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श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं अलौकिक: त्रिपाठी
Updated Fri, 25 May 2018 01:05 AM IST
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मुजफ्फरनगर। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं अलौकिक है। इन लीलाओं का अपना महत्व है। कथा व्यास ने भगवान कृष्ण के 16108 विवाह की कहानी का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके भगवान ने इन कन्याओं को सम्मान दिया।
आर्य कन्या इंटर कॉलेज में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की 16108 शादी सामान्य रुप से नहीं हुई। इन शादी के पीछे बड़ी कहानी है। एक राक्षस ने इन कन्याओं को बंदी बना रखा था। वह राक्षस इतना अधिक बलशाली था कि कोई भी अगर उन्हें बचाने के लिए जाता तो वह राक्षस उसका वध कर देता। सभी बालिकाओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और उनसे प्रार्थना की कि हे भगवान हमें बचाओ और इस नर्क से निकालो। भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी प्रार्थना को सुना और उन कन्याओं को वहां से मुक्त कराया। कन्याएं आजाद होने के बाद बोली कि भगवान आपने हमें मुक्त करा दिया, लेकिन हम जायें कहां। ये दुनियादारी और समाज हमें जीने नहीं देगा। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी व्यथा को समझा और उनसे एक साथ विवाह कर समाज में उनकों सम्मान दिया। महाराज जी ने रूकमणि विवाह, कंस वध एवं रासलीला का वर्णन किया। कथा में अशोक गर्ग, प्रतीक, अंकुर सिंघल, संजय शर्मा, लक्की, राजन, अनुराग शर्मा, प्रियांशु गर्ग, प्रिंस गर्ग, दीपक गोयल, राघव गोयल, संदीप सिंघल, आशीष वर्मा, आकाश वर्मा, मोहित गोयल, मोनू, संजय सिंघल, विजय गुप्ता आदि रहे।
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आर्य कन्या इंटर कॉलेज में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की 16108 शादी सामान्य रुप से नहीं हुई। इन शादी के पीछे बड़ी कहानी है। एक राक्षस ने इन कन्याओं को बंदी बना रखा था। वह राक्षस इतना अधिक बलशाली था कि कोई भी अगर उन्हें बचाने के लिए जाता तो वह राक्षस उसका वध कर देता। सभी बालिकाओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और उनसे प्रार्थना की कि हे भगवान हमें बचाओ और इस नर्क से निकालो। भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी प्रार्थना को सुना और उन कन्याओं को वहां से मुक्त कराया। कन्याएं आजाद होने के बाद बोली कि भगवान आपने हमें मुक्त करा दिया, लेकिन हम जायें कहां। ये दुनियादारी और समाज हमें जीने नहीं देगा। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी व्यथा को समझा और उनसे एक साथ विवाह कर समाज में उनकों सम्मान दिया। महाराज जी ने रूकमणि विवाह, कंस वध एवं रासलीला का वर्णन किया। कथा में अशोक गर्ग, प्रतीक, अंकुर सिंघल, संजय शर्मा, लक्की, राजन, अनुराग शर्मा, प्रियांशु गर्ग, प्रिंस गर्ग, दीपक गोयल, राघव गोयल, संदीप सिंघल, आशीष वर्मा, आकाश वर्मा, मोहित गोयल, मोनू, संजय सिंघल, विजय गुप्ता आदि रहे।
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