरु करना पड़ा। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम के सात बजे तक पटरी बिछाने का काम चला। सात घंटे तक पटरी बिछाने के दौरान एक भी ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। फाटक बंद होने से लोगों को परेशानियां जरूर उठानी पड़ी। वाहन सवारों को अन्य दूसरे स्थानों से निकलना पड़ा।
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खतौली। रेल मंत्रालय के कर्मचारियों ने गांव भैंसी का रेलवे फाटक करीब 7 घंटे तक पूर्णत: बंद करके क्रेन से रेलवे के दोहरीकरण की पटरी को बिछाया। मिट्टी व पत्थरों को हटवाने के लिए जेसीबी मशीन को भी लगाया गया। हालांकि इस दौरान कोई भी ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। सात घंटे तक फाटक बंद होने से आसपास के ग्रामीणों को आने जाने तथा वाहन सवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बता दें कि गाजियाबाद से टपरी तक रेलवे लाइन की दोहरीकरण का काम युद्धस्तर पर संचालित है। गाजियाबाद से खतौली तक दोहरीकरण की रेलवे लाइन को बिछाया जा चुका है। खतौली स्टेशन तक इस दोहरीकरण लाइन पर ट्रेनें भी दौड़ रही है। शनिवार की सुबह करीब नौ बजे कर्मचारियों ने भैंसी का फाटक बंद कर दिया था। कर्मचारियों ने सुबह 9.30 बजे दोहरीकरण की रेलवे पटरी बिछाने का काम शुरू किया तो इस दौरान क्रेन खराब हो गई, जिस कारण कर्मचारियों को काम रोकना पड़ा। कर्मचारियों ने दूसरी क्रेन को मंगवाया। इस वजह से दोपहर बाहर बजे से दोबारा फाटक बंद करके पटरी बिछाने का काम शुरु करना पड़ा। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम के सात बजे तक पटरी बिछाने का काम चला। सात घंटे तक पटरी बिछाने के दौरान एक भी ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। फाटक बंद होने से लोगों को परेशानियां जरूर उठानी पड़ी। वाहन सवारों को अन्य दूसरे स्थानों से निकलना पड़ा।
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