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विदेश में दे दिया था जवाब, न्यूरो सर्जन डॉ सुधीर ने बचाई जान
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:56 AM IST
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विदेश में दे दिया था जवाब, न्यूरो सर्जन डॉ सुधीर ने बचाई जान
मुजफ्फरनगर। स्विटजरलैंड घूमने गए एक चिकित्सक को ब्रेन स्ट्रोक की वजह से वहां के लुसान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, मगर विदेशी चिकित्सकों ने उन्हें जवाब दे दिया। मुजफ्फरनगर निवासी एवं अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली में न्यूरो सर्जन डॉ त्यागी ने रोगी को एयर एंबुलेंस से बुला कर उनका ऑपरेशन किया और जान बचाने में कामयाब हो गए।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव सोंहजनी तगान निवासी डॉ सुधीर त्यागी ख्यातिलब्ध न्यूरो सर्जन है। मध्य प्रदेश के शहर इटारसी के डॉ अजीत दूबे एवं पत्नी डॉ नीता 23 अगस्त को स्विटजरलैंड के टूर पर गए थे। अचानक डॉ दूबे को बोलने में दिक्कत आई और उनके दाहिने पैर में कंपन होने लगा। स्थिति को गंभीर जान उनकी पत्नी ने मेडिकल मदद मांगी। तत्काल हेलीकॉप्टर सेवा से उन्हें लुसान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जांच में सामने आया कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ है और मस्तिष्क के बाएं हिस्से में एक बड़ा क्लॉट आ गया है। 62 साल के डॉ दूबे के स्वास्थ्य में सुधार नहीं ला पाए। बेहतर इलाज की कोशिश नाकाम होती देख डॉ नीता ने दिल्ली में अपोलो हास्पिटल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ सुधीर त्यागी से संपर्क किया। रोगी की केस हिस्ट्री देखने के बाद उन्हें तत्काल दिल्ली बुलाया गया। बकौल डॉ सुधीर त्यागी, जब डॉ दूबे को यहां लाया गया वो वेंटीलेटर पर थे। मेडिसन की अधिक डोज से उनके ब्लड प्रेशर को बरकरार रखने का प्रयास हो रहा था। ऑपरेशन से पहले उनकी हालत में सुधार लाया गया। फिर तीन घंटे उनके मस्तिष्क की शल्य क्रिया की गई। फिलहाल डॉ दूबे की जान बच गई है, बल्कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। बतातें चले कि किसान बाबूराम त्यागी के बेटे डॉ सुधीर त्यागी अपने व्यस्त शेडयूल के बावजूद हर माह रविवार में गांव आते हैं और मरीजों को नि:शुल्क परामर्श देते है।
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मुजफ्फरनगर। स्विटजरलैंड घूमने गए एक चिकित्सक को ब्रेन स्ट्रोक की वजह से वहां के लुसान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, मगर विदेशी चिकित्सकों ने उन्हें जवाब दे दिया। मुजफ्फरनगर निवासी एवं अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली में न्यूरो सर्जन डॉ त्यागी ने रोगी को एयर एंबुलेंस से बुला कर उनका ऑपरेशन किया और जान बचाने में कामयाब हो गए।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव सोंहजनी तगान निवासी डॉ सुधीर त्यागी ख्यातिलब्ध न्यूरो सर्जन है। मध्य प्रदेश के शहर इटारसी के डॉ अजीत दूबे एवं पत्नी डॉ नीता 23 अगस्त को स्विटजरलैंड के टूर पर गए थे। अचानक डॉ दूबे को बोलने में दिक्कत आई और उनके दाहिने पैर में कंपन होने लगा। स्थिति को गंभीर जान उनकी पत्नी ने मेडिकल मदद मांगी। तत्काल हेलीकॉप्टर सेवा से उन्हें लुसान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जांच में सामने आया कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ है और मस्तिष्क के बाएं हिस्से में एक बड़ा क्लॉट आ गया है। 62 साल के डॉ दूबे के स्वास्थ्य में सुधार नहीं ला पाए। बेहतर इलाज की कोशिश नाकाम होती देख डॉ नीता ने दिल्ली में अपोलो हास्पिटल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ सुधीर त्यागी से संपर्क किया। रोगी की केस हिस्ट्री देखने के बाद उन्हें तत्काल दिल्ली बुलाया गया। बकौल डॉ सुधीर त्यागी, जब डॉ दूबे को यहां लाया गया वो वेंटीलेटर पर थे। मेडिसन की अधिक डोज से उनके ब्लड प्रेशर को बरकरार रखने का प्रयास हो रहा था। ऑपरेशन से पहले उनकी हालत में सुधार लाया गया। फिर तीन घंटे उनके मस्तिष्क की शल्य क्रिया की गई। फिलहाल डॉ दूबे की जान बच गई है, बल्कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। बतातें चले कि किसान बाबूराम त्यागी के बेटे डॉ सुधीर त्यागी अपने व्यस्त शेडयूल के बावजूद हर माह रविवार में गांव आते हैं और मरीजों को नि:शुल्क परामर्श देते है।
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