फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   64 fake Aadhar Card links in e-pos machines

ई-पॉस मशीनों में लिंक किए 64 फर्जी आधार कार्ड

Fri, 31 Aug 2018 12:26 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 31 Aug 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
64 fake  Aadhar Card  links in e-pos machines
अनाज घोटाला - फोटो : amar ujala
राशन खाद्यान्न की लूट का नेटवर्क गहरा है। ई-पॉस मशीनों से आधार कार्ड को लिंक कर राशन वितरण की फूल प्रूफ व्यवस्था में ही सेंध लगा दी गई। अंदेशा जताया गया है कि जिला पूर्ति विभाग की मिलीभगत के बिना यह फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। जिले के नगरीय क्षेत्र में 64 फर्जी आधार कार्ड नंबरों को बायोमेट्रिक मशीन से लिंक किया गया, जिससे जरिये 19,795 बार अवैध रूप से सरकारी राशन का गोलमाल कर दिया गया। जनपद में हजम किए गए कोटे की कीमत क्या है अभी तक यह सच्चाई नहीं बताई गई है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के एनआईसी के सॉफ्टवेयर और आधार कार्ड लिंकेज सिस्टम में फर्जीवाड़े से राशन खाद्यान्न में हेराफेरी का खुलासा चौंकाने वाला है। मुजफ्फरनगर में ई-पॉस मशीनों पर 64 आधार कार्ड नंबरों को फर्जी तरीके से लिंक किया गया। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन थी, जिसके लिए पूर्ति निरीक्षकों और संबंधित ऑपरेटरों को पासवर्ड दिया गया था। विभागीय मिलीभगत के बिना आधार कार्ड नंबरों का फर्जीवाड़ा नहीं हो सकता था।
विज्ञापन


खाद्य एवं रसद आयुक्त आलोक कुमार ने जुलाई माह में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में राशन उपभोक्ताओं को मिल रहे कोटे की गहनता से जांच कराई, जिसमें खुलासे के बाद होश उड़ गए। सूबे के 43 जिलों में 1.86 लाख परिवारों को फर्जी वितरण दिखाया गया, जिसमें मुजफ्फरनगर में भी बड़ा गड़बड़झाला मिला। जिले में फर्जी आधार कार्ड नंबरों के माध्यम से अभी तक 19,795 मर्तबा राशन खाद्यान्न आहरण कर लिया गया। यह सरकारी खाद्यान्न किन-किन कोटेदारों के यहां पंजीकृत फर्जी आधार कार्ड से जुड़े राशन कार्डों पर लिया गया है, इसकी पूरी जानकारी विभाग के पास थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रति माह जो फर्जी राशन वितरण किया गया, उसकी बिक्री की रकम में विभागीय कर्मचारी भी हिस्सेदार रहे हैं। शासन की सख्ती के बाद डीएम के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षकों ने सात थानों में 64 फर्जी आधार कार्डधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। हालांकि घेरे में आए राशन विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराने पर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

फर्जीवाड़े में जिले में कितनी कीमत का खाद्यान्न चोरी किया गया, उसका अनुमानित मूल्य अभी सामने आना बाकी है। जिले में राशन की दुकानों के आवंटन और खाद्यान्न वितरण में सफेदपोशों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का हस्तक्षेप रहा है। शहर और खतौली नगर पालिका तथा आठ नगर पंचायत क्षेत्रों में कुल 177 राशन की दुकानों से खाद्यान्न वितरण हो रहा है, जिसमें 117 नगर और कसबों में संचालित है।

ज्यादातर गोलमाल मुजफ्फरनगर शहर के कोटे में ही किया गया है। इसके अलावा बुढ़ाना, भौराकलां, मीरापुर, जानसठ, पुरकाजी में भी घोटाले की जड़ें मिली है। जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार पुष्कर ने 64 राशन कार्डो में फर्जी आधार कार्ड नंबरों से सरकारी राशन लिए जाने की पुष्टि की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऑपरेटरों ने जो खेल खेला, उसकी अनदेखी पूर्ति निरीक्षकों ने क्यों की?

तीन ऑपरेटरों के खिलाफ मुकदमे की तैयारी
मुजफ्फरनगर। ई-पॉस मशीन में अपने पासवर्ड से जिन विभागीय ऑपरेटरों ने छेड़छाड़ कर गलत फर्जी आधार नंबर लिंक किया, उनके खिलाफ पूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा ने सिविल लाइन थाने में बृहस्पतिवार को तहरीर दे दी। वास्तविक लाभार्थी के बजाय डाटा बेस में फर्जी तरीके से आधार कार्ड संख्या जोड़ी गई। उन्हीं के अंगुठे के निशान लेकर राशन की लूट होती रही।


पूरी प्रक्रिया ऑन लाइन ऑपरेटर तथा पूर्ति निरीक्षक की आईडी पर हुई थी। गहनता से जांच के बाद क्षेत्रीय खाद्य कार्यालय के तीन ऑपरेटर अकरम पुत्र इदरीश निवासी किदवईनगर, शुभम तायल पुत्र सुशील निवासी कृष्णापुरी तथा शशिकांत निवासी मोरना की संलिप्ता सामने आई है। उनके विरुद्ध साइबर क्राइम, धोखाधड़ी का मुकदमा पूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा की ओर से लिखवाने को सिविल लाइन इंस्पेक्टर डीके त्यागी को तहरीर दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed