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आयकर टीम ने पालिका में रिकार्ड खंगाला
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:35 AM IST
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आयकर टीम ने पालिका में रिकार्ड खंगाला
खतौली। नगरपालिका में आयकर विभाग के अधिकारी वीके सिंधु ने टीम के साथ ठेकेदारों की टीडीएस के रिकार्डों की जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल में 2004 व 2005 की टीडीएस फाइल नहीं मिली। आयकर अधिकारी ने अब 2017 तक की टीडीएस फाइलों की जांच पड़ताल की बात कही है।
नगरपालिका में निर्माण कायों के ठेके लेने वाले ठेकेदारों को टीडीएस नहीं मिला है। जबकि पालिका की ओर से ठेकेदारों से टीडीएस काट लिया गया। ठेकेदारों का 2004 से 2005 तक का करीब साढ़े सात लाख रुपये टीडीएस बनता है। इन ठेकेदारों की शिकायत पर बृहस्पतिवार को टीडीएस के आयकर अधिकारी टीम के साथ पालिका में पहुंचे। टीम ने पालिका में एकाउंटेंट से रिकार्ड मांगा। एकाउंटेंट ने टीम को बताया कि जांच पड़ताल में अधिकारियों ने दोनों वर्षों का रिकार्ड सील कर दिया था। इसलिए रिकार्ड पालिका में नहीं है। जिस पर आयकर अधिकारी ने नाराजगी भी जताई। इसके अलावा टीम ने अन्य वर्ष के टीडीएस फाइलों का अवलोकन किया। आयकर अधिकारी ने बताया कि इन फाइलों के आने पर अबकी बार 2017 तक का रिकार्ड चेक किया जाएगा।
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खतौली। नगरपालिका में आयकर विभाग के अधिकारी वीके सिंधु ने टीम के साथ ठेकेदारों की टीडीएस के रिकार्डों की जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल में 2004 व 2005 की टीडीएस फाइल नहीं मिली। आयकर अधिकारी ने अब 2017 तक की टीडीएस फाइलों की जांच पड़ताल की बात कही है।
नगरपालिका में निर्माण कायों के ठेके लेने वाले ठेकेदारों को टीडीएस नहीं मिला है। जबकि पालिका की ओर से ठेकेदारों से टीडीएस काट लिया गया। ठेकेदारों का 2004 से 2005 तक का करीब साढ़े सात लाख रुपये टीडीएस बनता है। इन ठेकेदारों की शिकायत पर बृहस्पतिवार को टीडीएस के आयकर अधिकारी टीम के साथ पालिका में पहुंचे। टीम ने पालिका में एकाउंटेंट से रिकार्ड मांगा। एकाउंटेंट ने टीम को बताया कि जांच पड़ताल में अधिकारियों ने दोनों वर्षों का रिकार्ड सील कर दिया था। इसलिए रिकार्ड पालिका में नहीं है। जिस पर आयकर अधिकारी ने नाराजगी भी जताई। इसके अलावा टीम ने अन्य वर्ष के टीडीएस फाइलों का अवलोकन किया। आयकर अधिकारी ने बताया कि इन फाइलों के आने पर अबकी बार 2017 तक का रिकार्ड चेक किया जाएगा।
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