फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   बिना दाखिले ही देवबंद में रह रहे सैकड़ों छात्र

बिना दाखिले ही देवबंद में रह रहे सैकड़ों छात्र

Sun, 24 Feb 2019 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 24 Feb 2019 11:36 PM IST
विज्ञापन
बिना दाखिले ही देवबंद में रह रहे सैकड़ों छात्र
बिना दाखिले ही देवबंद में रह रहे सैकड़ों छात्र
विज्ञापन

देवबंद (सहारनपुर)। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पकड़े जाने के बाद भी बिना प्रवेश देवबंद में रह रहे सैकड़ों छात्रों की जांच किए जाने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इतना ही नहीं, पुलिस प्रशासन के आदेश के बावजूद प्राइवेट हॉस्टलों के मालिकों ने खुफिया विभाग को किराएदारों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई है।
नगर के ईदगाह रोड पर मोहल्ला खानकाह में स्थित नाज मंजिल से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के पकड़े जाने के बाद भी सरकारी मशीनरी लापरवाही वाला रवैया अपनाए हुए हैं। देवबंद में विभिन्न राज्यों के सैकड़ों छात्र बिना प्रवेश के नगर में अलग-अलग स्थानों पर किराए के कमरे लेकर रह रहे हैं। लेकिन इनकी जांच किए जाने के नाम पर कार्रवाई शून्य है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब इन छात्रों का किसी कालेज या मदरसे में प्रवेश ही नहीं है तो फिर इनके यहां रहने का उद्देश्य क्या है। यह जांच का विषय है। वहीं, आतंकियों के पकड़े जाने के बाद खुफिया विभाग ने कमरे किराये पर देने वाले मकान मालिकों को आदेश दिया था कि वह अपने यहां रहने वाले लोगों के बारे में समस्त जानकारी देंगे और रजिस्ट्रर तैयार करेंगे। लेकिन कई दिन गुजर जाने के बाद भी आज तक किसी भी भवन स्वामी ने न तो खुफिया विभाग को किराएदारों की सूची उपलब्ध कराई और न ही रजिस्टर तैयार किए गए। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जो भवन स्वामी इसका पालन नहीं करेगा और किराएदारों के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं कराएगा उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन

बाहर से आकर देवबंद में बसे, बड़े कारोबार भी जमाए
देवबंद। देवबंद में एक बड़ी तादाद ऐसे लोगों की है जो बाहर से यहां आकर रहने लगे हैं और देखते ही देखते उन्होंने अपने बड़े कारोबार भी जमा लिए। साथ ही इन लोगों ने शहर के अंदर ही शानदार मकान तक बनाए हुए हैं। नजर दौड़ाई जाए तो पता लगेगा कि शहर में जितनी भी नई कालोनियां काटी जा रही हैं। इनमें अधिकांश बाहर के लोगों ने प्लाट खरीदे हुए हैं। यही नहीं यह लोग आबादी के बीचो बीच मकानों की खरीद फरोख्त का कार्य कर मोटी कमाई भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed